आम आदमी पार्टी में शुक्रवार को बड़ी बगावत देखने को मिली। राघव चढ्ढा के नेतृत्व में 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी ने बगावत करते हुए बीजेपी का दामन थाम लिया। पार्टी के इस टूट से पहले राज्यसभा में 10 सांसद थे। बीजेपी में शामिल होने वालों में राघव चढ्ढा के अलावा अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।
ऐसे में बीजेपी में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा के अलावा संदीप पाठक की खूब चर्चा हो रही है। संदीप पाठक आईआईटी से पढ़े हुए हैं, उनसे प्रभावित होकर कई IITan आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। ऐसी ही एक IITan आंध्र प्रदेश की रहने वाली सर्वणी पिरातला हैं। उन्होंने संदीप पाठक से प्रभावित होकर 'आप' ज्वाइन की थी।
सर्वणी पिरातला का मार्मिक पत्र
सर्वणी पिरातला अमेरिका में काम करती थीं। उन्होंने अमेरिका से अपनी नौकरी छोड़कर आप में शामिल हुई थीं। जब वह आम आदमी पार्टी में शामिल हुई थीं तो उस समय उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई के 5 लाख 12 हजार रुपए पार्टी को दान किए थे। मगर, पाठक के बीजेपी में जाने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर मार्मिक पोस्ट लिखी है।
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सर्वणी पिरातला ने लिखा, 'मैं आज आपकी प्रेस कॉन्फ्रेंस सुन रहा थी। तीन ऑप्शन में से, अगर आप AAP के साथ काम करना जारी नहीं रख सकते थे, तो आप AAP छोड़ सकते थे और अपने सांसद पद से इस्तीफा दे सकते थे। बीजेपी में शामिल होना सिर्फ अरविंद केजरीवाल से गद्दारी नहीं है, जिन्होंने और AAP वालों ने आप पर भरोसा किया, यह 1.4 अरब भारतीयों से गद्दारी है।'
'आपके पास किसी दबाव में झुकने की कोई वजह नहीं'
उन्होंने कहा, 'दूसरों के पास दबाव में झुकने की वजह हो सकती है, लेकिन आपके पास किसी दबाव में झुकने की कोई वजह नहीं है। आपको अपनी बेटी की नजर में कभी भी गद्दार नहीं दिखना चाहिए। बीजेपी में शामिल होना आपकी जिंदगी के अब तक के हर एक दिन का अपमान है, जिसे आपने हर कदम पर मुश्किलों का सामना करते हुए, लगातार मेहनत से जिया है। जैसा कि आपने खुद कहा, देश बनाने के और भी कई तरीके हैं। आइए उन ऑप्शन पर काम करें। प्लीज बीजेपी में न जाएं। इस देश को आप जैसे और लोगों की जरूरत है जो संस्थाओं के नॉर्मल कामकाज को फिर से शुरू करने के लिए लड़ें।'
'प्लीज बीजेपी में मत जाना'
सर्वणी पिरातला ने पोस्ट में लिखा, 'राजनीति की कला न जानना ठीक है। हमेशा कॉमन सेंस न होना ठीक है। हमारी पढ़ाई ने हमें विनम्रता सिखाई है- अपनी नाकामियों को मानना और जो हम नहीं जानते उसे मानना। लेकिन गद्दारी करना इसका कोई हल नहीं है। अगर आप आम आदमी पार्टी की अंदरूनी राजनीति बर्दाश्त नहीं कर सकते, तो सोचिए- आप बीजेपी में एक दिन भी नहीं टिक पाएंगे। वे आपको कुछ ही समय में निगल जाएंगे। हम बस आम लोग हैं (इसे 100 बार पढ़ें)। अपनी जिंदगी के 10 साल किसी सही वजह के लिए लड़ते हुए गंवा देना और कामयाब न होना ठीक है। लेकिन प्लीज बीजेपी में मत जाना। आपको जॉइन किए कुछ ही घंटे हुए हैं, और 1.4 अरब लोग आप पर भरोसा कर रहे हैं।'
डोनेशन के बारे में बताया
सर्वणी ने आगे अपनी डोनेशन के बारे में कहा कि यह वो डोनेशन थी जो मैंने पिछले मई में AAP छत्तीसगढ़ को दिया था, यह जानने के बाद कि संदीप पाठक छत्तीसगढ़ प्रभारी हैं। मुझे नहीं पता कि जमीन पर क्या हो रहा है, लेकिन मुझे लग रहा था कि कुछ गड़बड़ है। संदीप ऐसे इंसान थे जिनसे मैं सच में बहुत इंस्पायर थी। उन्होंने कहा, 'कई मायनों में, मैंने उनमें खुद को देखा - एक पढ़ा-लिखा इंसान जो सच में सिस्टम में बदलाव लाना चाहता था, जिसने अपना करियर कुर्बान कर दिया और पंजाब चुनाव के दौरान बहुत मेहनत की। मुझे पता है कि मैं एक दिन वैसा ही बनना चाहती थी, लेकिन मुझे अभी भी पक्का नहीं है कि मैं अपनी मुश्किलों की वजह से इंडिया वापस आ पाऊंगी या नहीं। इसलिए मैं चाहती थी कि वह जमीन पर वास्तविक बदलाव लाने के अपने मकसद में कामयाब हो।'
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इसीलिए मैंने यह डोनेशन दिया। मैं इसे तब पोस्ट नहीं कर सकी, क्योंकि मुझे लगा कि शायद वह उस समय इसके साथ कम्फर्टेबल नहीं होगा। मैं इसे आज उस वास्तविक मैसेज के साथ पोस्ट कर रही हूं जो मैंने कुछ नेताओं के साथ यह डोनेशन सर्टिफिकेट भेजते समय शेयर किया था। मैंने 12th फेल मूवी में मनोज की दादी का रेफरेंस लिया। हम सब जानते थे कि मनोज की दादी की ज़िंदगी भर की मेहनत की कमाई चोरी हो गई थी। लेकिन मनोज अपनी दादी की नज़रों में गद्दार नहीं बना।
मैं इस असल ज़िंदगी की कहानी में भी किसी चमत्कार की उम्मीद कर रही हूं, जबकि मैं आज इन नाटकीय घटनाओं को होते हुए देख रही हूं।
