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PM मोदी ने पैर छुए, शॉल पहनाई, माखनलाल सरकार कौन हैं जो अचानक छा गए?

पश्चिम बंगाल के शपथ ग्रहण समारोह खत्म हो चुका है, जहां सुभेंदु अधिकारी ने बतौर सीएम शपथ ली। दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी ने मक्खनलाल सरकार के पैर छुए। जानिए मक्खनलाल सरकार कौन हैं।

 Makhanlal Sarkar

नरेंद्र मोदी और मक्खनलाल सरकार, Photo credit- PTI

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पश्चिम बंगाल में आज नए सीएम का शपथ समारोह हो चुका है, जहां नए सीएम सुभेंदु अधिकारी से ज्यादा नरेंद्र मोदी सुर्खियां बटोर रहे हैं। इस समारोह में जहां एक तरफ मंच पर सुभेंदु अधिकारी ने बतौर सीएम शपथ ली, वहीं दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी ने एक बुजुर्ग शख्स के पैर छूकर सबका ध्यान खींच लिया। बुजुर्ग व्यक्ति मंच पर ही खड़े थे, जहां नरेंद्र मोदी पहुंचकर उन्हें गले लगाए, फिर शॉल पहनाया और उसके बाद झुककर पैर छुए। यह नजारा सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। अब सवाल उठता है कि वह बुजुर्ग व्यक्ति कौन हैं।

 

पश्चिम बंगाल का शपथ समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुआ, जहां बीजेपी पार्टी के कई बड़े नेता देखने को मिले। इस समारोह में नरेंद्र मोदी के अलावा स्मृति ईरानी, शिवराज सिंह चौहान और मिथुन चक्रवर्ती जैसे कई बड़े नेता मौजूद थे। नरेंद्र मोदी ने जिस शख्स के पैर छुए थे उनका नाम मक्खनलाल सरकार है, जिनकी उम्र 98 साल है। अब सवाल उठता है कि मक्खनलाल सरकार का नरेंद्र मोदी से क्या जुड़ाव है।

 

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कौन हैं मक्खनलाल सरकार?

 

मक्खनलाल सरकार बीजेपी (BJP) पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने न केवल बीजेपी पार्टी की नींव रखने में भूमिका निभाई थी बल्कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी उनका नाम दर्ज है। आजादी के बाद 1952 में मक्खनलाल सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर में तिरंगा फहराया था। बीजेपी पार्टी के गठन के बाद मक्खनलाल सरकार ने 1980 में 10 हजार लोगों को पार्टी से जोड़ा था। इसके अलावा उन्होंने पार्टी के लिए अनेक काम किए। मक्खनलाल सरकार का पश्चिम बंगाल की राजनीति से खास जुड़ाव है।


मक्खनलाल सरकार का बंगाल से क्या है जुड़ाव?


1945 के दौर में मक्खनलाल सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। उस दौरान वह राष्ट्रवादी आंदोलन के समर्थक थे। बंगाल में उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर राष्ट्रवादी आंदोलन का हिस्सा बने। उस दौरान बंगाल तक ही आरएसएस (RSS) संगठन सीमित था, जहां कई कार्यक्रम और आंदोलन कराकर मक्खनलाल सरकार ने संघ के ऐतिहासिक संघर्ष में भूमिका निभाई।

 

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 इन्हीं सब कारणों से बीजेपी (BJP) पार्टी के लोग मक्खनलाल सरकार को सम्मान देते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कल शाम को ही पार्टी की तरफ से मक्खनलाल सरकार को बुलाया गया, जिसके बाद मक्खनलाल सरकार 98 साल की उम्र में भी बंगाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।

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