महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार बुधवार को एक प्लेन क्रैश का शिकार हो गए थे। इस हादसे में उनकी और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। गुरुवार को उनके पैृतक गांव काटेवाड़ी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 'दादा' के नाम से मशहूर अजित पवार को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग जुटे और 'अजित दादा अमर रहें' के नारों के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत तमाम राजनेता भी अजित पवार के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
अजित पवार के घर से उनके शव को एक बड़ी गाड़ी में रखकर एक शवयात्रा निकाली गई। बाद में यह शवयात्रा विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पहुंची, जहां एक ऊंचा सा मंच बनाया गया था। इसी मंच पर उनके शव को रखकर मुखाग्नि दी गई। अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार अपने पिता के अंतिम संस्कार करते देखे गए। इस दौरान वहां पर अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार, छोटे बेटे जय पवार, भतीजे रोहित पवार, बहन सुप्रिया सुले और चाचा शरद पवार समेत पवार परिवार के तमाम लोग मौजूद थे।
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'अजित दादा अमर रहें' के नारों से गूंजा काटेवाड़ी
पुणे जिले के काटेवाड़ी और आसपास के गांवों के शोक संतप्त लोग, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनके आवास के बाहर उमड़ पड़े और ‘अजित दादा अमर रहे’, ‘अजित दादा परत या’ (अजित दादा कृपया वापस आ जाएं) जैसे नारे लगाने लगे। कई शोक संतप्त लोगों ने क्षेत्र के विकास में उनकी भूमिका की सराहना करते हुए कहा, ‘उनके जैसा नेता दोबारा नहीं जन्म लेगा।’
बता दें कि पुणे से लगभग 100 किलोमीटर दूर बारामती हवाई पट्टी के पास लियरजेट विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से बुधवार सुबह अजित पवार (66) की मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना में दो पायलट, एक विमान परिचारक और एक निजी सुरक्षा अधिकारी की भी जान चली गई थी। गुरुवार की सुबह अजित पवार के पार्थिव शरीर को बारामती के पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी अस्पताल से बारामती के पास स्थित उनके गांव काटेवाडी लाया गया।
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चाहने वालों की आंखों में आंसू
काटेवाड़ी के 65 वर्षीय निवासी गणपत थोम्ब्रे से जब अपनी भावनाएं बयां करने को कहा गया तो उनका गला रुंध गया और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। गणपत थोम्ब्रे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘हमारे नेता को हमसे छीन लेने वाली उस दुखद घटना को 24 घंटे बीत चुके हैं। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि दादा अब हमारे बीच नहीं हैं। उनके जैसा नेता दोबारा पैदा नहीं होगा।’
उन्होंने कहा, ‘उपमुख्यमंत्री होने के बावजूद उन्होंने काटेवाडी, खटलपट्टा, सोनगांव और आसपास के अन्य गांवों के मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया।’ गणपत ने कहा कि वह अजित पवार को व्यक्तिगत रूप से जानते थे क्योंकि अजित ने उनकी पोती को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने में मदद की थी। आंखों में आंसू लिए थोम्ब्रे ने कहा, ‘उन्होंने अच्छी सड़कें और स्कूल बनवाकर इस क्षेत्र में बदलाव लाया। उनके जैसा नेता फिर कभी नहीं होगा।’

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धाराशिव जिले के टेर से आए चंद्रकांत माली ने कहा कि महाराष्ट्र ने एक हीरा खो दिया है। जिस परिसर में अजित पवार के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, वहां उनकी पत्नी और राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार, उनके बेटे पार्थ और जय के साथ-साथ अजित पवार के छोटे भाई श्रीनिवास पवार भी हाथ जोड़े खड़े दिखे और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
इस मौके पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे, उनकी पत्नी और बेटे अमित, अभिनेता रितेश देशमुख और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने काटेवाडी स्थित पवार के आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
