टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने वरिष्ठ महिला सांसद काकोली घोष दस्तीकार को लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के पद से हटा दिया है। अब उनकी जगह कल्याण बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। ममता बनर्जी ने कालीघाट में पार्टी सांसदों की एक बैठक में यह निर्णय लिया। उधर, केंद्र सरकार ने सांसद काकोली घोष दस्तीकार को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी है।
काकोली घोष और ममता बनर्जी के बीच दोस्ती लगभग 1070 के दशक से है। दोनों ने अपने सियासी सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। काकोली घोष मौजूदा समय में अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। कोलकाता मेडिकल कॉलेज से पढ़ीं काकोली घोष दस्तीकार पेशे से डॉक्टर और तीन बार की सांसद हैं।
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क्या नाराज हैं काकोली घोष?
चीफ व्हिप के पद से हटाए जाने के बाद काकोली घोष दस्तीकार ने फेसबुक पर लिखा, '1976 से परिचित 1984 से साथ-साथ चल रहे हैं। आज मुझे चार दशकों की वफादारी का इनाम मिला।' बता दें कि इधर ममता बनर्जी ने उन्हें चीफ व्हिप के पद से हटाया और उधर केंद्र सरकार ने उन्हें वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दे दी है।
यह कदम तब उठाया गया जब पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार लगातार टीएमसी नेताओं की सुरक्षा में कटौती कर रही है। हाल ही में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा भी घटाई गई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि केंद्र ने काकोली की सुरक्षा क्यों बढ़ाई है?
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महुआ से विवाद के बाद हटे थे कल्याण बनर्जी
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की महुआ मोइत्रा से नहीं बनती हैं। पिछले साल कथित तौर पर कुछ मैसेज भी वायरल हुए थे। विवाद के सार्वजनिक होने के बाद कल्याण बनर्जी को मुख्य सचेतक के पद से हटा दिया गया था। तब उस वक्त की लोकसभा में टीएमसी संसदीय दल की उपनेता रहीं काकोली घोष दस्तीकार को चीफ व्हिप यानी मुख्य सचेतक बनाया गया था।
