अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर एक साथ मिलकर 28 फरवरी को संयुक्त हमला किया था। ईरान ने भी पटवार करते हुए मिडिल ईस्ट के देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। अब युद्ध शूरू होने के 10 दिन बाद इसका असर दिखने लगा है। भारत में इस भयानक जंग का असर साफ दिखने लगा है। देश के तीन सबसे बड़े शहरों में LPG गैस की कमी देखने को मिल रही है।
खबर सामने आई है कि मुंबई, बेंगलूरु और चेन्नई में गैस संकट गहरा गया है। यह संकट खासतौर से होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के लिए मुसीबत बनकर सामने आया है। इंडस्ट्री से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि अगर स्थिति जल्दी नहीं सुधरी तो अगले दो दिनों में शहर के कई रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिती आ सकती है। कमर्शियल गैस की सप्लाई रुकने और डिलीवरी में देरी से हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
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बेंगलूरु होटल्स एसोसिएशन ने क्या कहा?
इस बाबत सबसे पहले बेंगलूरु होटल्स एसोसिएशन ने एक नोटिस जारी करके सरकार का ध्यान इस ओर लाया। एसोसिएशन ने सोमवार को जानकारी देते हुए कहा कि कमर्शियल इस्तेमाल के लिए गैस सिलेंडर की सप्लाई आज से रोक दी गई है। क्योंकि होटल इंडस्ट्री को एसेंशियल सर्विस की कैटेगरी में रखा गया है, इसलिए आम लोगों, सीनियर सिटिजन, स्टूडेंट्स, मेडिकल और इस पर निर्भर दूसरे लोगों को रोजाना के खाना खाने में परेशानी होगी।
ऑयल कंपनियों ने किया था दावा
एसोसिएशन ने आगे कहा कि हमारी होटल इंडस्ट्री को भी तब तक मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा जब तक गैस सप्लाई सामान्य नहीं हो जाती। इसमें कहा गया है, 'ऑयल कंपनियों ने कहा था कि 70 दिनों तक गैस सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आएगी लेकिन अचानक सप्लाई बंद होना होटल इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका है। इसलिए, हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित केंद्रीय मंत्री इस बारे में तुरंत एक्शन लेंगे और कमर्शियल गैस सप्लाई फिर से शुरू करेंगे और होटल इंडस्ट्री को मदद देंगे। गैस सप्लाई बंद होने की वजह से कल से होटल बंद रहेंगे।'
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चेन्नई-मुंबई और तेलंगाना-आंध्र में संकट
इसके अलावा चेन्नई में भी गैस की किल्लत सामने आई है। इसकी कमी की वजह से शहर में रेस्टोरेंट और होटल कारोबार पर असर पड़ा है। चेन्नई के रेस्टोरेंट मालिकों के एसोसिएशन ने इस मुद्दे को केंद्र सरकार के संज्ञान में लाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है। एसोसिएशन को आशंका है कि अगर गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं हुई तो खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ जाएंगी या बिक्री प्रभावित होगी।
इसके अलावा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई शहरों में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर का डिस्पैच सीमित कर दिया गया है। मुंबई में भी रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि उन्हें कमर्शियल LPG सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत लोग 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर पाएंगे।
40 फीसदी LNG सप्लाई प्रभावित
दरअसल, TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारत के लगभग 40 फीसदी LNG (Liquefied Natural Gas) सप्लाई प्रभावित हुई है। ऐसे में केंद्र सरकार उद्योगों के लिए एक ऑप्टिमाइजेशन प्लान पर काम कर रही है। इसमें उर्वरक जैसे प्राथमिकता वाले सेक्टर भी शामिल हैं।
इसी बीच LPG संकट पर पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने बयान जारी किया है। मंत्रालय के मुताबिक, फ्यूल सप्लाई में मौजूदा जियोपॉलिटिकल रुकावटों और LPG सप्लाई में आई बाधाओं को देखते हुए तेल रिफाइनरियों को ज्यादा उत्पादन करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने कहा है कि इस अतिरिक्त उत्पादन का इस्तेमाल घरेलू LPG की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
