देश की राजधानी दिल्ली में 16 फरवरी से शुरू हुआ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के महाकुंभ एआई इंपैक्ट समिट 2026 20 फरवरी तक चलेगा। यह समिट दुनिया का सबसे बड़ा AI समिट है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए दुनियाभर के दिग्गज दिल्ली पहुंचे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से नौकरियां जाने की चिंताओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह जॉब मार्केट में 'AI से होने वाली दिक्कतों' को लेकर युवाओं की चिंताओं को समझते हैं।

 

न्यूज एजेंसी एएनआई के दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने उन चिंताओं को दूर किया कि अगर AI की वजह से नौकरियां खत्म हो जाती हैं तो भारत के डेमोग्राफिक डिविडेंड का इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। इस चुनौती से निपटने के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार AI से चलने वाले भविष्य के लिए लोगों की स्किलिंग और री-स्किलिंग में निवेश कर रही है।

 

यह भी पढ़ें: सर्दी खत्म हो गई? आज बारिश के साथ गिर सकते हैं ओले, मौसम का हाल

अभी की जरूरत है AI

पीएम मोदी ने कहा, 'सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी स्किलिंग पहलों में से एक शुरू की है। हम इसे भविष्य की समस्या के तौर पर नहीं देख रहे हैं, बल्कि इसे अभी की जरूरत मान रहे हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि तैयारी ही डर का सबसे अच्छा इलाज है।

 

यह भी पढ़ें: कौन हैं केनिशा पालीवाल जिनकी हल्दीराम परिवार में हुई शादी?

AI ज्यादा लोगों तक पहुंचने में करेगा मदद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह AI को एक फोर्स मल्टीप्लायर के तौर पर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह 'उन सीमाओं को आगे बढ़ाने में मदद करेगा जो हमने सोचा था कि मुमकिन हो सकती हैं। AI डॉक्टरों, शिक्षकों और वकीलों के साथ-साथ दूसरों को भी ज्यादा लोगों तक पहुंचने और उनकी मदद करने में मदद कर सकता है।

 

 

उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक की वजह से काम खत्म नहीं होता, बल्कि उसका स्वरूप बदलता है और नई तरह की नौकरियां पैदा होती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ नौकरियां फिर से तय होंगी और डिजिटल बदलाव के बाद भारत की अर्थव्यवस्था में नई तकनीकी नौकरियां आएंगी।

भारत बदलने के लिए तैयार

पीएम मोदी ने कहा, 'सदियों से यह डर रहा है कि नवाचार और तकनीकी क्रांतियां नौकरियां खत्म कर देंगी। फिर भी इतिहास हमें सिखाता है कि जब भी नवाचार होता है तो नए मौके सामने आते हैं। AI के जमाने में भी यही सच साबित होगा।' उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत इस बदलाव के हिसाब से ढलने के लिए पहले से ही पूरी तरह तैयार है।