उत्तर प्रदेश के प्रयागराज माघ मेला लगा हुआ है। इस मेले में देशभर से कई साधु-संत पहुंच रहे हैं। इन्हीं में से एक बाबा सोशल मीडिया पर अब जमकर वायरल हो रहे हैं। वायरल होने का मुख्य कारण है बाबा का लाइफस्टाइल। माघ मेले में सतुआ बाबा मंहगी डिफेंडर कार से पहुंचे तो सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें वायरल होने लगी। हर कोई उन्हीं की चर्चा कर रहा है। इसके बाद पोर्श कार में भी सतुआ बाबा दिखाई दिए। अब हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि यह बाबा है कौन और इन्हें इतनी मंहगी गाड़ियों की क्या जरूरत है।
आध्यात्मिक प्रवचनों के साथ-साथ अपने हाई-टेक रहन-सहन और ब्रांडेड चश्मों के लिए सतुआ बाबा इस समय माघ मेले में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनके सुपर लग्जरी लाइफ-स्टाइल को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। करोड़ों की कारों में घूमने वाले सतुआ बाबा की राजनीति में भी पैठ है। उन्हें कई बार वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कार्यक्रमों में देखा गया है।
यह भी पढ़ें- 14 या 15 जनवरी, किस दिन मनाई जाएगी मकर संक्रांति? जानें पुण्य काल का समय
कौन हैं सतुआ बाबा?
सतुआ बाबा का असली नाम संतोष तिवारी है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ललितपुर के रहने वाले हैं। आध्यात्म की खोज में उन्होंने 11 साल की उम्र में ही अपना घर-परिवार छोड़ दिया था। वह वाराणसी के प्रसिद्ध विष्णु स्वामी संप्रदाय से ताल्लुक रखते हैं। साल 2012 में पिछले पीठाधईश्वर की मौत के बाद संतोष दास को इस पीठ का 57वां आचार्य नियुक्त किया गया। महाकुंभ 2025 में उन्हें जगद्गुरु की अपाधि से भी नवाजा गया है।
सतुआ बाबा नाम कैसे पड़ा?
संतोष तिवारी का नाम सतुआ बाबा कैसे पड़ा, यह सवाल कई लोगों के मन में है। बता दें कि उनका यह नाम पीठ की पुरानी परंपरा से पड़ा है। इस पीठ में गरीबों और असहायों को सत्तू खिलाने और दान करने का काम किया जाता है, जिसके कारण स्थानीय लोगों ने इस गद्दी के प्रमुख को सतुआ बाबा कहना शुरू कर दिया और यहीं से उनका नाम सतुआ बाबा पड़ गया।
माघ मेले में हुए वायरल
माघ मेले में सतुआ बाबा हर तरफ चर्चा में बने हुए हैं। डिफेंडर कार के साथ उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसके बाद काफी विवाद हुआ था। विवाद बढ़ा तो सतुआ बाबा ने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो जारी कर दिया। इस वीडियो में वह कभी ठेले पर बैठे नजर आए, कभी ऊंच की सवारी करते नजर आए और फिर डिफेंडर कार में दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह प्राइवेट जेट में सफर करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
यह भी पढ़ें: दरगाहों पर चादर क्यों चढ़ाते हैं, कब से शुरू हुई है यह प्रथा?
क्या बोले बाबा?
सतुआ बाबा इसके बाद पोर्श कार में भी घूमते दिखाई दिए। इसके बाद तो सोशल मीडिया पर लोग उनको लेकर तरह, तरह के सवाल करने लगा। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सतुआ बाबा ने कहा कि ये संसाधन भोगियों के नहीं, योगियों के हैं। सतुआ बाबा ने सामजवादी पार्टी पर सवाल उठाते हुए कहा, 'एक समय था जब सरकार में रहते हुए प्राइवेट जहाजों पर नाच-गाने वालों को बुलाया जाता था। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी का दौर है, जब सनातन का डंका देश-दुनिया में बज रहा है।'
उन्होंने कहा कि आध्यात्म को अपनाने वाला व्यक्ति भी इन गाड़ियों में बैठ सकता है। गाड़ी चाहे कोई भी लेकिन सनातन की रफ्तार कम नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'मुझे गाड़ियों का नाम नहीं पता। इनकी कीमत भी मुझे नहीं पता। मेरा काम है कि इन गाड़ियों से चलूं और सनातन विरोधियों का अंत करूं। जिन्होंने भूखे को भोजन नहीं दिया था वह सवाल उठाते हैं। हमारा विषय है अपने पड़ाव तक पहुंचना और सनातन को आगे बढ़ाना।'
सीएम योगी के करीबी
सतुआ बाबा को उत्तर प्रेदश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करीबी माना जाता है। सीएम योगी कई बार उनके साथ मंच शेयर कर चुके हैं। सीएम योगी ने कई बार सार्वजनिक मंचों से उनकी तारीफ की है। एक बार उन्होंने सतुआ बाबा की तारीफ करते हुए कहा है कि सतुआ बाबा समाज को एकजुट करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। कई धार्मिक आयोजनों में उन्हें मुख्यमंत्री के साथ मंच पर देखा गया है। सतुआ बाबा भी खुलकर सीएम योगी और पीएम मोदी के विजन का समर्थन करते हैं और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को अपना मुख्य लक्ष्य बताते हैं।
