उत्तराखंड के लिए चार धाम की यात्रा शुरू हो गई है। दर्शन की इच्छा रखने वाले भक्त अब रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। साल 2026 की चार धाम यात्रा के लिए राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अनिवार्य की है। उनकी सुरक्षा तय करने के लिए इस बार कड़े इंतजाम किए गए हैं। अगर आप भी केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की इस पवित्र तीर्थयात्रा पर जाने का विचार कर रहे हैं, तो अब आप अपनी योजना को अंतिम रूप दे सकते हैं। 

 

उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस साल की यात्रा के लिए हर एक श्रद्धालु को अपना रजिस्ट्रेशन  कराना जरूरी होगा। इसके बिना यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन की यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि प्रशासन को यह जानकारी रहे कि किस समय कितने लोग धामों में मौजूद हैं। जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।

 

भक्त सरकार के अधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर या विभाग की मोबाइल ऐप डाउनलोड करके अपना खाता बना सकते हैं। इसमें नाम, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र जैसी सामान्य जानकारी भरनी होगी। ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के बाद एक कन्फर्मेशन स्लिप मिलेगी, जिसे पूरी यात्रा के दौरान अपने साथ रखना आवश्यक है।

 

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जानें किस तारीख को खुलेंगे चारों मंदिरों के द्वार

इस साल चार धाम यात्रा का शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर होने जा रहा है। परंपरा के अनुसार इसी दिन सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद बाबा केदारनाथ के दर्शन 22 अप्रैल से शुरू होंगे और अंत में 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इन तारीखों की घोषणा होने के साथ ही उत्तराखंड के इन पहाड़ी क्षेत्रों में रौनक बढ़ती शुरू हो गई है और स्थानीय प्रशासन ने रास्तों की मरम्मत और सफाई का काम तेज कर दिया है।

 

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हेलीकॉप्टर की सुविधा और यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी

जो श्रद्धालु शारीरिक कठिनाइयों या स्वास्थय कारणों से केदारनाथ की चढ़ाई पैदल पूरी नहीं कर सकते, उनके लिए सरकार ने हेलीकॉप्टर सेवा का उचित प्रबंध किया है। हालांकि हेलीकॉप्टर की बुकिंग यात्रा शुरू होने के कुछ दिन पहले ही शुरू की जाएगी जिसके लिए अलग से ऑनलाइन स्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। फिलहाल यात्रा का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से निशुल्क रखा गया है। इसके अलावा, जो लोग ऑनलाइन माध्यम का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। उनके लिए हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जैसे मुख्य केंद्रों पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के मिजाज को देखते हुए गर्म कपड़े और अपनी जरूरी दवाइयां साथ रखें।