रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी का सलाहकार बनाया गया है। 7 मई को ही चुनाव आयोग ने गुप्ता को विशेष पर्यवेक्षक पद से मुक्त किया था। 9 मई को सुवेंदु अधिकारी ने सीएम पद की शपथ ली। उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। इसके कुछ समय बाद ही सुब्रत पाठक को सीएम का सलाहकार बनाने का आदेश जारी कर दिया गया।

 

2007 से 2011 तक सुब्रत गुप्ता पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक और बाद में प्रबंध निदेशक बने। हालांकि इस बीच में सिंगूर में टाटा मोटर्स के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। नतीजा यह हुआ कि नैनो प्लांट को बंगाल से गुजरात शिफ्ट करना पड़ा था। सुब्रत गुप्ता बर्दवान और जलपाईगुड़ी के डीएम भी रह चुके हैं। बताया जाता है कि चुनाव नतीजे के बाद सुवेंदु अधिकारी ने उनसे मुलाकात की थी। उनके सामने सलाहकार बनने का प्रस्ताव रखा था।

 

यह भी पढ़ें: विजय ने तोड़ी शपथ समारोह की परंपरा? 'वंदे मातरम्' बजने पर CPI ने उठाए सवाल

 

चुनाव आयोग ने सुब्रत गुप्ता को एसआईआर के दौरान स्पेशल रोल ऑब्जर्वर बनाया था। 5 मई को ममता बनर्जी के चीफ एडवाइजर के पद से इस्तीफा देने वाले अलपन बंद्योपाध्याय और एच के द्विवेदी की जगह ली है।

 

2017 बैच के आईएएस अधिकारी शांतनु बाला को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का निजी सचिव बनाया गया है। इससे पहले शांतनु गुप्ता दक्षिण 24 परगना जिले के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट थे। शांतनु बाला ममता बनर्जी के निजी सचिव गौतम सान्याल की जगह लेंगे।

 

यह भी पढ़ें: 'अमित शाह से शिकायत करूंगा', लुधियाना BJP दफ्तर घेरने पर बोले रवनीत बिट्टू

 

पिछली सरकार में कुशल और निष्पक्ष अधिकारियों को कोई काम नहीं मिला। उन्हें राज्य छोड़कर जाना पड़ा। हम इन कुशल अधिकारियों को जनता के लिए काम करने का मौका देना चाहते हैं। हम इन अधिकारियों को वापस लाना चाहते हैं। सुवेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल। 

 

पश्चिम बंगाल की नई सुवेंदु अधिकारी सरकार ने शपथ ग्रहण के बाद ही प्रशासनिक फेरबदल करना शुरू कर दिया है। पिछली सरकार में मंत्री के निजी सचिव और स्पेशल ड्यूटी अफिसरों के तौर पर काम करने वाले 46 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं मुख्यमंत्री दफ्तर के 16 अधिकारियों का भी फेरबदल किया गया है।