बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को लोकसभा में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू समेत कई कांग्रेस नेताओं पर हमला बोला। उन्होंने कुछ किताबों का हवाला दिया। हालांकि इस पर विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताई। भारी हंगामे के बाद दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने जवाहर लाल नेहरू और कांग्रेस नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने यह बात पूर्व नौकरशाह और अन्य की किताबों के हवाले से कही।
पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने निशिकांत दुबे से कोई किताब नहीं दिखाने का अनुरोध किया। उन्होंने किताब और पत्र के उल्लेख नहीं करने से जुड़े नियमों का भी हवाला दिया। मगर निशिकांत दुबे नहीं रुखे। उन्होंने किताब के लेखकों और उसमें लिखी सामग्री का जिक्र किया।
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विपक्षी सांसदों ने निशिकांत दुबे के बयान पर आपत्ति जताई। कुछ ने कागज भी उछाले। भारी हंगामे के बाद पीठासीन सभापति ने सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी। निशिकांत से पहले विपक्ष के आठ सांसदों के निलंबन पर भी भारी हंगामा के कारण सदन पहले 12 बजे तक और बाद में दो बजे तक स्थगित किया गया। निशिकांत दुबे के बयान पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के चैंबर पर भी भारी हंगामा हुआ। कांग्रेस नेताओं ने यहां भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
निशिकांत ने सदन में क्या बयान दिया?
अपने संबोधन में निशिकांत दुबे ने कहा, 'सभापति महोदय यहां पर किताब पर चर्चा चल रही है। एक किताब पर चर्चा चल रही है। वो किताब जो आज तक छपी नहीं है। मैं आपके माध्यम से सदन को उन किताबों के बारे में बताना चाहता हूं, जो नेहरू-गांधी परिवार के गद्दारी, मक्कारी और भ्रष्टाचार और अय्याशी से भरा पड़ा है। ये सब छपी हुईं किताब हैं।'
दुबे ने आगे कहा, 'पहली किताब 'Edvina And Nehru' है। भारत जो स्वतंत्र हुआ, किस तरह से पाकिस्तान का बंटवारा हुआ, किस तरह से भारत के पहले प्रधानमंत्री अय्याशी कर रहे थे। इस किताब में मैं उसका जिक्र करना चाहता हूं। मैं उसको कोट करना चाहता हूं। निशिकांत दुबे ने सदन में कई और किताबों का भी जिक्र किया। वह किताबों के साथ ही सदन पहुंचे।'
'हंगामा करने की खातिर निशिकांत को आगे लाया जाता है'
निशिकांत के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने निशिकांत जी को तभी आगे लाया जाता है जब सरकार हंगामा करना चाहती है। सरकार एक सदस्य को प्रकाशित किताब से कोट करने नहीं दे रही है, लेकिन वह (बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे) सदन में छह किताबें लाते हैं और उनसे कोट करते हैं। यह सरकार दिखाना चाहती है कि संसद में केवल उनका ही तरीका ही चलेगा। यह स्पीकर और संसद का अपमान है।
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ध्यान भटकाने के लिए नेहरू का जिक्र: प्रियंका
प्रियंका गांधी ने आगे कहा, 'विपक्ष का नेता सिर्फ एक व्यक्ति नहीं है। वह पूरे विपक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे (सरकार) देश के लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नेहरू का जिक्र कर रहे हैं, क्योंकि जनरल साहब ने देश की लीडरशिप के बारे में कुछ कहा था। क्या इंदिरा गांधी कभी कोई फैसला लेने से पीछे हटीं? कभी नहीं। इस तरह से कोई देश नहीं चलाया जाता।'
