समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी, इन दिनों ब्राह्मण समाज के साथ-साथ अपनों के निशाने पर भी आ गए हैं। समाजवादी पार्टी के भीतर ही उनके खिलाफ आवाज उठ रही है। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने राजकुमार भाटी के खिलाफ एक केस भी दर्ज किया है। राजकुमार भाटी ने विवाद बढ़ने पर ब्राह्मण समाज से माफी मांग ली है लेकिन उनकी मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रहीं हैं। 

यूपी पुलिस ने BNS की धारा 196(1) के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज की है। यह धारा, धर्म और समुदाय के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने से संबंधित है। भारतीय जनता पार्टी के नेता, अजय शर्मा ने कवि नगर पुलिस स्टेशन में तहरीर दी थी। शिकायत में कहा गया कि राजकुमार भाटी के बयान से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

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राजकुमार भाटी 'अपनों' के ही निशाने पर आए 

राजकुमार भाटी के खिलाफ अयोध्या से विधायक पवन पांडेय ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा है कि वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलकर शिकायत करेंगे। उन्होंने भले ही राजकुमार भाटी ने अपने बयान पर माफी मांग ली है लेकिन ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए।

पवन पांडेय ने कहा, 'सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को यह समझना होगा कि समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है, न कि समाज को जातियों में बांटकर विष फैलाने की। किसी भी जाति-धर्म या मजहब के ख़िलाफ़ बोलने से ऐसे लोगों को बचना चाहिये। ब्राह्मण समाज ने सदैव राष्ट्र, संस्कृति और समाज को दिशा देने का कार्य किया है, ऐसे समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जा सकते।'

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पवन पांडेय, विधायक, समाजवादी पार्टी:-
राजकुमार भाटी जी द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई टिप्पणी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय अक्षम्य है। ब्राह्मण समाज पर उनकी इस दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी की मैं कड़ी निंदा करता हूं। किसी भी जाति, धर्म, संप्रदाय या मजहब के विरुद्ध इस प्रकार की अमर्यादित बयानबाजी न केवल राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि समाज में वैमनस्य फैलाने का कार्य भी करती है।

 

 

क्या सुना रहे थे राजकुमार भाटी, जो बवाल हो गया?

राजकुमार भाटी ने कहा, 'मुहावरे दोनों तरफ से गढ़े गए हैं। ज्यादा परेशान हो गए तो दूसरी तरफ से बना लिए गए। मैं अपना एक संस्मरण बता रहा हूं। 1987 में बीए करने के बाद एक अखबार में मैं रिपोर्टर हो गया था। एक पत्रकार मुझे बार-बार मुहावरा सुना रहे थे-

'गुर्जर अहीर कंजर, कुत्ता बिल्ली बंदर, ये छह ना होते, तो खुले किवाड़ों सोते।'

राजकुमार भाटी ने कहा, 'एक दूसरे पत्रकार ने मुझे एक दोहा बताया कि आप उन्हें यह सुना दिया करो, जिसमें ब्राह्मण और वैश्या का जिक्र है। मैंने यह भी बोला कि यह दोहा बहुत ज्यादा खराब था इसलिए मैंने कभी नहीं सुनाया। मैं भी इसे ठीक नहीं मानता क्योंकि ब्राह्मण भी बहुत भले होते हैं। लेकिन जिनके दिमाग में फितूर भरा होता है ऐसे लोग इसकी कुछ सेकंड की क्लिप चलाकर मेरे ऊपर निशाना साध रहे हैं । समझदार लोगों को पूरा वीडियो सुनकर सच्चाई की तह तक पहुंचना चाहिए।'

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किस बात पर भड़के हैं लोग?

राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण और वैश्या पर मित्र के हवाले से जो दोहा कहा था, वह आपत्तिजनक था। उन्होंने दोहा सुनाया-

'ब्राह्मण भला न वैश्या, इनमें भला न कोय।
कोई कोई वैश्या भली, ब्राह्मण भला न होय।।'

राजकुमार भाटी के किस कार्यक्रम पर बवाल हुआ?

राजकुमार भाटी ने बताया, 'दिल्ली के जवाहर भवन में डॉ. रफरफ शकील अंसारी और जावेद अनवर द्वारा लिखित पुस्तक 'जाति और साम्प्रदायिकता के विषाणु' का लोकार्पण था। लोकार्पण के बाद इसी विषय पर परिचर्चा थी। वक्ताओं में मेरे अलावा योगेंद्र यादव, आशुतोष, प्रोफेसर रतन लाल, शीबा असलम फहमी और बिलाल अहमद थे। 

राजकुमार भाटी ने कहा, 'मैंने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारे समाज में जातियों को लेकर बहुत खराब मुहावरे, लोकोक्तियां और कहावतें बनी हुई है । मैंने यह भी कहा कि ऐसी कहावतें दोनों तरफ से हैं जो दूसरे समाज को अपमानित करती है।' 

राजकुमार भाटी ने अपनी सफाई में क्या कहा है?

राजकुमार भाटी ने कहा, 'मेरे 12 मिनट के भाषण से 7 सेकेंड की क्लिप काटकर, मेरे बारे में दु्ष्प्रचार किया जा रहा है कि मैंने ब्राह्मणों का अपमान किया है। मेरी बात से किसी ब्राह्मण भाई को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है, मैं समाजवादी आदमी हूं। सच्चे समाजवादी किसी जाति के खिलाफ नहीं बोलते। मैं ब्राह्मणों का सम्मान करता हूं। मैं किसी जाति का अपमान नहीं करता। ब्राह्मणों में एक से बढ़कर एक विद्वान और योद्धा हुए हैं।'

 

राजकुमार भाटी ने कहा, 'मेरा 12 मिनट का वीडियो सुनेंगे। हमने जातियों को लेकर खराब कहावतें बना रखी हैं। दलित पिछड़े नहीं, हर वर्ग के खिलाफ बने हैं। मैं इनका खंडन किया। मेरा पूरा क्लिप सुनें। मैंने किसी के खिलाफ नहीं बोला है। मैं स्वीकार करता हूं कि वह अपमानजक दोहा है। ब्राह्मण समाज समझदार समाज माना जाता है। पूरी वीडियो आप सुनेंगे, आपकी शिकायत दूर है। ब्राह्मण सम्मानित जाति है। मेरे बारे में राय न बनाएं हैं।' 

 

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सियासी दलों ने क्या कहा है?

यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी का असली चरित्र और नफरत भरा सोच एक बार फिर सामने आ गया है। उन्होंने राजकुमार भाटी के बयान को निंदनीय बताया है।

ब्रजेश पाठक, डिप्टी सीएम, यूपी:-
ज्ञान, संस्कृति, संविधान और राष्ट्र निर्माण में ब्राह्मण समुदाय का बड़ा योगदान है। उन्हें ऐसी भाषा का इस्तेमाल करके अपमानित नहीं किया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी पहले भी सनातन धर्म, संतों और सामाजिक सद्भाव के खिलाफ बयान देती रही है। अखिलेश यादव यह बताएं कि क्या राजकुमार भाटी का बयान पार्टी की सोच को दर्शाता है। अगर नहीं, तो राजकुमार भाटी पर सख्त कार्रवाई करें और सार्वजनिक माफी मांगें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी भाटी के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा, 'पूरे ब्राह्मण समुदाय को गाली देना पूरी तरह गलत है। सिर्फ माफी पर्याप्त नहीं है, ऐसे नेताओं के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।'