दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को बड़ी राहत दे दी है। हाई कोर्ट ने पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि CJP के X हैंडल को अनब्लॉक कर दिया जाए। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि NEET परीक्षा हो चुकी है तो अब कोई चिंता नहीं है इसलिए पिछले आदेश को वापस लिया जाए। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि 21 जून होने वाली NEET परीक्षा  के समय किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए CJP के सोशल मीडिया हैंडल्स को ब्लॉक किया गया था।

  

इससे पहले, मई के महीने में भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद बनी कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त लोकप्रियता बटोरी थी। कुछ ही दिनों में लाखों-करोड़ों लोग CJP से जुड़ गए थे। इसी के बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर CJP के सोशल मीडिया हैंडल्स को ब्लॉक कर दिया था। पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार के इस आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इस मामले पर मंगलवार को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने सुनवाई की और CJP को बड़ी राहत दे दी। 

 

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क्या बोले अभिजीत दीपके?

इस मौके पर CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है, 'कॉकरोच जनता पार्टी की बड़ी जीत हुई है और दिल्ली हाई कोर्ट ने हमारे ओरिजनल X अकाउंट को अनब्लॉक करने के आदेश दिए हैं। यह सिर्फ CJP और पूरे आंदोलन की ही नहीं बल्कि फ्री स्पीच और डिजिटल अधिकारों को जीत है। हम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से युवाओं की आवाज उठाने का काम जारी रखेंगे।'

 

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सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी हाई कोर्ट में दलील दी कि अब CJP के हैंडल को ब्लॉक रखने का कोई उद्देश्य नहीं है। बता दें कि इस हैंडल को 21 मई को बंद किया गया था। हालांकि, CJP ने 'कॉकरोच इज बैक' नाम से नया हैंडल बना लिया था और फिलहाल उसी हैंडल के जरिए सारा कम्युनिकेशन हो रहा है। 

 

बता दें कि CJP के मुखिया अभिजीत दीपके इन दिनों भारत में हैं और दिल्ली के जंतर-मंतर में धरना प्रदर्शन जारी है। मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक समेत कई अन्य युवा भी भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।