इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगा। देश के कई हिस्सों में लोगों ने आसमान में चांद का यह बदलाव देखा और सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कीं। जहां इस खगोलीय घटना को वैज्ञानिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जाता है, वहीं हिंदू धर्म में भी चंद्र ग्रहण का खास धार्मिक महत्व है।

 

आपको बता दें कि चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे वह हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है। इसीलिए इसे ब्लड मून भी कहा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जब सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरने के बाद चंद्रमा पर पहुंचती हैं, तो लाल रंग ज्यादा दिखाई देने लगता है, जिससे यह अद्भुत नजारा बनता है।

 

यह भी पढ़ें: होर्मुज बंद रहा और तेल नहीं आया तो कितने दिन चल पाएगा भारत का काम?

कहां कैसा दिखा चंद्र ग्रहण?

इस चंद्र ग्रहण को देश के अलग अलग हिस्से में देखा गया। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में लोगों ने चंद्र ग्रहण के दौरान ब्लड मून देखा। यहां आसमान साफ ​​होने की वजह से लाल चांद साफ दिखाई दिया।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता से भी वीडियो सामने आए, जहां आसमान में आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई दिया।

यह भी पढ़ें: अब राज्यसभा में दिखेंगे नितिन नवीन, BJP ने 9 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की

 

देश की राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट से भी लोगों ने चंद्र ग्रहण देखा, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी चंद्र ग्रहण के दौरान चमकदार लाल चांद देखा गया।

यह भी पढ़ें: 'मुस्लिमों के साथ विश्वासघात किया', OIC पर क्यों भड़कीं महबूबा मुफ्ती?

भारत में कहां दिखा ग्रहण?

ग्रहण का पेनुम्ब्रल चरण दोपहर करीब 2:15 बजे शुरू हुआ। भारत में पूर्ण चंद्र ग्रहण तो नहीं दिखा। नॉर्थईस्ट के कुछ इलाकों, जैसे गुवाहाटी, अरुणाचल प्रदेश, आइजोल और मिजोरम में आंशिक चंद्र ग्रहण की झलक देखने को मिली। पहाड़ी इलाका होने और जल्दी सूरज डूबने की वजह से यह नजारा कुछ ही देर के लिए दिखा। झारखंड की राजधानी रांची और बिहार की राजधानी पटना से भी तस्वीरें सामने आईं।