नीट यूजी- 2026 के पेपर लीक मामले की जांच कर रही केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर जिले में मौजूद रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) के संस्थापक प्रोफेसर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। यह इंस्टीट्यूट मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को नीट-यूजी पेपर के लिए कोचिंग देता है। इस कोचिंग सेंटर की नौ ब्रांच हैं, जिसकी मेन ब्रांच लातूर में है।

 

अधिकारियों ने बताया कि रविवार को सीबीआई ने रघुनाथ मोटेगांवकर के घर की तलाशी ली थी और उस दौरान उसके मोबाइल फोन से मेडिकल प्रवेश परीक्षा का लीक हुआ प्रश्न पत्र मिला, इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि मोटेगांवकर नीट यूजी प्रश्नपत्र को लीक करने और उसे प्रसारित करने में शामिल संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है।

9 आरोपी पहले गिरफ्तार

सीबीआई ने बताया कि अब तक इस केस में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले 9 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया और पुलिस कस्टडी में ले लिया गया और उनसे पूछताछ चल रही है। 10वें आरोपी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

 

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सीबीआई ने क्या कहा है?

सीबीआई ने गिरफ्तारी के अपने आधारों में कहा है कि अन्य आरोपियों के साथ, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को परीक्षा से दस दिन पहले 23 अप्रैल को प्रश्न पत्र और उत्तर प्राप्त हुए थे। उन्होंने बताया कि सीबीआई जब्त किए गए मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजेगी ताकि अगर कोई डेटा मिटाया गया हो तो उसे दोबारा प्राप्त किया जा सके।

 

 

 

कई लोगों को दिए थे नोट्स

सीबीआई का आरोप है कि मोटेगांवकर ने लीक हुए प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपियां हैंड राइटिंग नोट्स के रूप में कई लोगों को उपलब्ध कराई थीं, जिन्हें परीक्षा होने के बाद नष्ट कर दिया गया था। एजेंसी ने रविवार दोपहर लातूर के शिवनगर इलाके में स्थित कोचिंग सेंटर की तलाशी ली। शुक्रवार को मोटेगांवकर से उसी इलाके में उसके आवास पर करीब आठ घंटे तक पूछताछ की गई।

 

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पहले हो चुकी है गिरफ्तारी

सीबीआई ने इससे पहले केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी और जीव विज्ञान की लेक्चरर मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया था, जो दोनों मनीषा वाघमारे नाम की एक महिला के जरिए एक-दूसरे को जानते थे। मनीषा वाघमारे भी सीबीआई की हिरासत में है। आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने वाघमारे को परीक्षा से पहले नीट उम्मीदवारों को विशेष सत्रों के लिए लाने के लिए राजी किया था।

हूबहू पेपर से मेल खाए लीक हुए पेपर

सीबीआई के मुताबिक, छात्रों ने कथित तौर पर सत्रों में भाग लेने के लिए कई लाख रुपये दिए। इन सत्रों में उन्होंने प्रश्नों को नोटबुक में लिखा और ये प्रश्न बाद में वास्तविक प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाए। केंद्रीय एजेंसी ने एफआईआर दर्ज कर परीक्षा पत्र लीक होने के मामले की जांच के लिए टीमें गठित की हैं। यह परीक्षा बाद में रद्द कर दी गई थी।