इन दिनों आप देश की राजधानी के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने गए होंगे तो आपने देखा होगा कि 'अजमेरी गेट' की साइड तीन बड़ी-बड़ी कतारें लग रही हैं। यह कतारें गेट नंबर 8, गेट नंबर 10 और गेट नंबर 11 पर लग रही हैं। सिर्फ स्टेशन में घुसने मात्र के लिए इस भीषण गर्मी में करीब 500 लोग चिलचिलाती धूप में इन लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। इन लाइनों में लगे लोगों के चेहरे पर पसीने के अलावा ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी दिखी। मगर, इन लाइनों का एक दूसरा पहलू भी देखने को मिला।
'खबरगांव' जब इन लाइनों का रियलटी चेक करने पहुचा तो हकीकत जान भारतीय रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खडे़ हो गए। दरअसल, इन लाइनों में लगने के लिए मजबूर लोगों का फायदा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के सैकड़ों 'कुली' (पोर्टर) उठा रहे हैं। ये कुली यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ठग रहे हैं।
पैसे लेकर वैकल्पिक गेट देते कुली
इस स्थिति का फायदा उठाकर कुली यात्रियों से ज्यादा पैसे लेकर वैकल्पिक (गेट नंबर 8, 10, 11 के अलावा) गेट से एंट्री कराने का दावा करते हैं। ये कुली इन तीनों गेट को छोड़कर अन्य दूसरे गेट से यात्रियों की एंट्री भी करवा रहे हैं। दर्जनों कुली गेट नंबर सात से यात्रियों का सामान लेकर उन्हें ट्रेन पकड़वाते हुए दिखाई दिए।
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वहीं, कई कुली गेट नंबर 10 से लाइन में लगे सैकड़ों लोगों को पीछे छोड़ते हुए अपने 'यात्री ग्राहक' के साथ कतार के सबसे आगे पहुंच गए और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मदद से प्लेटफॉर्म के अंदर एंट्री मिली। लाइन में लगे अन्य यात्री मुंह ताकते रह गए और रेलवे की अनाउंसमेंट की आवाज में इसे भूलकर फिर से अपनी बारी का इंतजार करने लगे।
मजबूरी में कूलियों को देने पड़ते हैं पैसे
कई यात्रियों का आरोप है कि जल्दी ट्रेन पकड़ने की मजबूरी में उन्हें कुली को मजबूरी में ज्यादा रकम देनी पड़ती है। स्टेशन परिसर में अनौपचारिक एंट्री का यह नेटवर्क यात्रियों की सुरक्षा और सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। पूरे मामले में रेलवे सुरक्षा बल की मौजूदगी के बावजूद ऐसी गतिविधियों का जारी रहना निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाता है। इसमें आरपीएफ की संलिप्तता भी दिखाई दी।
'आधे घंटे लाइन में लगे रहोगे'
स्टेशन परिसर के बाहर कतारों में लगे लोगों के पीछे से कई कुली आवाज लगाते हुए सुनाई दिए- 'आधे घंटे लाइन में लगे रहोगे, चलो पांच मिनट में ट्रेन पकड़वा दूं।' गेट नंबर 10 के सामने लाइन में लगे एक यात्री से कुली ने कहा, 'भईया ट्रेन छूट जाएगी, आओ मैं आपको शॉर्टकट से निकाल देता हूं।' इसके बाद जो यात्री इनके चंगुल में फंसता है, उससे कुली मन-माफिक रकम वसूलते हैं। साथ ही कुली यात्रियों को इन लंबी लाइनों का डर दिखाते हैं और उन्हें अपना 'शिकार' बनाते हैं।
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एक कुली ने तो हमसे पूछा कौन सी ट्रेन है? जवाब मिला लखनऊ तेजस। इसपर कुली ने कहा, 'तेजस राजधानी ट्रेन पकड़वा दूंगा... 4 मिनट रह गए हैं।' ट्रेन पकड़वाने की एवज से कुली ने हमसे 500 रुपये की मांग कर दी।
'हमें मजबूरी में नियम का पालन तो करना है'
गेट नंबर 10 के सामने लाइन में लगे कई यात्री ऐसे मिले जिन्हें ट्रेन पकड़नी थी। किसी को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस पकड़नी थी तो, किसी को स्वतंत्रता सेनानी तो किसी को पूर्वा एक्सप्रेस। स्वतंत्रता सेनानी ट्रेन पकड़ने वाले एक यात्री ने लाइन में अपनी बारी का इंतजार करते हुए कहा- 'हम क्या कर सकते हैं, ये बेकार का नियम लगा दिया है। हमें मजबूरी में इसका पालन तो करना ही है।'
नियम सिर्फ यात्रियों के लिए
दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर जितने भी कुली हमें यात्रियों का सामान ले जाते हुए दिखाई दिए उनमें से कोई भी इन लाइनों में अपनी बारी का इंजतार करता हुआ नहीं मिला। कुली या तो लाइन तोड़कर सीधा आगे पहुंच गए या फिर इन लाइनों के इतर उन गेटों से स्टेशन के अंदर जाते हुए दिखाई दिए जहां से ना के बराबर यात्री अंदर जा रहे थे। कूलियों के इस काम में आरपीएफ सहायता करती दिखी।
भारतीय रेलवे की तैयारियों पर सवाल
भीड़ प्रबंधन की कमी और सीमित गेट खोलने की नीति को लेकर भारतीय रेलवे की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि VIP या जल्दी एंट्री के लिए 'पैसे देकर शॉर्टकट' बनाना आम हो गया है, जो नियमों के खिलाफ है। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार एजेंसियां इस सिस्टम को सुधारने के लिए कदम उठाएंगी या यात्रियों का शोषण यूं ही जारी रहेगा।
आरपीएफ ने क्या कहा?
हालांकि, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन आरपीएफ थाने के निरीक्षक (इंस्पेक्टर) ने खबरगांव से बात करते हुए पहले तो इन आरोपों को खारिज किया, मगर सबूत होने के दावे पर उन्होंने कहा कि यहां कुली काफी समय से काम कर रहे हैं तो स्टेशन के अंदर जाने वाले रास्तों की जानकारी है इसलिए वैकल्पिक रास्तों से अपने ग्राहकों को लेकर जा रहे हैं। यात्रियों को पैसे के बदले स्टेशन के अंदर ले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इससे हम लोग भी परेशान हैं और इसपर रोकथाम लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
दिल्ली आरपीएफ थाने के निरीक्षक ने कहा कि इन कूलियों में कई गैरकानूनी कुली भी हैं। मगर, आरपीएफ यह नहीं बता पाई कि इन गैरकानूनी तरीके के काम कर रहे कूलियों पर क्या कार्रवाई होगी। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रेलवे स्टेशन के बाहर कैसे गैर-कानूनी तरीके के काम कर रहे हैं?
