विपक्षी दलों के भारी हंगामे के कारण मंगलवार को भी दो बार संसद की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। पहले भारत और अमेरिका ट्रेड डील पर हंगामा मचा। बाद में राहुल गांधी ने चीन का मुद्दा उठाया। इसके बाद गतिरोध और बढ़ गया। पहले दोपहर 12 बजे तक और बाद में 3 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित रही। इस बीच कागज उछालने और नियमों के उल्लंखन के आरोप में विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया दिया गया। सात कांग्रेस और एक सीपीआई (M) के हैं।

 

इस बीच खबर है कि केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल जल्द ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की जानकारी संसद में देंगे। बता दें कि विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार से संसद को विश्वास में लेने की मांग उठा रहा है।

 

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इन सांसदों को किया गया निलंबित

  • हिबी ईडन 
  • अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग 
  • मणिकम टैगोर 
  • गुरजीत सिंह औजला
  • प्रशांत पाडोले
  • चमाला किरण कुमार रेड्डी
  • डीन कुरियाकोस
  • एस वेंकटेशन (सीपीआई-एम )

 

इन सभी सांसदों को पूरे बजट सत्र से निलंबित किया गया है। आरजेडी के राज्यसभा सांसद ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'सरकार में विपक्षी सांसदों की चिंताओं को सुनने की हिम्मत होनी चाहिए। अगर इस तरह से निलंबन होता है 2012-2013 में पूरी बीजेपी सस्पेंड हो गई होती।'

 

सपा सांसद डिंपल यादव ने निलंबिन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, 'हम इस मुद्दे को कल भी उठाएंगे। सांसदों को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है, वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के रीडेवलपमेंट के दौरान मराठा रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़ा गया।' उन्होंने आगे कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष के नेता को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। 

निलंबन अलोकतांत्रिक है: इकरा हसन

सपा सांसद इकरा हसन ने कहा, 'नियम सिर्फ विपक्ष के लिए हैं, सत्ताधारी पार्टी के लिए नहीं। जब सत्ताधारी सांसद असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं तो कोई कार्रवाई नहीं होती, लेकिन विपक्षी सांसद के आवाज उठाने पर एकतरफा कार्रवाई की जाती है। यह अलोकतांत्रिक है।'

'कांग्रेस सांसदों का बयान बहुत खराब था'

बीजेपी सांसद दिलीप सैकिया ने कहा, 'आज कुछ कांग्रेस सांसदों का व्यवहार बहुत खराब था। उन्होंने चेयर का अपमान किया। चेयर पर कागज फेंकना सही नहीं है। नियम 3742 के तहत संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक प्रस्ताव पेश किया। सदन के स्पीकर ने इसे स्वीकार कर लिया। इसके तहत कांग्रेस के सात और सीपीएम के एक सांसद को इस सेशन के लिए निलंबित कर दिया गया।'

 

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सरकार का लोकतंत्र विरोधी चेहरा बेनकाब: दीपेंद्र

सांसदों के निलंबन पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि किसी देश और लोकतंत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी भूमिका होती है। विपक्ष के नेता से यह कहना कि वह भारत-चीन संबंधों पर नहीं बोल सकते, सही नहीं है, क्योंकि अगर विपक्ष के नेता को कोई ऐसा मुद्दा दिखता है जो राष्ट्रीय हित में है तो वह अपनी राय जरूर रखेंगे। हुड्डा ने आगे सवाल पूछा,  'क्या वे बिना विपक्ष के लोकतंत्र चाहते हैं? फिर लोकतंत्र का क्या मतलब है? यह लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है। सरकार का लोकतंत्र विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है।'