अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मीडिया अकाउंट से पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा के खिलाफ एक बेहद आपत्तिजनक वीडियो शेयर किया गया, जिसके बाद अमेरिका के राजनीति में हड़कंप मच गया। इस वीडियो में अर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर के बराक ओबामा और मिशेल ओबामा के चेहरों को बंदर के शरीर पर लगा दिया था। अमेरिका में किसी ब्लैक कलर के व्यक्ति की तुलना बंदर से करना बहुत ही अपमानजनक माना जाता है। अमेरिका में नस्लवाद का इतिहास बहुत पुराना है, यहां अश्वेत समुदाय के लोगों को नफरत भरी निगाहों से देखा जाता हैं। इस विडियो के बाहर आने के बाद वहां के लोगों में आक्रोश देखा गया और इसे बहुत ही गंदा काम बताया गया।

 

शुरुआत में तो व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इसे एक मामूली मजाक बताया। उन्होंने कहा कि लोग बिना बात के गुस्सा कर रहे हैं। लेकिन जब ट्रंप की अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं ने इस वीडियो को 'शर्मनाक' और 'गलत' कहना शुरू किया, तब सरकार को अपनी गलती का अहसास हुआ। दबाव इतना बढ़ गया कि व्हाइट हाउस को वह वीडियो डिलीट करना पड़ा। इसके बाद सरकार की तरफ से बयान आया कि यह राष्ट्रपति ट्रंप ने नहीं किया था, बल्कि उनके एक स्टाफ मेंबर से गलती हो गई थी।

 

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वीडियो में क्या था?

वह वीडियो करीब एक मिनट का था। इसमें पहले तो चुनाव की बातें थीं, लेकिन आखिर के कुछ सेकंड में ओबामा कपल को बंदरों के तौर पर नाचते हुए दिखाया गया। जैसे ही यह वीडियो लोगों ने देखा, वे भड़क गए। लोगों का कहना है कि इतने बड़े पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी नफरत भरी चीजें शेयर नहीं करनी चाहिए।

 

ट्रंप को अपनी पार्टी के नेताओं ने ही घेरा

इस विवाद में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ट्रंप के विरोधी ही नहीं, बल्कि उनकी अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं ने भी उनकी जमकर आलोचना की। ट्रंप की पार्टी के नेता सीनेटर टिम स्कॉट ने इसे 'व्हाइट हाउस की अब तक की सबसे रेसिस्ट  हरकत' बताया। वहीं रिपब्लिकन सांसद माइक लॉलर ने इसे बेहद शर्मनाक कहा और राष्ट्रपति से माफी की मांग की। अपनी ही पार्टी से घिरने के बाद व्हाइट हाउस पर वीडियो हटाने का भारी दबाव बन गया था।

ट्रंप ने क्या कहा?

जब इस पूरे बवाल पर राष्ट्रपति ट्रंप से सवाल किया गया, तो उन्होंने सारा दोष अपने स्टाफ पर डाल दिया। ट्रंप ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने वीडियो को पूरा नहीं देखा था। उन्होंने कहा, 'मैंने सिर्फ वीडियो का शुरुआती हिस्सा देखा था जो 2020 के चुनाव के बारे में था। मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वीडियो के आखिर में कुछ ऐसी तस्वीरें लगी होंगी, जिनसे किसी की भावनाओं को चोट पहुंचें।' विपक्षी नेताओं का कहना है कि इतने बड़े पद पर रहने वाले व्यक्ति को ऐसी 'गलती' के लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

 

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मामला क्यों बढ़ गया?

अभी अमेरिका में 'ब्लैक हिस्ट्री मंथ' चल रहा है, जो ब्लैक लोगों के सम्मान का महीना होता है। ऐसे समय में देश के पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ ऐसा वीडियो आना, जिसे लोगों में आक्रोश भर दिया।  व्हाइट हाउस ने उस वीडियो को अब हटा दिया है, लेकिन इस पर राजनीति अभी भी गरमाई हुई है।