आज के दौर में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) जहां हमारे जीवन को आसान बना रहा है, वहीं इसका एक डरावना चेहरा भी सामने आ रहा है। अपराधी अब फोटो और टेक्स्ट मैसेज के पुराने तरीकों को छोड़कर AI वॉइस क्लोनिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में इंटरनेट पर ऐसे कई टूल्स मौजूद हैं जो आपकी आवाज के मात्र 5 सेकंड के नमूने से आपकी हूबहू नकल तैयार कर लेते हैं। सोशल मीडिया पर डाली गई आपकी एक रील या वीडियो अब अपराधियों के लिए 'हथियार' बन चुकी है, जिसके जरिए वे आपके अपनों को इमोशनली ब्लैकमेल कर रहे हैं। इसे 'डिजिटल ब्लैकमेल 2.0' कहा जा रहा है, जहां अपराधी आपकी आवाज में आपके परिवार से पैसे ऐंठ रहे हैं।
AI वॉइस क्लोनिंग सिर्फ पैसे ठगने तक सीमित नहीं है, इसके खतरे कहीं ज्यादा गहरे और चिंताजनक हैं। आपकी आवाज का इस्तेमाल करके बैंक के 'वॉइस ऑथेंटिकेशन' को तोड़ा जा सकता है या आपके नाम पर गलत निर्देश दिए जा सकते हैं। सबसे बड़ा खतरा 'फर्जी डिजिटल सबूत' तैयार करना है। जहां किसी निर्दोष व्यक्ति की आवाज में गलत बातें रिकॉर्ड करके उसे कानूनी पचड़ों में फंसाया जा सकता है। आजकल बड़ी कंपनियों के मालिकों की आवाज क्लोन करके कर्मचारियों को फर्जी पेमेंट करने के निर्देश देने जैसे कॉर्पोरेट फ्रॉड भी बढ़ गए हैं।
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लखनऊ का एक केस
हाल ही में लखनऊ में एक पिता को फोन आया। फोन पर उनके बेटे की आवाज थी, जो दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहा है। बेटे ने रोते हुए कहा,'पापा, मेरा एक्सीडेंट हो गया है और पुलिस ने मुझे पकड़ लिया है। मुझे तुरंत 50,000 रुपये चाहिए वरना जेल हो जाएगी।' पिता ने आवाज पहचानकर बिना सोचे पैसे भेज दिए। बाद में पता चला कि उनका बेटा अपनी क्लास में था और बिल्कुल सुरक्षित था। अपराधी ने इंस्टाग्राम की एक रील से बेटे की आवाज चुराई थी और AI के जरिए उसे 'इमरजेंसी कॉल' में बदल दिया था।
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इस नए खतरे से खुद को कैसे बचाएं?
आज के समय में अपनी मेहनत की कमाई और खुद को दिमागी टेंशन से दूर रखने के लिए ये कुछ आसान तरीके अपनाना बहुत जरूरी है।
तुरंत दोबारा फोन करें: अगर कोई फोन पर पैसे मांगे, तो घबराकर तुरंत पैसे न भेजें। सबसे पहले फोन काट दें और उनके असली नंबर पर कॉल करके सच्चाई पता करें।
फैमिली कोड वर्ड तय करें: अपने परिवार के साथ कोई सीक्रेट शब्द फिक्स कर लें। इमरजेंसी कॉल आने पर सामने वाले से वह सीक्रेट शब्द पूछें।
निजी सवाल पूछें: फोन करने वाले से ऐसी बातें पूछें जो सिर्फ आपके परिवार को पता हो।
सोशल मीडिया पर सावधानी: अपनी फेसबुक या इंस्टाग्राम प्रोफाइल को प्रवाइवेट रखें। अपनी आवाज वाली वीडियो को हर किसी के लिए खुला न छोड़े और अनजान लोगों को अपनी फ्रेंड लिस्ट में न जोड़ें।
मदद के लिए यहां कॉल करें: अगर आपके साथ कोई धोखा हो जाए, तो बिना डरे तुरंत 1930 नंबर पर फोन करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत लिखवाएं।
