संसद के सत्र के दौरान कई बार यह देखा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एंट्री पर भारतीट जनता पार्टी (BJP) के सांसद 'मोदी-मोदी' के नारे लगाने लगते हैं। अब कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने इसी की आलोचना की है। जयराम रमेश ने इशारों ही इशारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन से कर डाली है। जयराम रमेश का कहना है कि बीजेपी के सांसद पीएम मोदी की इतनी तारीफ करते हैं कि ऐसा लगता है जैसे नॉर्थ कोरिया की संसंद में बैठे हों। उन्होंने यह भी कहा है कि सब कुछ एक ही व्यक्ति (नरेंद्र मोदी) पर केंद्रित है और विदेश नीति से लेकर बजट तक सब उन्हीं का है।
पीएम मोदी की हद से ज्यादा तारीफ करने के लिए जयराम रमेश ने बीजेपी सांसदों को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जब पंडित नेहरू संसद में आते थे तब कोई 'नेहरू-नेहरू' नहीं करता था। ईरान बनाम इजरायल के विवाद पर जयराम रमेश का कहना है कि मोदी सरकार पूरी तरह से इजरायल के साथ है और वह ट्रंप से डर रही है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
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'सारी नीतियां एक आदमी की'
PTI को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिका और इजरायल की सेनाओं के ईरान पर किए गए हमलों के बाद भारत की विदेश नीति से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए आरोप लगाया कि देश से संबंधित सभी अहम फैसले एक ही व्यक्ति लेते हैं, चाहे वह विदेश नीति का मामला हो या वित्त का। लंबे समय से राज्यसभा सदस्य रहे जयराम रमेश ने कहा कि जब वह सत्ताधारी बीजेपी के सांसदों के भाषण सुनते हैं तो कभी-कभी उन्हें ऐसा लगता है कि वह उत्तर कोरिया की संसद में बैठे हैं। जयराम रमेश का कहना है कि यह वैसा ही लगता है जैसे किम जोंग उन के संसद में आने पर वहां के सांसद प्रतिक्रिया देते हैं।
पीएम मोदी को घेरते हुए जयराम रमेश ने कहा, ‘आज सब कुछ एक ही व्यक्ति पर केंद्रित है और सब उसी के इर्द-गिर्द घूमता है। इसलिए यह प्रधानमंत्री की विदेश नीति है, उन्हीं का बजट है। सब कुछ प्रधानमंत्री का है।' कांग्रेस की राष्ट्रीय इकाई के महासचिव (संचार) रमेश ने कहा कि जब संसद का सत्र चलता है तो वह सुबह सबसे पहले पहुंचते हैं और सबसे अंत में जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे कभी-कभी ऐसा लगता है कि मैं उत्तर कोरिया की संसद में बैठा हूं। मैं बीजेपी के लोगों को सुनता हूं। विषय चाहे जो भी हो, मुद्दा चाहे जो भी हो, उनके भाषण का 90 प्रतिशत हिस्सा प्रधानमंत्री की प्रशंसा में ही बीतता है। विषय से कोई लेना-देना नहीं, विधेयक से कोई संबंध नहीं। वे बस प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते रहते हैं।’
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उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री के आने पर नारे लगते हैं। तालियां बजती हैं, ‘मोदी, मोदी, मोदी’ के नारे लगाए जाते हैं। क्या यह भारत की संसद है?’ रमेश ने 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के आत्मसमर्पण के बाद उत्साहपूर्ण अभिवादन मिला होगा, जब दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें ‘दुर्गा’ कहा था। उन्होंने कहा, ‘शायद उस दिन सब लोगों ने उनकी जय-जयकार की होगी लेकिन (प्रधानमंत्री मोदी) वह जब भी संसद में आते हैं, ‘मोदी’ भजन सुनाई देते हैं।’
