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चंपत राय के साथ अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, ट्रस्ट का बड़ा फैसला

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने मंदिर चंदा घोटाले के मुख्य आरोपी चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

Champat Rai Anil Mishra resignations

चंपत राय।

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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा/दान चोरी मामले को लेकर सोमवार को अयोध्या में 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' की बड़ी बैठक हुई। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने मंदिर चंदा घोटाले के मुख्य आरोपी चंपत राय (महासचिव) और अनिल मिश्रा (ट्रस्टी) का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

 

तकरीबन तीन घंटे तक चली इस बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने ही की थी। बैठक मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी के बाद ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला करने के लिए बुलाई गई थी।

 

 

कृष्ण मोहन होंगे ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने बंठक खत्म होने के बाद कहा कि ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। गोविंद गिरि ने बताया कि कृष्ण मोहन को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव के रूप में अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

 

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दान में दी गई महंगी चीजों प्रदर्शित की जाएंगी

बैठक में हुए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने बताया कि दान में दी गई जिन महंगी चीजों के चोरी होने की बात कही जा रही है, वे सभी प्रदर्शित की जाएंगी। उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि दान चोरी के दोषियों को सजा मिले, लेकिन जो लोग अचानक सनातन प्रेम प्रदर्शित कर रहे हैं, वे बस हिंदुओं को बांटने का प्रयास कर रहे हैं।'

हम सभी चोरी की घटना से दुखी

गोविंद देव गिरी ने कहा कि हम सभी चोरी की घटना से दुखी हैं। उन्होंने कहा, 'चोरी कितनी बड़ी थी, चाहे छोटी हो या बड़ी यह दूसरी चिंता है। हम सबसे ज्यादा इस बात से दुखी हैं कि यहां ऐसा माहौल बनने दिया गया। हालांकि, असलियत हमारे सामने है और इस पर सोचना हमारा फर्ज है। इसलिए, तय तारीख से पहले ही, हम आज गहरी सोच और दुख की हालत में इकट्ठा हुए।'

 

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चंपत राय के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए, एक मुश्किल स्थिति पैदा हो गई थी। हमारे महासचिव के तौर पर काम कर रहे चंपत राय को बहुत दुख हुआ। उन्हें लगा कि जब तक इंसाफ पूरी तरह से नहीं हो जाता, तब तक अपने रोल में बने रहना ठीक नहीं है। इसी भावना से प्रेरित होकर, उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया। यह एक ऐसा मामला था जिसे हम आसानी से मान या मना नहीं कर सकते थे। ट्रस्ट के संविधान के अनुसार, इस्तीफा देते ही उसे स्वीकार मान लिया जाता है।

अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन का बयान

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव बनाए गए कृष्ण मोहन ने कहा, 'मुझे अंतरिम महासचिव की ड्यूटी निभाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, हम इस बात पर अड़े रहेंगे कि उन्हें इंसाफ के हिसाब से सही सजा मिले। जो भी हुआ है उससे हम सभी बहुत दुखी हैं। राम के भक्तों समेत सभी को तकलीफ हुई है। मैनेजमेंट और संचालन में कुछ कमियां थीं जिनका दूसरों ने फायदा उठाया। इसलिए, मेरी पहली कोशिश इन कमियों को दूर करना और गलतियों को सुधारना होगा। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। मौजूदा माहौल ने हमारे ट्रस्ट की छवि को कुछ हद तक खराब किया है, जिससे समाज में अविश्वास की भावना पैदा हुई है। हम इस नकारात्मक सोच को दूर करने और लोगों के बीच फिर से भरोसा बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे।'

 

 

 

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