दिल्ली की आबकारी नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को सभी आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया। आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को भी आरोप मुक्त कर दिया गया है। इस मौके पर वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे का भी बयान है। इसी मामले में अरविंद केजरीवाल की आलोचना करने वाले अन्ना हजारे ने अब कहा है कि जब कोर्ट ने फैसला दे दिया है तो उसे मानना चाहिए। अन्ना हजारे ने नसीहत दी है कि खुद और पार्टी के बारे में सोचने के बजाय देश के हित में जितना काम कर सकें।
रोचक बात है कि जब दिल्ली में विधानसभा के चुनाव हुए थे तब अन्ना हजारे ने केजरीवाल के बारे में कहा था कि बुरे कर्म करने वालों को जेल जाना ही पड़ता है। उन्होंने कहा था, 'केजरीवाल राजनीति में सत्ता और पैसे में मशगूल हो गए हैं। जब तक समाज और देश की बेहतरी के लिए काम नहीं किया जाएगा, तब तक कोई भी व्यक्ति कितना भी पैसा कमा ले, उसे कोई वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा।'
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क्या बोले अन्ना हजारे?
अन्ना हजारे ने अब कहा है, 'हमारा देश न्याय व्यवस्था के आधार पर चलता है और यही व्यवस्था सर्वोच्च है। इतना बड़ा देश है फिर भी सही सलामत चल रहा है, इसका कारण न्याय व्यवस्था ही है। पहले मैंने अरविंद केजरीवाल के बारे में जो कुछ भी कहा होगा लेकिन तब न्याय व्यवस्था का निर्णय नहीं था। अब निर्णय दे दिया है कि उनका कोई दोष नहीं है तो उसे मानना पड़ेगा।'
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उन्होंने आगे कहा है, 'अगर तब न्याय व्यवस्था का निर्णय़ होता तो मैं वैसा नहीं बोलता। केजरीवाल, सिसोदिया तो मेरे पुराने कार्यकर्ता रहे हैं। उनके लिए सलाह है कि समाज और देश की भलाई के लिए जो कर सकते हो करो, खुद और पार्टी के बारे में मत सोचो। मुझे राजनीति के बारे में नहीं बोलना है। पक्ष और पार्टी क्या करेंगे, यह सब मुझे नहीं पता है।'
