बंगाल में ममता बनर्जी की हार के बाद समाजवादी पार्टी में खलबली मची हुई है। पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने जमीनी स्तर पर काम करने का फैसला किया है। उन्होंने इसके लिए संगठन के सभी फ्रंटल अध्यक्षों के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की है।
पार्टी के फ्रंटल अध्यक्षों सहित पूर्व विधायकों की टीम तैयार की गई है। उनको जिलों में प्रवास करने के लिए भेजा जा रहा है। यह लोग जनपदों में जाकर पार्टी के संगठन के नेताओं के साथ बैठक करके विधानसभा वार समीक्षा करेंगे।
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बूथ अध्यक्षों के कंधे पर रहेगी जिम्मेदारी
सपा के बूथ अध्यक्षों को अपने बूथ की वोटर लिस्ट को निकालकर वहां के वोटरों के सामने उनकी जाति को लिखना होगा। बूथ जाति गणना करने के बाद मतदाता सूची सेक्टर अध्यक्ष को देगें। सेक्टर अध्यक्ष अपने क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों से मतदाता सूची की जातिगणना की रिपोर्ट संकलित करके जिला अध्यक्ष को देंगे।
विधानसभा वार जाति का आंकलन किया जाएगा। किस विधानसभा में किस जाति के लोग अधिक रहते हैं उसकी रिपोर्ट बनाकर संगठन के पदाधिकारी प्रदेश मुख्यालाय में जमा कराएंगे। इसके बाद जातीय संतुलन के हिसाब से विधान सभाओं में टिकट वितरण किया जाएगा।
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प्रत्याशियों का करा रही गोपनीय सर्वे
समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में कोई गलती नहीं करना चाहती है। इसके लिए पार्टी सजगता से काम कर रही है। पार्टी यूपी की सभी विधानसभाओं में हारे और जीते प्रत्याशियों का गोपनीय सर्वे भी करवा रही हैं। किस प्रत्याशी की अपने क्षेत्र में कैसी पकड है उसका भी आंकलन किया जा रहा है।
जिले स्तर की कमेटियों को दुरस्त करने की तैयारी
आगमी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी जिले स्तर पर कमेटियों को दुरस्त करने की तैयारी में जुटी हुई है। इसको लेकर प्रदेश कार्यालय में कई राउंड में मंडल वार बैठकें भी की गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना हैं कि संगठन की मजबूती ही चुनाव में पैनी धार दे सकती हैं।