भारतीय जनता पार्टी (BJP) तीसरी बार सरकार बनाने के लिए उत्तर प्रदेश में सियासी समीकरणों को साधने में जुट गई है। जातीय समीकरण के साथ मंत्रिमंडल विस्तार करने के बाद अब संगठन में ओबीसी, दलित और महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करने जा रही है। कांग्रेस अभी जिले और प्रदेश स्तर पर कमेटियों का गठन भी नहीं कर पाई है। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को एक तरफ चिंता सता रही है, दूसरी तरफ नई सुगबुगाहट देखने को मिल रही है।

पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए सजग है। राहुल गांधी का मानना है कि यूपी में यादव, मुस्लिम और दलितों की एकजुटता से सरकार बनाई जा सकती है। ऐसे में मायावती का साथ होना जरूरी है। मायावती पहले ही यूपी में अकेले दम पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी है। कांग्रेस के कुछ नेता कवायद कर रहे हैं कि बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा जाए।
 

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कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल करता रहा इंतजार, मायावती ने किया इंनकार

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती इन दिनों लखनऊ में रहकर संगठन को मजबूत करने में लगी हुई है। यह जानकर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र गौतम, विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद तनुज पुनिया अन्य नेताओं के साथ मायावती के आवास पर मिलने के लिए पहुंचे। चर्चा रही कि यह लोग कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का संदेश लेकर आए हैं। वह आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बातचीत करना चाहते हैं। संदेश अंदर भेजा गया, लेकिन मायावती ने कांग्रेस नेताओं से मिलने से इंनकार कर दिया। कांग्रेस नेता काफी देर तक वहां मौजूद रहे। इसके बाद मायावती आवास से बाहर निकल आए।

 

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प्रदेश सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू

कांग्रेस नेताओं के मायावती से उनके आवास में मिलने जाने की सूचना से प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनैतिक लोगों का मानना है कि बीजेपी को मात देने के लिए राहुल गांधी कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहे है। मायावती का साथ मिल जाए तो प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सीधी टक्कर दी जा सकती है। मायावती के मिलने से इनकार करना भी कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है।

क्यों मिलने आए थे कांग्रेसी नेता?

कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र गौतम ने सफाई देते हुए कहा कि मायावती दलित समाज की पूर्व मुख्यमंत्री है। उनके लखनऊ में होने की जानकारी मिली थी। हाल चाल लेना भी हमारा दायित्व है। हमने मायावतीके आवास के गेट पर अपना नाम लिखवा दिया है। जब मायावती बुलाएंगी तो दुबारा मिलने जाएंगे।

कांग्रेस ने मायावती से मिलने पहुचे नेताओं को नोटिस दिया

कांग्रेस ने मायावती से मिलने पहुंचे नेताओं को कारण बताओ नोटिस दिया है। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी की सहमति नहीं थी फिर कैसे मायवती से मिलने लोग पहुंच गए। अब मायावती की ओर जाने वाले नेता परेशानी में फंस गए हैं। किरकिरी अलग से हुई और मायवती भी नहीं मिलीं। दूसरी तरफ पार्टी ने नोटिस भी भेज दिया।