संजय सिंह, पटना। बांकीपुर उपचुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। महागठबंधन में सीट को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। आरजेडी और कांग्रेस दोनों इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारना चाहती हैं। वहीं जन सुराज से प्रशांत किशोर और तेज प्रताप की पार्टी से वीणा मानवी भी मैदान में हैं। ऐसी स्थिति में इसका राजनीतिक लाभ बीजेपी को मिल सकता है। इसी चुनाव को लेकर देश के लोगों की नजर लगी हुई है। यह सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफा के बाद के बाद खाली हुई है।

 

बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को वोटिंग होगी। 3 अगस्त को नतीजे आएंगे। इस सीट पर महागठबंधन में कौन लड़ेगा, इसको लेकर असमंजस है। आरजेडी सीट पर दावा कर रही है। वहीं कांग्रेस भी अपनी दावेदारी पेश कर रही है। पार्टी के नेता कह रहे हैं कि बांकीपुर शहरी सीट है। यहां कांग्रेस का आधार मजबूत है। अब आखिर में महागठबंधन क्या फैसला लेता है इस पर सबकी नजर है।

 

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प्रशांत किशोर लड़ेंगे चुनाव

 

इस बीच जन सुराज ने बड़ा ऐलान कर दिया। जन सुराज चीफ मनोज भारती ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि बांकीपुर से प्रशांत किशोर खुद चुनाव लड़ेंगे। किशोर पहले कह चुके हैं कि पिछले 4 साल से जन सुराज ही मेरी जिंदगी है। पार्टी ने जो जिम्मेदारी देगी उसे निभाऊंगा। उन्होंने कहा, 'अगर बांकीपुर जीतते हैं तो पार्टी का मनोबल बढ़ेगा। पीके के उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है।'

 

तेज प्रताप ने भी उतारा उम्मीदवार

 

जन सुराज से पहले तेज प्रताप यादव ने भी उम्मीदवार घोषित कर दिया। जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप ने सोशल एक्टिविस्ट वीणा मानवी को मैदान में उतारा है। तेज प्रताप का कहना है। वह अकेले चुनाव लड़ेंगे। वीणा मानवी जमीन पर काम कर रही हैं।

 

बीजेपी का गढ़ है बांकीपुर

 

बांकीपुर बीजेपी का पारंपरिक गढ़ है। नितिन नवीन 2006 से लगातार यहां से विधायक थे। 2025 में भी उन्होंने 98 हजार से ज्यादा वोट से जीत दर्ज की थी। अब उनके इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई है। बीजेपी ने अभी उम्मीदवार घोषित नहीं किया है लेकिन पार्टी के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल है। 2025 में यहां बीजेपी को 98,299 वोट मिले थे। आरजेडी की रेखा कुमारी को 46,363 वोट मिले थे। जन सुराज की वंदना कुमारी को सिर्फ 7,717 वोट मिले थे। नोटा को 1,464 वोट मिले थे।इस बार समीकरण बदल सकते हैं।

 

त्रिकोणीय नहीं, चतुष्कोणीय मुकाबला

 

अगर महागठबंधन में बंटवारा नहीं हुआ तो मुकाबला त्रिकोणीय होगा। बीजेपी बनाम महागठबंधन बनाम जन सुराज। लेकिन अगर आरजेडी और कांग्रेस अलग-अलग लड़े तो मुकाबला चतुष्कोणीय हो जाएगा। ऊपर से जन सुराज और तेज प्रताप की पार्टी भी है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि महागठबंधन में फूट बीजेपी को फायदा दे सकती है। अगर वोट बंटे तो बीजेपी को जीत आसान होगी। वहीं पीके का फैक्टर शहरी वोटरों को प्रभावित कर सकता है। युवा और शिक्षित वर्ग पीके की बात सुन रहा है। सभी दलों ने प्रचार शुरू कर दिया है। बीजेपी ने बूथ स्तर पर बैठकें शुरू कर दी हैं। आरजेडी और कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जा रहे हैं।  जन सुराज की टीम पदयात्रा कर रही है।

 

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30 जुलाई को मतदान

 

चुनाव आयोग ने तारीख तय कर दी है। 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे। 3 अगस्त को नतीजे आएंगे। अब देखना है कि महागठबंधन एक साथ लड़ता है या अलग-अलग। बांकीपुर का उपचुनाव बिहार की सियासत के लिए अहम है। यहां नतीजा एनडीए सरकार और विपक्ष दोनों के लिए संदेश देगा।