देश में पिछले 24 घंटों में मौसम में भारी बदलाव देखने को मिला। जहां एक तरफ पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है वहीं दूसरी तरफ मैदानी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला चल रहा है।  हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों से हो रही भारी बर्फबारी के चलते 4 नेशनल हाईवे समेत 885 सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 31 जनवरी से 02 फरवरी के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान 01 फरवरी को कुछ जगहों पर भारी बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है।

 

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाके और उनसे सटे मध्य भारत के क्षेत्र में 31 जनवरी से 02 फरवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत, उससे जुड़े मध्य भारत और पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में 02 फरवरी तक सुबह के समय कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

 

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पिछले 24 घंटों में मौसम की स्थिति

पंजाब, पश्चिम उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा रहा, जहां विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। पूर्व राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, ओडिशा और बिहार के कुछ स्थानों पर घना कोहरा रहा, जहां विजिबिलिटी 50 से 199 मीटर के बीच रही।

 

कई इलाकों में कम विजिबिलिटी दर्ज की गई जैसे पश्चिम उत्तर प्रदेश के आगरा में 0 मीटर, पंजाब के  बठिंडा में 50 मीटर से कम, फरीदकोट में 150 मीटर, लुधियाना में 190 मीटर,  चंडीगढ़ में 40 मीटर और साथ ही बिहार के गया में 100 मीटर दर्ज की गई। 


उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्व मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और दिल्ली के कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हुई। पश्चिम मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई।

 

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हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी

हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों से हो रही भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे प्रदेश में 885 सड़कें पूरी तरह बंद हैं, जिनमें 4 नेशनल हाईवे भी शामिल हैं। बर्फबारी और लैंडस्लाइड के कारण सड़कों पर फिसलन इतनी बढ़ गई है कि गाड़ियों की आवाजाही नामुमकिन हो गई है।

 

राज्य भर में 3,237 बिजली के ट्रांसफार्मर (DTR) खराब हो गए हैं, जिससे हजारों परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इसके अलावा, 121 पानी की योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिसके कारण खासकर ऊंचे और दुर्गम इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि आने वाले समय में कड़ाके की ठंड और भी बढ़ सकती है।

 

सबसे ज्यादा खराब स्थिति शिमला की है जहां 176 सड़कें बंद हैं और 1,000 से ज्यादा ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली सप्लाई बाधित है। 91 पानी की स्कीमें भी यहां ठप हैं। साथ ही कुल्लू  में 98 सड़कें बंद हैं, जबकि लाहौल-स्पीति में 290 रास्तों पर बर्फ जमी होने के कारण आवाजाही रुकी हुई है।