AAP के कितने काम आएंगे अरविंद केजरीवाल के आंसू?
AAP के मुखिया अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ी राहत दी है और आबकारी नीति मामले में आरोप मुक्त कर दिया है।

रो पड़े केजरीवाल, Photo Credit: PTI
आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर से चर्चा में हैं। जिस आबकारी नीति के मामले में केजरीवाल कई महीने तक जेल में बंद रहे और जमानत पर बाहर आए, उसी केस में कोर्ट ने उन्हें आरोप मुक्त कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद मीडिया के सामने बोलते हुए अरविंद केजरीवाल फफककर रो पड़े। केजरीवाल ने यही कहा कि वह बेईमान नहीं, कट्टर ईमानदार हैं। अब अरविंद केजरीवाल के रोने का यह वीडियो वायरल हो गया है और इसका पंजाब और और गुजरात के चुनाव पर असर होना भी तय है।
गुजरात और पंजाब में विधानसभा के चुनाव अगले साल होने हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की ही सरकार है और दिल्ली हारने के बाद AAP के सभी बड़े नेता पंजाब पर ही फोकस कर रहे हैं। इसी को लेकर विपक्षी आरोप भी लगाते हैं कि AAP की पंजाब सरकार को दिल्ली कंट्रोल कर रहा है। कई बार विपक्षियों ने AAP को घेरा है कि वह भगवंत मान भले ही मुख्यमंत्री हों लेकिन अरविंद केजरीवाल सुपर CM की तरह काम कर रहे हैं।
काम आएंगे केजरीवाल के आंसू?
अरविंद केजरीवाल के जेल जाने का AAP को जबरदस्त नुकसान हुआ है। लंबे समय से AAP के सामने नहीं टिक पा रही बीजेपी ने दिल्ली में बाजी पलट दी। दरअसल, केजरीवाल के जेल जाने का नुकसान यह हुआ कि पार्टी कमजोर हुई और संगठन हाथ से फिसलने लगा। चुनाव से पहले और बाद में कई नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ दिया और एक समय पर तो सिर्फ सौरभ भारद्वाज और आतिशी ही ऐसे थे जो पार्टी को चला रहे थे। अरविंद केजरीवाल की गैरमौजूदगी में उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल तक मैदान में उतर आई थीं और पार्टी को संभाला था।
यह भी पढ़ें: 'केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है...' कहकर रो पड़े अरविंद केजरीवाल; सिसोदिया ने संभाला
अब इन आरोपों से मुक्त होने के बाद अरविंद केजरीवाल बेहद भावुक नजर आए हैं और उन्होंने एक ही बात कही है कि वह बेईमान नहीं, कट्टर ईमानदार हैं। उनके इन आंसुओं को AAP भी भुनाने में लग गई है। गुजरात में खूब पसीने बहा रही आम आदमी पार्टी के लिए अगला साल बेहद अहम होने जा रहा है। 2022 में AAP ने 5 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी और 13 प्रतिशत वोट हासिल किया था। अब जिस तरह से अरविंद केजरीवाल पसीना बहा रहे हैं, उसके चलते यह माना जा रहा है कि AAP गुजरात को लेकर बेहद गंभीर है।
https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/2027273014736482660
इन चुनावों से पहले केजरीवाल के पक्ष में यह फैसला आना AAP काडर को उत्साहित कर दिया गया है। वजह यह है कि इस पूरे केस से अरविंद केजरीवाल की 'ईमानदार नेता' वाली छवि को गहरा धक्का लगा था। अब एक झटके में AAP यह कहने लगी है कि सारा मामला ही झूठा था। लगातार AAP को घेर रही बीजेपी के सामने भी अब केजरीवाल को घेर पाना आसान नहीं होगा क्योंकि अदालत ने ही माना है कि इन नेताओं को बिना सबूत के ही फंसाया गया।
कुल मिलाकर नैरेटिव की लड़ाई में अब AAP को बढ़त मिल गई है और नैतिक आधार पर अब उसके नेता दबने वाले नहीं हैं। पंजाब में आक्रामक मोड में दिख रही AAP सरकार पर भले ही कई गंभीर आरोप हों लेकिन इस फैसले ने विपक्षियों को सोचने को मजबूर कर दिया है। अब कम से कम विपक्षी पार्टियां भ्रष्टाचार के मामले पर केजरीवार को नहीं घेर पाएंगी।
यह भी पढ़ें: 'बिना सबूतों के फंसाया...', केजरीवाल को बड़ी राहत देकर कोर्ट ने CBI को लताड़ा
AAP को मिल गई संजीवनी?
जेल से बाहर आने और दिल्ली का विधानसभा चुनाव होने के बीच अरविंद केजरीवाल लगभग हर दिन मीडिया के सामने आते थे। लगातार कई दिनों तक वह मीडिया के सामने आते और कोई न कोई वादा करते। कुल मिलाकर वह हर दिन खबरों में रहते थे। हालांकि, दिल्ली की हार ने उन्हें करारा झटका दिया था। खुद अपनी विधानसभा सीट से चुनाव हार जाने वाले अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से दूरी बना ली है। लंबे समय के बाद शुक्रवार को जब वह कोर्ट से बाहर निकले तब मीडिया से बातचीत की और पूरे आत्मविश्वास में नजर आए।
अब ऐसा लग रहा है कि AAP को संजीवनी मिल गई है और खुद अरविंद केजरीवाल भी अब मीडिया के सामने मुखर होने वाले हैं। अगर ऐसे होता है तो वह चुनावी साल में भी फ्रंट पर खेलते नजर आएंगे। अच्छी भाषण शैली और जनता के बीच पकड़ के चलते मशहूर अरविंद केजरीवाल इस स्थिति में अपने विपक्षियों को अच्छा-खासा नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर वह पंजाब में फिर से सरकार बनाने और गुजरात में AAP को मजबूत कर पाने में सफल होते हैं तो यह दिल्ली में AAP के लिए संजीवनी होगा। ऐसा इसलिए भी संभव है क्योंकि दिल्ली में हार के बावजूद AAP का वोट प्रतिशत बीजेपी से बहुत कम नहीं था।
क्या बोले अरविंद केजरीवाल?
इन आरोपों से मुक्त होने के बाद केजरीवाल ने आरोप लगाया, 'मैं हमेशा कहता था कि भगवान हमारे साथ हैं। मोदी जी और अमित शाह जी ने मिलकर स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश रची। आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए पार्टी के पांच सबसे बड़े नेताओं को जेल भेजा गया।' केजरीवाल ने कहा कि यह पहली बार हुआ, जब किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को उनके घर से घसीटकर जेल में डाला गया। उन्होंने लोगों को अपने और सिसोदिया के कारावास में रहने की याद दिलाई। AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से एक फर्जी मामला था।
दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल को मार्च 2024 में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। तब वह मुख्यमंत्री के पद पर थे। इसी केस में बाद में सीबीआई ने भी गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। जमानत मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि केजरीवाल सचिवालय नहीं जा सकते। इसी के चलते चुनाव से चंद महीने पहले अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और अपनी जगह पर आतिशी को मुख्यमंत्री बना दिया था।
और पढ़ें
Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies
CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap



