देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस गर्व के मौके पर पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस और ‘करेक्शनल सर्विसेज’ के कुल 982 कर्मियों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित करने की घोषणा की गई। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ‘सुपर कॉप' जोड़ी इंस्पेक्टर मंजीत जागलान और इंस्पेक्टर निशांत दहिया को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 

 

सुपर कॉप के नाम से मशहूर इस जोड़ी ने पिछले कुछ सालों में गैंगस्टरों और आतंकियों के नेटवर्क के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करके कमर तोड़ी है। दोनों को इस गणतंत्र दिवस 2025 पर पुलिस वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दोनों अधिकारियों ने मिलकर कई हाई‑प्रोफाइल और हाई‑रिस्क मामलों में अपनी निर्णायक भूमिका निभाई है।

 

यह भी पढ़ें: भारत का 77वां गणतंत्र दिवस, एक नहीं दो-दो चीफ गेस्ट, कौन हैं दोनों?

किस-किस केस में दिया योगदान?

इंस्पेक्टर मंजीत जागलान और इंस्पेक्टर निशांत दहिया की क्राइम हिस्ट्री को सुलझाने की बात करें तो इसकी लिस्ट काफी लंबी है। दोनों ने मिलकर सलमान खान के घर फायरिंग, सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, मोहाली RPG अटैक, फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर गोलीबारी, खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की तलाश, रैपर बादशाह के कैफे पर फायरिंग और संसद भवन से जुड़े संवेदनशील सुरक्षा मामलों में अहम योगदान दिया है।

कहां तैनात हैं अधिकारी?

इंस्पेक्टर मंजीत जागलान और इंस्पेक्टर निशांत दहिया दिल्ली पुलिस की एंटी‑टेरर यूनिट, स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट में तैनात हैं। दोनों अधिकारियों को दिल्ली पुलिस का होनहार ऑफिसर माना जाता है। उन्हें असाधारण बहादुरी, सूझबूझ और गैंगस्टरों के खिलाफ साहसिक कार्रवाइयों के लिए केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

 

यह भी पढ़ें: हिमाचल में पर्यटकों का बुरा हाल, 10-10 KM लंबा जाम; घूमने संभलकर जाएं

 

सुपर कॉप जोड़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्होंने केवल ऑपरेशन की रणनीति ही नहीं बनाई, बल्कि खुद मैदान में उतरकर जोखिम उठाते हुए टीम का नेतृत्व किया है। चाहे विरोधियों की गोलीबारी हो या अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का पीछा, दोनों ने हर परिस्थिति में आगे रहकर ऑपरेशन को अंजाम दिया। यही वजह है कि इस बार उन्हें वीरता पुरस्कार से नवाजा गया है।

 

हरियाणा के रहने वाले निशांत दहिया और मंजीत जागलान दोनों 2014 बैच के अधिकारी हैं। अपने करियर के शुरुआती दिनों से ही दोनों ने फील्ड में मजबूत पकड़ बनाई और लगातार ऑपरेशनल सफलता, सटीक इंटेलिजेंस इनपुट और साहसिक कार्रवाइयों की बदौलत इन्हें आउट‑ऑफ‑टर्न प्रमोशन मिला।