दिल्ली में मंगलवार को मणिपुर के विधायक दल की बैठक बुलाई गई। इसमें बीजेपी विधायक वाई खेमचंद को विधायक दल का नेता चुना गया है। बीजेपी के इस कदम के बाद जल्द ही राज्य में चुनी हुई सरकार बहाल होने की उम्मीद बढ़ गई है। मणिपुर में हिंसा के करीब डेढ़ साल बाद तत्कालीन सीएम एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

 

चार दिन बाद यानी 13 फरवरी 2025 से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है। अब वाई खेमचंद मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वे पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह की जगह लेंगे। एन बीरेन सिंह पहली बार 2017 में मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन 3 मई 2023 को मणिपुर में कुकी और मैतेई जनजातियों के बीच छिड़ी हिंसा के बाद सरकार पर सवाल उठने लगे थे।

 

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मणिपुर से बीजेपी विधायक थोकचोम राधेश्याम सिंह ने कहा, 'यह अच्छी बात है कि हमारी एक चुनी हुई और लोकप्रिय सरकार बनने जा रही है। यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था। हालांकि हम केंद्रीय नेतृत्व को धन्यवाद देते हैं। यहां हर समस्या का समाधान होता है। मुझे लगता है कि केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन और युमनाम खेमचंद के नेतृत्व में नए मंत्रालय के साथ हम एक समाधान ढूंढ लेंगे।'

 

 

कौन हैं वाई खेमचंद सिंह?

वाई खेमचंद सिंह का पूरा नाम युमनाम खेमचंद सिंह है। वे मणिपुर सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा 2017 से 2022 तक मणिपुर के विधानसभा अध्यक्ष थे। अब राज्य के 56वें मुख्यमंत्री होंगे। मौजूदा समय में वाई खेमचंद सिंगजामेई विधानसभा से विधायक हैं। 2022 में जब बीजेपी को मणिपुर में दूसरी बार जीत मिली तो खेमचंद को ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।

 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खेमचंद का संबंध मैतेई समुदाय से है। पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह भी इसी समुदाय से आते हैं। युमनाम खेमचंद सिंह को ताइक्वांडो खूब पंसद है। वे ताइक्वांडो कला शैली में 5वीं डैन ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने 16 साल की उम्र में ताइक्वांडो का अभ्यास शुरू किया था। इसके बाद 1982 में अखिल असम ताइक्वांडो एसोसिएशन की स्थापना भी की थी।