पंजाब कांग्रेस में एक महीने से मचा तूफान अब कुछ शांत होता हुआ नजर आ रहा है। पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगाई जा रही थीं। दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक कई दौर की मीटिंग भी हुई और पार्टी अध्यक्ष बदलने की खबरें सुर्खियों में भी रही। इसके बाद पार्टी ने अब आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी नई टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में तमाम बड़े नेताओं को शामिल किया गया है। 

 

हालांकि, नेतृत्व परिवर्तन की जो अटकलें लगाई जा रही थी वह नहीं हुआ। पार्टी ने प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा को उनके पद से नहीं हटाया। इन दोनों पदों में परिवर्तन किए जाने की अटकलें लग रही थी। अब पार्टी ने अपनी पूरी टीम की घोषणा कर दी है और कई चेहरों को इसमें जगह मिली है। 

 

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चन्नी के हिस्से कैंपेन कमेटी

पंजाब कांग्रेस के प्रधान के रूप में पूर्व सीएम चरनजीत सिंह चन्नी का नाम सबसे आगे चल रहा था। पार्टी के आंतरिक सर्वे में भी चन्नी सबसे प्रसिद्ध नेता के रूप में उभरकर सामने आए। हालांकि, उनकी मर्जी के अनुसार उन्हें प्रदेश अध्यक्ष का पद नहीं मिला। पार्टी ने उन्हें कैंपेन कमेटी की जिम्मेदारी दी है। वह मौजूदा समय में लोकसभा के सदस्य हैं और पार्टी के प्रमुख दलित चेहरों में से एक हैं। पंजाब में दलित आबादी सबसे ज्यादा है। ऐसे में उनको कैंपेन कमेटी की कमान सौंपकर कांग्रेस पार्टी ने जातिगत संतुलन बनाने की कोशिश की है। 

कैंपेन कमेटी में इन चेहरों को भी मिली जगह

कैंपेन कमेटी चुनाव के दौरान सबसे अहम मानी जाती है। चुनाव प्रचार की दिशा यही कमेटी तय करती है। इस कमेटी में चन्नी के अलावा विधायक सुखपाल खैरा को भी जगह मिली है। सुखपाल खैरा पंजाब कांग्रेस के बड़े नेता हैं। वह कई बार विधायक रहे हैं और आम आदमी पार्टी की ओर से 2017 में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। 2018 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी में वापसी की। 2022 का विधानसभा चुनाव जीता लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें संगरूर लोकसभा सीट से हार का सामना करना पड़ा। 

 

राणा गुरजीत कपुरथला जिसे से संबंध रखते हैं और वह अब तक चार बार पंजाब विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। अब उन्हें पार्टी ने अहम जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा सासंद धर्मवीर गांधी को भी पार्टी ने जगह दी है। 

इन नेताओं को भी मिली जिम्मेदारी

मेनिफेस्टो कमेटी- इस कमेटी में डॉ अमर सिंह को चेयरपर्सन बनाया गया है। गुरजीत सिंह ओजला, प्रगट सिंह हरदयाल सिंह कंबोज, सुखविंदर सिंह सरकारिया को भी इस कमेटी में जिम्मेदारी मिली है। 

इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी- इसमें विजय इंटर सिंग्ला को अध्यक्ष बनाया गया है। ओपी सोनी, रजिया सुलतान, कुलजीत नागरा, अंगद सिंह सैनी, भरत भूषण आशू को जिम्मेदारी दी गई है। 

कोर कमेटी- इसकी कमान सुखजिंदर सिंह रंधावा को दी गई है। 

 

इसके अलावा तीन वर्किंग प्रेजिडेंट भी लगाए गए हैं। इनमें इनमें सुखविंदर सिंह डैनी, राज कुमार वेरका और पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां को जगह दी गई है।

 

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क्षेत्रीय संतुलन 

पंजाब कांग्रस की इस लिस्ट में क्षेत्रीय संतुलन को बनाए रखने की पूरी कोशिश की गई है। पार्टी ने सबसे ज्यादा 69 सीटों वाले मालवा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और दलित चेहरे चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी की कमान सौंपी है। इसके साथ ही राजनीतिक रूप से अहम जट्ट सिख समुदाय से आने वाले राजा वडिंग को प्रधान बनाकर इस समुदाय को भी साध लिया है। इसके साथ ही हिंदू नेता विजय इंदर सिंगला को इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी में डाला गया है और दलित नेता डॉ. अमर सिंह को मेनिफेस्टो कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। 

 

माझा इलाके में कुल 25 सीटें हैं और इस इलाके से पार्टी ने जट सिख नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा को सबसे अहम मानी जाने वाली कोर कमेटी का चेयरमैन बनाया है, जबकि प्रताप सिंह बाजवा को प्रतिपक्ष का नेता बरकरार रखा है। दोआबा क्षेत्र में 23 सीटें हैं और इस क्षेत्र में दलित आबादी का प्रभाव काफी ज्यादा है। इस क्षेत्र से पार्टी ने संगत सिंह गिलजियां, राज कुमार वेरका और सुखविंदर सिंह डैनी को वर्किंग प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी दी गई है।