भारत की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना के इतिहास में एक आधुनिक बदलाव होने जा रहा है। अब आपको अपने घर के दरवाजे पर जनगणना अधिकारी के आने और लंबी पूछताछ का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए खास 'सेल्फ-एन्युमरेशन' पोर्टल लॉन्च किया है जिसके जरिए नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में इस महा-अभियान के लिए चार डिजिटल टूल लॉन्च किए। यह दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल जनगणना अभ्यास होगा, जिसे पूरी तरह से पेपरलेस बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम देश की सबसे बड़ी जनगणना को पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगा।

 

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क्या है सेल्फ-एन्युमरेशन और कैसे मिलेगा फायदा?

सेल्फ-एन्युमरेशन का मतलब है कि अब नागरिक खुद सरकारी पोर्टल पर जाकर अपने परिवार की जानकारी भर सकते हैं। पहले जहां सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करते थे अब लोग मोबाइल, कम्प्यूटर या लैपटॉप से यह काम खुद कर सकेंगे।

 

इसके लिए यूजर को अपने मोबाइल नंबर से लॉग-इन करना होगा और पूछे गए सवालों के जवाब भरने होंगे। जानकारी जमा करने के बाद एक यूनिक आईडी (SE ID) जारी होगी। जब जनगणना अधिकारी घर आएगा तो इसी ID के आधार पर वह जानकारी की पुष्टि करेगा।

 

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यह पोर्टल 16 भाषाओं को सपोर्ट करता है। जिसमें असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू और उर्दू शामिल है।

दो चरणों में होगी पूरी जनगणना प्रक्रिया

यह पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें घरों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्ति से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। इस चरण में 33 बिंदुओं पर डेटा इकट्ठा किया जाएगा।

 

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दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें देश की आबादी से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली जाएगी। इसमें उम्र, आर्थिक स्थिति और पहली बार जाति से संबंधित डेटा भी शामिल किया जाएगा। पूरे देश के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 तय की गई है।

 

इस महाअभियान के लिए सरकार ने 11,718 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मंजूर किया है और करीब 30 लाख अधिकारी व कर्मचारी इसमें शामिल होंगे। खास बात यह है कि इस बार लिंग श्रेणी में ट्रांसजेंडर को भी आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है।

अमित शाह ने लॉन्च किए ये डिजिटल प्लेटफॉर्म

सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल के साथ अमित शाह ने तीन और डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए। पहला हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर है, जो एक वेब-मैप ऐप है। इसकी मदद से अधिकारी सैटेलाइट इमेज के जरिए अपने-अपने क्षेत्रों की सीमाएं तय कर सकते हैं। दूसरा HLO मोबाइल ऐप है, जिसका इस्तेमाल एन्यूमरेटर फील्ड में डेटा जुटाने और अपलोड करने के लिए करेंगे। यह ऐप ऑफलाइन भी काम करता है।

 

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तीसरा प्लेटफॉर्म सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) है, जो एक केंद्रीय डैशबोर्ड की तरह काम करता है। इसके जरिए अधिकारी रियल टाइम में जनगणना की प्रगति पर नजर रख सकते हैं। HLO ऐप Android और iOS पर 16 भाषाओं में उपलब्ध है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने के लिए पहले CMMS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी है।