अजीत पवार के निधन के बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने की मांग उठने लगी है। वहीं शरद पवार की पार्टी एनसीपी (SP) ने भी इसका विरोध नहीं किया। एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नरहरि जिरवाल ने कहा, 'लोगों की इच्छा है कि दिवंगत अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र कैबिनेट में शामिल किया जाए।'

 

सूत्रों के मुताबिक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और सुनील तटकरे ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की। पूरी संभावना है कि सुनेत्रा पवार अजीत पवार की खाली हुई सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। हालांकि वे मौजूदा समय में राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने 2024 में बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि अपनी ननद और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

 

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जब नरहरि जिरवाल से एनसीपी के दोनों गुटों के विलय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'दोनों गुट पहले से ही साथ हैं। सभी को एहसास हो गया है कि बिखरे रहने का कोई मतलब नहीं है और हमें साथ रहना होगा।'

 

नरहरि जिरवाल के अलावा प्रमोद हिंदुराव ने भी जोर देकर कहा कि सुनेत्रा पवार को अपने पति की विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए। बता दें कि प्रमोद हिंदुराव को अजीत पवार का विश्वासपात्र माना जाता है।

 

एक मराठी न्यूज चैनल से बातचीत में मंत्री नरहरि जिरवाल ने कहा, 'लोग चाहते हैं कि 'वहिनी' (भाभी यानी सुनेत्रा पवार) को कैबिनेट सदस्य बनाया जाए। हम इस बारे में अपने हाईकमान से बात करेंगे और फैसला लेंगे।'

 

सूत्रों के मुताबिक एनसीपी नेता जल्द ही सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर सकते हैं और सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने पर चर्चा हो सकती है।

'हमें कोई दिक्कत नहीं'

दोनों गुटों के विलय पर एनसीपी (शरद पवार) के अध्यक्ष शशिकांत शिंदे का कहना है कि अजीत पवार ने खुद महाराष्ट्र में नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनाव के बाद दोनों एनसीपी के विलय पर एक साथ बैठकर फैसला लेने की बात कह चुके थे।

 

उन्होंने कहा, 'अजीत दादा एक भावुक इंसान थे और चाहते थे कि दोनों गुट एक साथ आएं और परिवार एकजुट रहे। उन्हें लगा कि बहुत हो गया। अगर परिवार और पार्टियां सुलह चाहते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। अब हमें देखना है कि क्या हम उनकी आखिरी इच्छा पूरी कर पाते हैं।'

 

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जब उनसे पूछा गया कि क्या एनसीपी (एसपी) महायुति गठबंधन में शामिल होगी तो उन्होंने कहा, 'अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। देखते हैं कि अजीत दादा की आखिरी इच्छा के बारे में कोई फैसला हो पाता है या नहीं। एनसीपी (SP) के नेता सत्ताधारी गठबंधन में रहना चाहेंगे या नहीं, इस मुद्दे पर बाद में चर्चा की जा सकती है।'