केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) के डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल अब खत्म होने की ओर है। 24 मई 2026 को उनके मौजूदा कार्यकाल की आखिरी तारीख है। उन्हें एक साल का सेवा विस्तार मिला था। केंद्र सरकार ने 7 मई 2025 को IPS प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया था। उनकी रिटायरमेंट के बाद यह जिम्मेदारी किसे मिलेगी, इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक IPS शत्रुजीत कपूर और IPS अजय शर्मा का नाम भी इस रेस में शामिल है। प्रवीण सूद ने 25 मई 2023 को 2 साल के लिए सीबीआई निदेशक का पद संभाला था। पहले वह 24 मई 2025 को रिटायर होने वाले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति की एक बैठक हुई, जिसके बाद बीते साल उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था।
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चयन समिति में देश के तत्कालीन चीफ जस्टिस में संजीव खन्ना और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने चयन समिति की सिफारिश के आधार पर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई 2025 के बाद एक साल और बढ़ाने की मंजूरी दी थी।
कौन हो सकता है अगला CBI डायरेक्टर?
IPS अजय शर्मा का नाम चर्चा में
साल 1989 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह भी CBI डायरेक्टर पद के प्रबल दावेदार हैं। उनके पास राज्य के विजिलेंस विभाग में 14 साल के कार्यकाल का अनुभव है। प्रवीण सूद की तरह, अजय शर्मा भी कभी CBI में नहीं रहे।
वह मध्य प्रदेश कैडर के सबसे अमीर IPS अधिकारी भी हैं। गृह मंत्रालय को उन्होंने अपने आयकर विवरण में यह जानकारी दी है। उनकी घोषित संपत्ति 11.65 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
अजय कुमार शर्मा के पास कई विभाग है। वह मध्य प्रदेश में विशेष पुलिस महानिदेशक, हाउसिंग कॉर्पोरेशन पर तैनात हैं। वह सीनीयरिटी रेस में डीजीपी कैलाश मकवाना के बाद राज्य में दूसरे स्थान पर है। अजय कुमार शर्मा का जन्म 15 अगस्त 1966 को हुआ था। 20 अगस्त 1989 को उन्होंने IPS की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।
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IPS शत्रुजीत सिंह कपूर भी हैं रेस में
शत्रुजित सिंह कपूर 1990 बैच के IPS अधिकारी हैं। जनवरी 2026 में उन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) का चीफ बनाया गया था। वह सीनियर अधिकारी हैं। हरियाणा पुलिस के महानिदेश के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। DGP बनने से पहले, उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो के डायरेक्टर के तौर पर सेवाएं दी हैं। उन्हें हरियाणा बिजली वितरण निगमों के सीएमडी जैसे प्रमुख पदों नियु्क्त किया जा चुका है। हरियाणा सरकार ने IPS वाई पूरण कुमार की कथित आत्महत्या को लेकर हुए हंगामे के बाद छुट्टी पर भेज दिया गया था। 2 महीने बाद उन्हें ITBP में अहम जिम्मेदारी दी गई।
