बिहार की राजनीति में एक बार फिर बाहुबली नेता आनंद मोहन के बयान ने हलचल मचा दी है। हाल ही में आनंद मोहन ने जनता दल (यूनाइटेड) को लेकर विवादित बयान दिया है। आनंद मोहन सीतामढ़ी के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि JDU में थैली की राजनीति हो रही है, जहां कुछ नेताओं ने मिलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिंदा ही दफना दिया है। इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।


इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि आनंद मोहन का परिवार खुद JDU से जुड़ा हुआ है। आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद शिवहर से सांसद हैं, जबकि बेटे चेतन आनंद JDU विधायक हैं। इसके बावजूद उन्होंने मंच से अपनी ही पार्टी के नेताओं पर खुलकर हमला बोला। इसी वजह से इस बयान ने सभी लोगों को चौंका दिया है।

 

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क्या है JDU पार्टी की थैली राजनीति?

आनंद मोहन ने समारोह में आरोप लगाया कि पार्टी में अब समर्पण और विचारधारा की जगह थैली ने ले ली है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि JDU में पुराने नेताओं की राजनीतिक बलि दी गई। आनंद मोहन ने कहा कि कुछ लोग मुख्यमंत्री की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। साथ ही पार्टी के भीतर भी उनकी राजनीतिक पहचान कमजोर करने की कोशिश हो रही है।

 

आनंद मोहन ने अपने भाषण में शपथ ग्रहण समारोह के बारे में अहम बात कही। उन्होंने कहा था कि गांधी मैदान में नीतीश कुमार अपने 85 विधायकों के साथ मौजूद थे, इसके बावजूद पोस्टर-बैनर और प्रचार सामग्री से उनका चेहरा लगभग गायब कर दिया गया।


उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले गठबंधन सरकार में सहयोगी दलों के नेताओं की तस्वीरें दिखाई जाती थीं, अब खुद मुख्यमंत्री की तस्वीर तक नजर नहीं आती। उनके मुताबिक यह सिर्फ राजनीतिक उपेक्षा नहीं, बल्कि एक साजिश है।

 

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बीजेपी को नहीं दिया दोष

आनंद मोहन ने बीजेपी पर सीधे हमला करने से परहेज किया, जबकि JDU नेताओं पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि हर पार्टी अपना राजनीतिक विस्तार चाहती है, इसमें कोई गलत बात नहीं है। सवाल यह है कि JDU के भीतर कोई आवाज क्यों नहीं उठा रहा है? इसके बाद उन्होंने कहा कि जो लोग आज सत्ता के करीब हैं, वही पार्टी को अंदर से कमजोर कर रहे हैं और इसका नुकसान पूरे एनडीए (NDA) को उठाना पड़ सकता है।

'बेटा सरकार बचाएगा तो सरकार वही चलाएगा'

आनंद मोहन ने चेतन आनंद को मंत्री न बनाए जाने को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह गलत धारणा फैलाई जा रही है कि वह बेटे को मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज हैं। हालांकि, इसके बाद उन्होंने इशारों-इशारों में बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि जिसने थैली पहुंचाई, वही मंत्री बन गया। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक दौर में चेतन आनंद ने सरकार बचाने में भूमिका निभाई थी।

 

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अपने पूरे भाषण के दौरान आनंद मोहन का अंदाज बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने भोजपुर-बक्सर प्राधिकार चुनाव के नतीजों का जिक्र भी किया, जिसे लेकर कहा कि जनता ने थैली की राजनीति को जवाब देना शुरू कर दिया है। अंत में उन्होंने फिल्मी अंदाज में संदेश दिया, 'सिंह इज किंग, टाइगर अभी जिंदा है।' इस एक लाइन ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है कि क्या JDU के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं है, या फिर यह आने वाले चुनाव से पहले दबाव की नई राजनीति है।