महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बारिश ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। लोगों का सड़क पर निकलना मुहाल हो गया है। जगह-जगह पानी भरा है, स्कूल, दुकान और दफ्तर बंद हैं। अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि मुंबई की बाढ़ की समस्या सिर्फ बीएमसी की गलती नहीं है, बल्कि यह हमारी अपनी बनाई हुई समस्या है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि शहर में बारिश के पानी भरने की वजह अतिक्रमण, नालियों को बंद करना और फुटपाथों का दुरुपयोग है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने इस असुविधा की वजह से सड़कों पर अवैध कब्जा बताया और कहा कि लोगों की नियत खुद अपनी मातृभूमि को लूटने की है।
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बॉम्बे हाई कोर्ट:-
हम फुटपाथों को पाव भाजी का स्टॉल बना देते हैं। हमारी आदत अपनी मातृभूमि को खुद लूटने की है। एक छोटी सी बारिश में सड़कें बंद हो जाती हैं। यह सब हमारी अपनी अपनी बनाई हुई चीजें हैं।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा है?
कोर्ट सायन-ट्रॉम्बे रोड पर मंडाला गांव में सड़क चौड़ीकरण के मामले की सुनवाई कर रहा था। बीएमसी ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने अपनी तरफ की 30 फुट सड़क पर अतिक्रमण हटा दिए हैं और 192 पेड़ भी काटे हैं।
BMC ने बताया है कि अब सड़क को 50 फुट चौड़ी करने के लिए अतिरिक्त जमीन परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के पास है। बीएमसी ने कहा कि जमीन मिलने पर वे सड़क चौड़ी करने को तैयार हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में DAE को नोटिस जारी कर दिया है।
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मुंबई का हाल क्या है?
मुंबई में दो दिनों की लगातार भारी बारिश के बाद मंगलवार थोड़ी राहत दिखी। शहर में बारिश कम हो गई, जिससे सड़कें और ज्यादातर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक शहर में औसतन 22.39 मिलीमीटर बारिश हुई। मंगलवार शाम को वसई और विरार के बीच ट्रैक पर पानी भर जाने से वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेन सेवाएं फिर से बंद हो गईं।
सुबह इन सेवाओं को शुरू किया गया था, लेकिन दोबारा बारिश से समस्या बढ़ गई। सेंट्रल रेलवे की सेवाएं चल रही हैं, लेकिन कुछ रूट पर देरी हो रही है। पिछले दो दिनों की तेज बारिश से मुंबई में जगह-जगह पानी भर गया है। ट्रैफिक बुरी तरह से प्रभावित है।


