पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर धोखाधड़ी के एक केस में जेल में बंद हैं। शनिवार को उनकी कोर्ट में पेशी हुई थी, उन्होंने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार इस केस के असली गुनहगारों को बचा रही है। देवरिया जिला कोर्ट में उनकी पेशी हुई थी। 

पेशी के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और कहा कि उनके पास कफ सिरप केस में कई ठोस सबूत हैं, जिसकी वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया है। सीजीएम कोर्ट में उन्हें पेश किया गया था। कोर्ट में पुलिस की ओर से आए जांच अधिकारी कोई ठोस सबूत नहीं पेश कर पाए थे, जिसकी वजह से उन्हें अदालत ने फटकार भी लगाई।

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'धनंजय सिंह का नाम लिया, इसलिए हुआ गिरफ्तार'

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने कहा, 'कोडिन मामले के लिए मेरी गिरफ्तारी हुई है। मेरे खिलाफ कार्रवाई हुई। मैंने पूर्व सासंद धनंजय सिंह, उनके सबंध में जब मैंने तथ्य दीजिए, मैंने वाराणसी के बीजेपी के कुछ बड़े लोगों के नाम लिए, तभी वाराणसी में मेरे खिलाफ FIR हुआ, इसके ठीक अगले दिन मेरी गिरफ्तारी हुई, वह ठीक अगले दिन। वह भी रात के सन्नाटे में उठाया। मुझे लगा कि आधी रात में मेरा एनकाउंटर कर देंगे।'

अमिताभ ठाकुर, पूर्व IPS :-
उस रात मुझे बेहद घबराहट हुई। सिर्फ कफ सिरप मामले में मेरे पास कई सबूत हैं। मैं सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने जा रहा था। सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए मेरे रास्ते में सामान छीन लिए गए कि मैं मामले को आगे न बढ़ा पाऊं। शुभम जायसवाल इसमें सिर्फ एक प्यादा है। इसमें कई लोग हैं, बड़े नाम हैं, धनंजय सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं। किसी ने उनकी तरफ देखा नहीं है। पूर्वांचल के एक बड़े माफिया का भी नाम है। कोर्ट ने सार्थक पहल किया है। देवरिया का सीसीटीवी मिल गया है। बाकी के भी रिकॉर्ड मिल जाएंगे. 15 तारीख तक अनशन स्थगित है। मेरे पास दस्तावेज थे, इसलिए मुझे गिरफ्तार किया गया। 

क्यों जेल में हैं अमिताभ ठाकुर?

अमिताभ ठाकुर को यूपी पुलिस ने धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें 25 साल पुराने एक केस में जेल में रखा गया है। अब तक जांच एजेंसियां उनके खिलाफ कोई अहम सबूत पेश नहीं कर पाईं है।

 

 



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जिस केस में फंसे हैं अमिताभ ठाकुर, वह क्या है?

अमिताभ ठाकुर पर आरोप है कि वह एशपी रहते हुए अपनी पत्नी नूनत ठाकुर के नाम औद्योगिक इलाके में एक प्लाट खरीदा था। प्लाट आवंटन के दौरान उनकी पत्नी नूतन ठाकुर का नाम नूतन देवी और पति का नाम अभिजात दर्ज कराया था, जबकि उनका असली नाम अमिताभ ठाकुर है। यह भी कहा गया कि प्लाट नूतन इंडस्ट्रीज के नाम पर रखा गया था लेकिन 3 साल तक वहां कोई निर्माण काम नहीं हुआ। बाद में इसे मुनाफा कमान के लिए बेच दिया गया।

नूतन ठाकुर ने साल 2002 में इसे संजय प्रताप सिंह को ट्रांसफर किया था। यहां श्रीनेत शांडिल्य कंस्ट्रक्शन कंपनी का दफ्तर है। संजय शराब कारोबारी हैं। 26 साल हले यही अमिताभ ठाकुर की पत्नी के नाम अलॉट हुआ था। सितंबर 2025 में इस सिलसिले में केस द्ज हुआ था। 10 दिसंबर को शाहजहांपुर में अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी हुई थी। अब वह इसी सिलसिले में जेल हैं।