हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव में कई कांग्रेस विधायकों ने पार्टी के व्हिप का उल्लंघन किया था। अब इन विधायकों के खिलाफ कांग्रेस ने कार्रवाई की है और उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। राज्यसभा चुनाव के दौरान देखा गया था कि कई विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी थी। कांग्रेस के लिए राहत की बात इतनी थी कि मामूली अंतर से ही कांग्रेस के उम्मीदवार करमबीर बौद्ध चुनाव जीत गए थे। इस मामले में उस समय भी कांग्रेस ने ऐक्शन लेने की बात कही थी। शुरुआत में 4 ही विधायकों का नाम लिया जा रहा था लेकिन अब 5 के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

 

हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र की ओर से जारी पत्र में लिखा गया है कि यह कार्रवाई प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश और कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सिफारिश पर की गई है। इन पर संगठन के अनुशासन के उल्लंघन का आरोप है इसलिए पांचों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।

 

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किन विधायकों पर गिरी गाज?


शैली चौधरी- नारायणगढ़
रेणु बाला- सढौरा
सरदार जरनैल सिंह- रतिया
मोहम्मद इलियास-पुन्हाना
मोहम्मद इजराइल-हथीन

 

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पार्टी ने क्या वजह बताई?

इसी पत्र में लिखा गया है, 'संबंधित विधायकों ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मतदान करके गंभीर अनुशासनहीनता का परिचय दिया तो संगठनात्मक मर्यादाओं के खिलाफ है। पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।' 

राज्यसभा चुनाव में क्या हुआ था?

हरियाणा में दो सीटों पर राज्यसभा के चुनाव हुए थे। कांग्रेस और बीजेपी के एक-एक उम्मीदवार के अलावा बीजेपी के नेता सतीश नंदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरकर मामले को रोमांचक बना दिया था। बीजेपी के संजय भाटिया तो अपना चुनाव आसानी से जीत गए थे लेकिन कांग्रेस के करमबीर बौद्ध और सतीश नंदल के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। इसकी वजह थी कि कांग्रेस के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी थी।

 

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हरियाणा के 90 में 88 विधायकों ने वोट डाले थे और पांच विधायकों के वोट कैंसल हो गए थे। कहा जा रहा है कि जिन विधायकों के वोट कैंसल हुए, उनमें कांग्रेस के चार और बीजेपी के एक विधायक शामिल थे। इस तरह कुल वैलिड वोट की संख्या 83 बची थी। बीजेपी के संजय भाटिया को पहली प्राथमिकता के 39 वोट मिले और वह आसानी से चुनाव जीत गए थे। 

 

कर्मबीर बौद्ध को कुल 28 वोट मिले जो जीत के लिए तय कोटे से 0.34 ज्यादा थे। वहीं, सतीश नंदल को कुल 16 वोट थे। अब यहां यह देखने वाली बात है कि बीजेपी के पास 48 विधायक थे। एक वोट रद्द हुआ और संजय भाटिया को 39 वोट मिले तो बाकी के 47 वोट बचे। कांग्रेस के 37 में 28 वोट ही करमबीर बौद्ध को मिले। 5 ने क्रॉस वोटिंग की और 4 रद्द हो गए थे।

 

जीत के बावजूद कांग्रेस ने तुरंत ही इस मामले की जांच शुरू कर दी थी। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बी के हरिप्रसाद ने उस वक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि क्रॉस वोटिंग करने वालों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा।