ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह करने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' नहीं खोला जाता है तो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले होंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ अब किसी तरह के समझौते में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर 48 घंटों के भीतर ईरान ने होर्मुज नहीं खोला तो बड़ी तबाही मचाएंगे। 

डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी है अगर 48 घंटों के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से और बिना किसी खतरे के नहीं खोलता है तो अमेरिका, अलग-अलग पावर प्लांट्स पर हमला करेगा, उन्हें पूरी तरह से तबाह कर देगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ईरान का नेतृत्व समाप्त हो चुका है। ईरान की नौसेना और वायुसेना नष्ट हो गई है। अब वह डील चाहता है लेकिन अमेरिका नहीं, क्योंकि उसके लक्ष्य निर्धारित समय से हफ्तों पहले ही हासिल हो चुके हैं।'

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ईरान ने बढ़ाए इजरायल पर सैन्य हमले 

ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। दक्षिणी शहर अराद में मिसाइल गिरने से दर्जनों लोग घायल हुए और डिमोना में परमाणु कार्यक्रम से जुड़े इलाके के पास एक इमारत क्षतिग्रस्त हुई। इजरायली सेना ने कहा कि इस हफ्ते ईरान पर हमले और तेज किए जाएंगे।

डिएगो गार्सिया  पर भी ईरान ने बरसाए बम

ईरान ने अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर भी मिसाइल दागने की कोशिश की। यह जगह, ईरान से 2000 मील से अधिक दूर है। अभी तक यह हमला असफल रहा है। ब्रिटेन ने इसे ईरान की लापरवाह कार्रवाई करार दी है। अब ईरान की मिसाइल क्षमताओं पर भी सवाल उठे हैं।

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ईरान के 200 जगहों पर इजरायल का हमला 

इजरायल ने सिर्फ इसी हफ्ते में 200 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान ने फर्जी तस्वीरें फैलाने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। दुनियाभर में वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। स्ट्रेट ऑफ हार्मुज की नाकाबंदी से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

कब तक खुलेगा होर्मुज?

होर्मुज पर ईरान का भी रवैया अड़ियल है। ईरान स्ट्रेट खोलने को तैयार नहीं है। ईरान का कहना है कि जब तक शांति नहीं, तब तक होर्मुज से जहाजों की आवाजाही नहीं होने देंगे। ईरान ने मित्र देशों के जहाजों को गुजरने की इजाजत दी है। दुनिया का 20 फीसदी पेट्रोलियम कारोबार, ईसी राह से होता है। 

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क्या ईरान को अंधेरे में डुबो देंगे डोनाल्ड ट्रंप?

ईरान में बिजली उत्पादन के लिए लगभग 100 से अधिक ज्यादा पावर प्लांट हैं। इनमें थर्मल, हाइड्रो और एटमिक प्लांट भी शामिल हैं। अब डोनाल्ड ट्रंप ईरान के पुराने और बड़े संयंत्रों को निशाना बना सकते हैं, जिन्हें दुनिया जानती है। ईरान अब रे, बुशहर, दमावंद और शाहिद रजा जैसे बड़े पावर प्लांट की सुरक्षा बढ़ा सकता है। अगर इन ठिकानों पर हमला हुआ तो ईरान में भीषण ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।