तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद कांग्रेस ने अपने दशकों पुराने साथी द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) के साथ अपनी राहें अलग कर ली हैं। चुनाव में जिन राहुल गांधी को एमके स्टालिन, अपना छोटा भाई बताते थे, अब वही कांग्रेस के लिए पराए हो चुके हैं। कांग्रेस ने द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) के साथ चुनाव से पहले हुए गठबंधन को तोड़कर तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के पास जाने का फैसला लिया है। अखिलेश यादव ने इसे लेकर कांग्रेस से अपना इशारों ही इशारों में विरोध जताया है।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इंडिया गठबंधन के दो अहम सत्तारूढ़ दलों की विदाई हो गई। ममता बनर्जी, अब पश्चिम बंगाल में सिर्फ 80 सीटों वाली एक पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, एमके स्टालिन की भी पार्टी के पास सिर्फ 59 सीटें बची हैं। तमिलगा वेत्री कझगम ने 108 सीटें हासिल की हैं। तमिलनाडु में DMK और ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) दोनों दल धुर विरोधी हैं, दोनों का गठबंधन नहीं हो सकता है।
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'हम वह नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ देते हैं'
अखिलेश यादव ने कांग्रेस को बिना नाम लिए हुए घेरा है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था। डीएमके, तमिलनाडु में कांग्रेस की दशकों पुरानी सहयोगी रही है, अब कांग्रेस ने फैसला किया है कि वह विजय को सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन देगी। अखिलेश यादव ने इसी पर बिना नाम लिए कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने X पर लिखा, 'हम वह नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ देते हैं।'
कांग्रेस ने क्यों समर्थन दिया है?
संवैधानिक संकट से बचने के लिए कांग्रेस ने विजय को समर्थन दिया है। बहुमत के आंकड़े से विजय आज भी दूर हैं। CPI और CVK ने अभी अगर साथ दिया तो विजय की पार्टी, तमिलनाडु में सरकार बना सकते हैं। अखिलेश यादव ने कांग्रेस पर, डीएमके का हाथ छोड़ने को लेकर इशारों ही इशारों में अपनी नाराजगी जता दी है, उन्होंने खुद को इंडिया गठबंधन का मजबूत साथी बता दिया है।
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क्या कह रहे हैं लोग?
अखिलेश यादव की इस पोस्ट पर लोग, उन्हें ही ट्रोल कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'बिहार में तेजस्वी का साथ दिया, तेजस्वी की सरकार चली गई। तमिलनाडु में एमके स्टालिन का साथ दिया, वह भी चुनाव हार बैठे। कांग्रेस का साथ दिया, कांग्रेस कहीं सत्ता में नहीं है। एक बार मायावती का साथ दिया था, मायावती आज तक सत्ता में नहीं आईं।' कुछ लोग कह रहे हैं कि यही साथ जनता का देते तो सीटें बढ़ जातीं।