उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 6 मई को खत्म हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में प्रशासक बैठाए जाने की तैयारी शुरू कर दी है। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में शासन में प्रस्ताव भेजा है। प्रदेश में मौजूदा समय में 57694 ग्राम पंचायतें हैं। प्रदेश में कई कारणों से पंचायत चुनाव नहीं हो सके हैं। क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 19 जुलाई और जिला पंचायत का कार्यकाल 11 जुलाई को खत्म हो जाएगा। 

 

सूत्रों के मुताबिक, पंचायती राज विभाग ने सरकार के सामने दो विकल्प रखे हैं। पहला विकल्प यह रखा कि प्रधानों को ही प्रशासक बना दिया जाए। दूसरे विकल्प में एडीओ पंचायत को प्रशासक बना दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय सरकार को ही लेना है। माना जा रहा है कि 24 से 25 मई तक इस संबंध में सरकार फैसला ले लेगी। संभावना  यही है कि प्रधानों की प्रशासक बनाया जाएगा। विधान सभा चुनाव के बाद ही ग्राम पंचायत के चुनाव होंगे।

 

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हर बूथ पर रहेगी राज्य निर्वाचन आयोग की नजर

प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव को पारदर्शी और तकनीक आधारित  बनाने क लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी है। विशेष तकनीक और मोबाइल एप के कंट्रोल रूम से हर बूथ पर नजर रखी जाएगी। इससे फर्जी मतदान को राकने में सहायता मिलेगी। मतदान के दौरान किस  केंद्र में कितने मतदताओं ने मतदान किया, कितनी महिलाओं और कितने पुरूषोें ने मतदान किया, पहला वोट कितने बजे डाला गया, इसकी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।

 

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राज्य स्तर के कंट्रोल रूम से मतदान प्रतिशत लगातार अपडेत होता रहेगा। मतदान खत्म होने के बाद प्रदेश भर का मतदान प्रतिशत सामने आ जाएगा। प्रत्येक मतदान कर्मी के मोबाइल पर पंचायत चुनाव का विशेष एप रहेगा। इसमें संबंधित बूथ की वोटर लिस्ट भी अपलोड रहेगी। मतदान केंद्र पर मतदाता के पहुंचते ही उसके स्टेट वोटर नंबर के अंतिम चार अंक दर्ज करते ही उसका पूरा विवरण और फोटो स्क्रीन पर दिखाई देगी। पहचान सत्यापित होने के बाद वोटिंग का डाटा अपडेट कर दिया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति दूसरी जगह दोबारा मतदान करने जाएगा तो सिस्टम तुरंट अलर्ट कर देगा।