बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपना पद छोड़ने वाले हैं। वह 10 अप्रैल को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण बाद दिल्ली से लौटकर वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। जनता दल यूनाइटेड (JDU) में अब यह चर्चा तेज हो गई है।
नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे और 11 अप्रैल को वापस पटना लौटेंगे। इसके कुछ दिनों बाद ही नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नई सरकार अप्रैल के मध्य तक बनने की संभावना है। बिहार में नीतीश कुमार के अगले रुख पर हर किसी की नजर है।
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राज्यसभा में एंट्री के लिए तैयार हैं नीतीश
नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने विधानसभा, लोकसभा और विधान परिषद का प्रतिनिधित्व किया है, लेकिन राज्यसभा में यह उनकी पहली एंट्री होगी। उन्होंने हाल ही में बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी, पहली बार बिहार में अपना मुख्यमंत्री बना सकती है।
क्या BJP का चेहरा होगा?
बिहार में 243 विधानसभा सीटें हैं। राज्य में बीजेपी, सबसे बड़ी पार्टी है। बीजेपी, 2 दशक से डिप्टी सीएम पद से संतोष करती रही, बिहार में ज्यादा सीटें आने के बाद भी नीतीश कुमार को ही चेहरा बनाए रखा। अब बीजेपी के सीनियर नेता यह तय करेंगे कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। नए नेतृत्व को लेकर अटकलें भी तेज हो गई हैं। NDA विधायक दल बाद में उस नाम का समर्थन करेगा। कुछ नामों की चर्चा है, लेकिन अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
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नीतीश के इस्तीफे के बाद क्या होगा?
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नई सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के सामने दावा पेश किया जाएगा। नीतीश कुमार चार दशक से ज्यादा समय से राजनीति में हैं। 1985 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था। बाद में वह कई बार लोकसभा पहुंचे और केंद्र में मंत्री भी रहे। साल 2005 से वे बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं। बीच में कुछ महीने जीतन राम मांझी भी बिहार के सीएम रहे।
शासन नहीं, फिर क्या करेंगे नीतीश कुमार?
नीतीश कुमार अब जेडी(यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी काम करेंगे। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पटना में होने वाली है, जिसमें वह पार्टी की भविष्य की रणनीति बताएंगे। नीतीश कुमार के जाने के बाद बिहार की राजनीति में नया दौर शुरू होगा।
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बीजेपी के लिए चुनौती क्या है?
बीजेपी के नए मुख्यमंत्री के सामने यह चुनौती है कि नीतीश कुमार के 'सुशासन सरकार' की छवि बनाए रखे। नीतीश कुमार से कोई वर्ग नाराज नहीं था, तभी लगातार वह सत्ता में बने हुए हैं। बीजेपी से अल्पसंख्यक वोटर नाराज रहते हैं। बीजेपी के सामने नई चुनौती यह है कि नीतीश जैसी हर समाज की स्वीकार्यता मिले। नीतीश कुमार, दूसरी तरफ कह रहे हैं कि वह नई सरकार को पूरा सहयोग देंगे। नई सरकार, किस पार्टी की होगी, अभी तक यह साफ नहीं है।
