शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने पार्टी के बागी सांसदों पर सोमवार को तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवारों को उनके-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के वोटरों ने खारिज कर विपक्षी इंडिया गठबंधन का समर्थन किया था, लेकिन लालच के कारण उन्होंने रातों-रात उस जनादेश को बेशर्मी से छोड़ दिया।
आदित्य ठाकरे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि बागियों की निष्ठा और प्रतिष्ठा बिकाऊ है। साथ ही उन्होंने सरकार पर पक्षपात करने और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए सार्वजनिक पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
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शिवसेना (UBT) को लगा झटका
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए उनकी पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने बगावत कर दी है। इनमें से दो ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की पुष्टि भी कर दी है।
जो लोग अब पाला बदल रहे हैं...
आदित्य ठाकरे ने कहा, 'जो लोग अब पाला बदल रहे हैं, वे सभी NDA के खिलाफ महाविकास आघाडी और इंडिया गठबंधन से चुने गए थे। उनके लिए शिवसेना (UBT), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के नेताओं ने प्रचार किया था। हर किसी ने सभी दलों और सहयोगियों के नेताओं से रैली करने को कहा था।'
आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?
उन्होंने कहा, 'मतदाताओं ने आपके क्षेत्रों में NDA उम्मीदवारों के खिलाफ और इंडिया गठबंधन के पक्ष में वोट दिया था। बस, यह स्वीकार कर लें कि आपके लालच ने आपको रातों-रात सब कुछ छोड़ने पर मजबूर किया, वह भी बेशर्मी से।'
इसके साथ ही शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे ने बीजेपी सरकार के घुसपैठ से निपटने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी महंगाई, पानी की कमी, आंतरिक सुरक्षा और किसानों की भलाई जैसे जरूरी सार्वजनिक मुद्दों को नजरअंदाज करके राजनीतिक कामों पर ध्यान दे रही है।
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महाराष्ट्र की सियासत
शिवसेना (UBT) के जिन छह सांसदों ने बगावत की है, उनमें नागेश पाटिल अष्टिकर और ओमप्रकाश राजेनिम्बालकर ने रविवार को अपने पाला बदलने की पुष्टि की। उन्होंने इसके पीछे फंड की कमी जैसे कारणों का हवाला दिया है। इस बगावत ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अपनी पार्टी को एकजुट रखने की क्षमता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर भविष्य की राजनीतिक लड़ाइयों को देखते हुए।