इस्लाम धर्म में रमजान के महीने में सभी लोग भूखे-प्यासे रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं। रमजान खत्म होते ही ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार में सभी लोगों के घर में अलग-अलग प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं। महिलाएं घर में नमाज पढ़कर अल्लाह का शुक्र अदा करती हैं, वहीं पुरुष मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ते हैं। हर साल लोगों के मन में ईद-उल-फितर की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन रहता है। इस साल भी यही कन्फ्यूजन है कि ईद 20 मार्च को या 21 मार्च को मनाई जाएगी।
ईद-उल-फितर की तारीख चांद दिखने पर तय की जाती है। रमजान वैसे तो 30 दिनों का होता है लेकिन कई बार 29 दिनों का भी हो जाता है। अगर इस बार 19 तारीख को चांद नजर आता है, तो इस साल रमजान 29 दिनों का होगा। अब सवाल उठता है कि 2026 में ईद- उल- फितर किस तारीख को होगी।
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कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर?
भारत में ईद-उल-फितर का त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है। यह कैलेंडर पूरी तरह चांद दिखने पर आधारित होता है, इसलिए कई बार अलग-अलग देशों में ईद अलग-अलग दिन मनाई जाती है। अनुमान के अनुसार, इस साल 2026 में संभव है कि 19 मार्च की रात को चांद नजर आ जाए। अगर ऐसा होता है, तो 20 मार्च को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी।
अगर 19 मार्च की रात को चांद नजर नहीं आता है, तो 20 मार्च की रात को चांद दिख सकता है और ऐसे में 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी। कुल मिलाकर, ईद कब होगी यह पूरी तरह चांद दिखने पर निर्भर करता है।
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ईद-उल-फितर के दिन क्या करना चाहिए?
इस्लाम धर्म में मान्यता है कि सभी पुरुषों को ईद के शुभ अवसर पर अल्लाह की इबादत करनी चाहिए, खासकर सामूहिक रूप से नमाज अदा करने की विशेष परंपरा है। महिलाओं को भी घर पर एक साथ मिलकर नमाज पढ़नी चाहिए। इस दिन गरीब और असहाय लोगों की मदद करने की परंपरा है। इसके लिए गरीबों को अनाज और कपड़ों का दान किया जाता है। यह त्योहार खुशियों का प्रतीक माना जाता है, इसलिए घर के छोटे बच्चों को ईदी देकर खुश किया जाता है।
