शिवसेना (UBT) के सभी छह बागी सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए। एकनाथ शिंदे ने इसके लिए मुंबई में वाईबी चव्हाण सेंटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। शिंदे के मौजूदगी में उद्धव ठाकरे की पार्टी से जीते सांसदों संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश पाटिल अष्टीकर ने शिवसेना ज्वाइन करली। 

 

सभी बागी सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल करवाकर शिंदे काफी खुश दिखाई दिए। उन्होंने इन छह सांसदों को कट्टर शिवसैनिक बताया और उनका पार्टी में स्वागत किया। 

 

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एकनाथ शिंदे ने क्या कहा?

एकनाथ शिंदे ने कहा, 'आज हम इन सभी 6 कट्टर शिवसैनिक सांसदों का बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की असली शिवसेना में स्वागत करते हैं। चार साल पहले, 2022 में हमने बगावत की थी, जब 40 विधायक हमारे साथ आए थे और इस बार हमने छक्का मारा है। 2022 में हमने वह बगावत बालासाहेब की शिवसेना को बचाने के लिए की थी। यह 4 साल पहले की उसी बगावत का दूसरा चरण है। हम यहां शिवसेना और बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए हैं। इसीलिए इन 6 सांसदों ने बालासाहेब की असली शिवसेना में आने का फैसला किया है।'

 

 

 

संजय राऊत पर साधा निशाना

इसी दौरान एकनाथ शिंदे ने संजय राऊत के ऊपर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'आज 6 सांसद हमारे साथ जुड़े हैं। संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख ये हमारे साथ यहां 3 संजय हैं। हमारे साथ यहां एक और विधायक संजय राठौड़ भी हैं। जब हमारे पास संजय हैं, तो किसी और संजय के बारे में बात करने की जरूरत नहीं है और आप जानते हैं कि मैं किसके बारे में बात कर रहा हूं।'

 

शिंदे ने कहा कि ओमराजे निंबालकर हमारे साथ बड़े दिल से आए थे। उन्होंने अपने समर्थकों से बात की और फिर हमारे साथ आने का फैसला किया। उन्होंने उन्हें रील स्टार कहा, लेकिन मेरे हिसाब से वह एक रियल स्टार हैं। ये सभी लोग अपने नीजी फायदे के लिए हमारे साथ नहीं आए हैं, बल्कि अपने इलाके की भलाई के लिए आए हैं। 

 

 

 

हम जनता की अदालत में गए- शिंदे

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले, ओमराजे निंबालकर के पिता के मामले में एक बुरा फैसला आया, लेकिन मैंने उनसे कहा कि चिंता मत करो, एकनाथ शिंदे आपके साथ खड़े हैं। हमने 2022 में जो भी फैसला किया लोगों ने उस फैसले को माना और उसके बाद हम जनता की अदालत में गए और चुनाव में लोगों ने हमें मंजूरी दी। जब हमने बगावत की तो हमारे 40 विधायक थे लेकिन बाद में चुनाव में हम 40 से 60 हो गए।

 

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'मैं कोई भी काम आधा-अधूरा नहीं छोड़ता'

शिवसेना चीफ एकनाथ शिंदे ने कहा, 'जब मैं मुख्यमंत्री था, तब भी मैंने एक कार्यकर्ता की तरह बर्ताव किया और आज भी मैं एक कार्यकर्ता की तरह काम करता हूं। मैं इन सभी 6 सांसदों से कहना चाहता हूं कि उन्हें भी आम कार्यकर्ता की तरह बर्ताव करना होगा। हम आप सभी का सम्मान करेंगे। हमारे मंत्री आपके साथ बैठेंगे और आपके चुनाव क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करेंगे। मैं कोई भी काम आधा-अधूरा नहीं छोड़ता। ऑपरेशन टाइगर आपके सामने सफल हुआ है।'