अक्सर जब लोग डैंड्रफ यानी रूसी की समस्या से बहुत परेशान हो जाते हैं, तो उन्हें लगता है कि सिर मुंडवाना या 'गंजा' होना ही इसका आखिरी इलाज है। लोगों के मन में यह धारणा बैठी हुई है कि अगर सिर पर बाल ही नहीं रहेंगे, तो रूसी कहां टिकेगी लेकिन हाल ही में 'इंडियन एक्प्रेस' की एक रिपोर्ट में डॉ.श्वेता नखावा (KIMS अस्पताल, ठाणे की डर्मेटोलॉजिस्ट) ने इस बात को पूरी तरह से नकार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सिर मुंडवाने से रूसी का इलाज नहीं होता, बल्कि यह सिर्फ एक अस्थायी भ्रम है।
डॉ.श्वेता नखावा के अनुसार, डैंड्रफ का असली कारण हमारे बाल नहीं बल्कि सिर की त्वचा यानी 'स्कैल्प' होती है। जब कोई व्यक्ति अपना सिर मुंडवाता है, तो रूसी के सफेद टुकड़े सिर्फ इसलिए कम दिखाई देते हैं क्योंकि अब उन्हें धोना या साफ करना आसान हो गया है।
डैंड्रफ तब होता है जब हमारी स्कैल्प पर मौजूद तेल और एक विशेष प्रकार की फंगस आपस में मिल जाते हैं। सिर मुंडवाने से न तो तेल बनाने वाली जड़ कम होती हैं और न ही उस फंगस का बढ़ना रुकता है, इसीलिए जैसे ही बाल वापस आते हैं डैंड्रफ फिर से दिखने लगता है।
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क्या सिर मुंडवाना स्कैल्प के लिए खतरनाक हो सकता है?
डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि सिर मुंडवाने से स्थिति और भी खराब हो सकती है। जब किसी रेजर का इस्तेमाल करते हैं, तो सिर की त्वचा पर छोटे-छोटे कट लग सकते हैं। इससे स्कैल्प की वह प्राकृतिक परत कमजोर हो जाती है जो उसे बाहरी संक्रमण से बचाती है। बाल न होने की वजह से सिर पर सीधे तौर पर तेज धूप, धूल और प्रदूषण के संपर्क में आ जाती है। इसकी वजह से सिर में रूखापन, खुजली और लाल होने जैसी समस्याएं बढ़ सकती है, जो डैंड्रफ के लिए जिम्मेदार कीटाणुओं को पनपने का और ज्यादा मौका देती हैं।

रूसी से छुटकारा पाने का सही और वैज्ञानिक तरीका
डॉ. नखावा ने सलाह दी है कि इस समस्या से लड़ने के लिए किसी भी बड़े कदम (जैसे मुंडन) की बजाय लगातार देखभाल करना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने बताया कि 'मेडिकेटेड एंटी-डैंड्रफ शैम्पू' का नियमित इस्तेमाल ही इसका सबसे कारगर इलाज है। इन शैम्पू को इस्तेमाल करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें लगाकर तुरंत न धोएं, बल्कि कुछ मिनटों के लिए सिर पर छोड़ दें ताकि वे फंगस को खत्म कर सकें।
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इसके अलावा, डॉक्टर ने बहुत ज्यादा तेज साबुन के इस्तेमाल से बचने, सिर को सीधी धूप से बचाने और मानसिक तनाव को कम रखने की सलाह दी है। अंत में उन्होंने यही जोर दिया कि डैंड्रफ एक त्वचा की स्थिति है, इसलिए इलाज त्वचा का होना चाहिए, बालों का नहीं।