हाल ही में आप ने एक वायरल वीडियो देखा होगा। जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के सामने भारत की कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की। वीडियो में जयशंकर ने कहा कि पोलैंड को भारत के पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा देने के बजाय आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए। दरअसल, पिछले साल अक्टूबर में पौलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने पाकिस्तानी की यात्रा की थी। 

 

पोलैंड लगातार पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को बेहतर बना रहा है। सिकोरस्की ने रूस से तेल खरीदने पर न केवल भारत की आलोचना की थी, बल्कि युद्ध में रूस को मदद पहुंचाने का आरोप लगाया था। अब भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर घेरकर न केवल पोलैंड बल्कि पाकिस्तान को भी मैसेज दिया है। ऐसे में आइये समझते हैं कि पोलैंड और पाकिस्तान के रिश्ते कितने अहम हैं, जिसके लिए वह भारत तक से नाराजगी मोल ले रहा है। 

 

पाकिस्तान और पोलैंड के बीच करीब 506.6 मिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है। दोनों के संबंध भी काफी पुराने हैं। पाकिस्तान बनने से चार साल पहले 1944 में 30 हजार पोलिश नागरिकों को के कराची और क्वेटा में बसाया गया था। 1947 में पाकिस्तान बनने पर इनमें से कुछ लोगों को वहां की नागरिकता मिल गई थी। आजादी के एक साल बाद 1948 में ब्रिटिश पायलट और टेक्नीशियन ने पाकिस्तानी छोड़ दिया। उस वक्त पोलैंड के अनुभवी पायलटों ने पाकिस्तान की वायुसेना को खड़ी करने में अहम भूमिका निभाई।

 

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इसके अधिकारियों ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में हिस्सा लिया। इस दौर में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध फले-फूले, लेकिन हमारे संबंध तब एक नई ऊंचाई पर पहुंचे जब 1989 में पोलैंड एक लोकतांत्रिक गणराज्य बना, 1999 में NATO में शामिल हुआ, और 2004 में यूरोपीय संघ का सदस्य बन गया। EU में पाकिस्तान को GSP प्लस स्टेटस दिलाने में पोलैंड के समर्थन और राष्ट्रपति मुशर्रफ की राष्ट्राध्यक्ष के तौर पर पहली यात्रा ने 2018 में उनके द्विपक्षीय व्यापार को €500 मिलियन तक पहुंचा दिया।

भारत के खिलाफ पाकिस्तान की तरफ से लड़ चुके पोलिश पायलट

तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट पर 30 पोलिश पायलट और टेक्नीशियन पाकिस्तान पहुंचे। इनमें 17 पायलट और 17 टेक्नीशियन थे। इन सभी ने कराची में पाकिस्तानी सैनिकों को ट्रेनिंग दी और वायुसेना को खड़ी करने में अहम भूमिका। सबसे अहम रोल पोलिश पायलट व्लादिस्लाव टुरोविच और उनकी पत्नी जोफिया टुरोविच ने निभाया। 1948 और 1965 युद्ध में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की तरफ से इन पोलिश पायलटों ने युद्ध में हिस्सा लिया।

स्पेस से मिसाइल तक पोलैंड की मौजूदगी

व्लादिस्लाव टुरोविच को पाकिस्तान सरकार ने 1961 में नागरिकता दी और अगले साल 1962 में पोलैंड के साथ राजनयिक संबंधों की शुरुआत हुई। 1967 में व्लादिस्लाव टुरोविच एयर कमोडोर के पद से पाकिस्तान एयर फोर्स से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें स्पेस एंड अपर एटमॉस्फियर रिसर्च कमीशन (SUPARCO) के कार्यकारी निदेशक बनाया गया। इसके अलावा तमगा-ए-पाकिस्तान, सितारा-ए-कायद-ए-आजम और सितारा-ए-पाकिस्तान से भी नवाजा गया। टुरोविच को पाकिस्तान के अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रम का गॉडफादर कहा जाता है।

संसद से सीपेक तक... पोलैंड के मजबूत रिश्ते

2007 में परवेज मुशर्रफ ने पोलैंड का दौरा किया था। यह पाकिस्तान के किसी भी राष्ट्राध्यक्ष का पहला पोलैंड दौरा था। 2005 में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में भूकंप आया था। उस वक्त पोलैंड ने 22 डॉक्टरों और बचाव दल की एक टीम भेजी थी। समय-समय पर पोलैंड के सांसद और नेता पाकिस्तान का दौरा करते रहते हैं। 2019 में पाकिस्तान में पोलैंड के राजदूत पियोट्र ओपलिंस्की ने कहा था कि पोलैंड चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) में शामिल होना चाहता है। पोलैंड पाकिस्तान को एक रणनीतिक स्थल के दौर पर देखता है। उसका मानना है कि यहां भविष्य की अपार संभावनाएं है। आज पोलैंड स्पेस, मिसाइल, तकनीक, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में पाकिस्तान के साथ सहयोग कर रहा है।

 

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ऊर्जा के क्षेत्र में पोलिश ऑयल एंड गैस कंपनी (POGC) ने 1997 में पाकिस्तान में अपना ब्रांच ऑफिस खोला था। यह कंपनी पाकिस्तान में तेल और गैस की खोज और एक्सप्लोरेशन में लगी है। 2009 में कंपनी रहमान-1 कुएं की खोज की। यहां 2013 से गैस का उत्पादन जारी है। सिर्फ कीर्थर ब्लॉक में कंपनी के पास 11 कुएं हैं।

कितना है द्विपक्षीय व्यापार?

पाकिस्तान और पोलैंड के बीच बेहद मजबूत रिश्ते हैं। इसका ही नतीजा है कि पाकिस्तान का सालाना निर्यात 19 फीसद की अधिक दर से बढ़ रहा है। पाकिस्तान ने 1995 में पोलैंड को 6.59 मिलियन मूल्य के सामान बेचे थे। 2020 में पाकिस्तान का निर्यात 265 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। पोलैंड के साथ पाकिस्तान का व्यापार फायदा का है। दरअसल, पाकिस्तान बेचता अधिक है और खरीदता कम है। 2020 में पोलैंड ने पाकिस्तान को 117 मिलियन डॉलर का सामान बेचा था। 

 

  • पाकिस्तान क्या बेचता है: कपड़ा, फर्नीचर, तिलहन, अनाज, फल, प्लास्टिक, चिकित्सा उपकरण, जूते, नमक, पत्थर, सीमेंट, चमड़ा, लोहा, इस्पात, खिलौने, रबड़, मशीनरी, बॉयलर, कांच, चीनी, इत्र, सौंदर्य प्रसाधन और कालीन।

 

  • पोलैंड क्या बेचता है: पाकिस्तान को पोलैंड सबसे अधिक स्क्रैप आयरन (56.4 मिलियन डॉलर), कोक (12.7 मिलियन डॉलर) और रेजर ब्लेड (4.66 मिलियन डॉलर) और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट बेचता है।