राम मंदिर चढ़ावा और चंदा चोरी का मामले को लेकर जांच चल रही है। इस प्रकरण के मुख्य आरोपी चंपत राय और अनिल मिश्रा का श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इन सबके बीच बीजेपी और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चल निकला है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोमवार को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

 

दरअसल सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने निशिकांत दुबे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए उनकी सोशल मीडिया की पोस्ट 10 मिनट में हटाने के लिए कहा। इससे पहले बीजेपी सांसद ने अयोध्या चढ़ावा मामले में आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव के साथ नाम जोड़ दिया। दूबे ने दावा किया कि टिन्नू फोन पर अखिलेश यादव से बात किया करता था। साथ ही आरोप लगाया कि जेल जाने से पहले टिन्नू ने अखिलेश यादव से बात की थी।

 

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सोशल मीडिया पर लिखी लंबी पोस्ट

निशिकांत दुबे की इसी पोस्ट को लेकर सपा अध्यक्ष ने उन्हें कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट में दुबे के आरोपों को निराधार बताया और चेतावनी दी कि अगर पोस्ट को तुरंत नहीं हटाया गया तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

'सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी'

अखिलेश यादव ने कहा, 'सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी! जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम बीजेपी सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वह इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को हटा दें, अन्यथा उनके खिलाफ तत्काल नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।'

 

 

 

 

उन्होंने आगे कहा, 'साथ ही यह चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने यह झूठ फैलाया है, वो भी सोशल मीडिया पर तुरंत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी मांगें या कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वे याद रखें भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं, जब सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई संगी-साथी भी बचाने नहीं आएगा। जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे।'

 

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चढ़ावा-चंदा-दान चोर बताया

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया, 'पीडीए समाज को कलंकित व अपमानित करने के लिए भाजपाई और उनके संगी-साथी ये कुत्सित झूठ प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। पीडीए समाज एकजुट होकर इसका जवाब देगा। ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरों’ का गिरोह जनाक्रोश के डर से अब अपने घरों में दुबका बैठा है और षड्यंत्र कर रहा है। अगर मुखबिरों के वंशजों में सत्य का साहस है तो अपने परंपरागत भूमिगत-सुरंगी निवास से बाहर आकर अयोध्यावासियों के सामने सरयू का जल हाथ में उठाकर ये बात कहें।'

 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'संपूर्ण विश्व के रामभक्त संज्ञान लें- दुनिया भर के सनातनी संज्ञान लें- अयोध्या के पूज्य साधु-संत संज्ञान लें- माननीय सर्वोच्च न्यायालय संज्ञान ले- माननीय लोकसभा अध्यक्ष संज्ञान लें- उत्तर प्रदेश-अयोध्या के नागरिक संज्ञान लें- समस्त पीडीए समाज संज्ञान ले।'

निशिकांत दुबे ने क्या कहा था?

वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर एक पोस्ट तो डिलीट नहीं की लेकिन कहा, 'जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है? 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊंगा।' पहले वाली पोस्ट में दूबे ने कहा था, 'टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?' उन्होंने इसके साथ ही अयोध्या दान गबन के आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की अखिलेश यादव के साथ एडिट करके फोटो भी शेयर की थी।