यह लेख पल्लव गोयल ने लिखा है।
मीन मार्क कैलस, द मास्टर ऑफ पेन, पनिशर डाइस मॉर्गन, टेक्सास रेड, मिनिस्ट्री ऑफ डार्कनेस, राइजन फ्रॉम द डेड, द फेनॉम, द रोड थम्पर- अमेरिकन बैड अस... इन सब शब्दों से कुछ ठनका? नहीं... इतने शब्दों से बेहतर मैं सिर्फ़ एक नाम बोलूं और सभी को उस एरा की सैर हो जाए जिसका सफ़र आज हम तय करने जा रहे हैं। अभी भी जिनकी बत्ती नहीं जली तो मैं बता दूँ स्पष्ट शब्द में कि मैं ‘द अंडरटेकर’ की बात कर रहा हूं!
लगता है डेडमैन आज यहां पधारे हैं! हेलो – द फेनॉम! (द लाइट्स गो अप एंड बैक नॉर्मल अगेन) आज खुराक के इस ख़ास एपिसोड में हम बतियाएंगे अंडरटेकर की उस दुनिया के बारे में जो एक समय 90 के दशक के बच्चों की लाइफ का एक अहम हिस्सा हुआ करती थी और कई लोगों की तो आज भी है। वे बच्चे जो ट्रम्प कार्ड्स में हाइट, रैंक और फाइट्स वॉन में सबसे पहले अंडरटेकर का पत्ता पटक कर सबके पत्ते अपने नाम कर लिया करते थे, वे बच्चे जिनकी मैथ की जिल्द चढ़ी नई कॉपी पर अंडरटेकर का चुपके से स्टिकर लगा देने पर पिटाई हो जाया करती थी, वे बच्चे जो स्कूल और घरों में ‘चोकस्लैम’ का इस्तेमाल कर अपनी हाइट के बड़े होने का रुबाब झाड़ दिया करते थे, उन सभी बच्चों के बड़े होने वाली यादों की पोटली में WWE और अंडरटेकर आज भी कहीं सम्भाल कर रखे हुए हैं। आज उन्हें अपनी यादों की पोटली से निकालकर चलते हैं WWE और अंडरटेकर की ख़ूबसूरत दुनिया में।
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मार्क विलियम कैलवे जिन्हें ‘द अंडरटेकर’ के नाम से रेसलिंग और बाहरी जगत में प्रसिद्धि मिली, उनका जीवन टेक्सास के किसी सामान्य बच्चे की तरह ही था। परिवार मध्यम वर्गीय था और मार्क अपने 5 भाइयों के सबसे लाडले छोटे भाई हैं। मार्क बचपन से ही स्पोर्ट्स को पर्स्यू कर रहे थे और अपने टीन्स में जाकर वह एक ठीक-ठाक बास्केटबॉल खिलाड़ी बन चुके थे। एक दफ़ा उनका परिवार रेसलिंग देखने गया था। वह रिंग, वे रेसलर्स, वह एड्रेनालिन रश और लोगों का उत्साह देखकर मार्क के भीतर कुछ हुआ और वह उस दिन से रेसलिंग के आर्डेंट फैन बन गए। उनकी माँ आज भी हँसी मज़ाक में उनके उस पहले ‘रेसलिंग डे आउट’ को ‘बिग मिस्टेक’ कहकर बुलाती हैं। कहा जाता है कि उन्हें अपनी हाइट और खेल की बदौलत टेक्सास के एंजेलिना कॉलेज में बास्केटबॉल स्कॉलरशिप मिली थी और आगे जाकर उन्होंने स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में मेजर्स में भी एनरोल किया था।
कॉलेज छोड़ा और बदल गई दुनिया
1986 में उन्होंने यूनिवर्सिटी से ड्रॉप आउट कर लिया और यूरोप जाकर बास्केटबॉल खेलने में रुचि ली पर होनी को कुछ और मंज़ूर था। 1986 के अंत में मार्क ने बज सॉयर नाम के प्रोफेशनल रेसलर के अंडर ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी थी। शुरुआती दिनों में उन्होंने वर्ल्ड क्लास चैंपियनशिप रेसलिंग में मास्क पहनकर ‘लुचा लिब्रे’ रेसलिंग स्टाइल में ‘टेक्सास रेड’ नाम का कैरेक्टर पोर्ट्रे किया। यह वही दौर है जब उन्होंने वहां जाकर अपने प्रोफेशनल रेसलिंग कैरियर की सबसे पहली चैंपियनशिप बेल्ट जीती और वह भी ‘जेरी द किंग लॉलर’ के ख़िलाफ़। यह वही जेरी ‘द किंग लॉलर’ हैं जो आगे जाकर WWF और WWE में कमेंटेटर बने और WWE के एटीट्यूड एरा में सुंदर लड़कियों पर अपने ‘दिलफेंक मिजाज़’ के लिए मशहूर भी हुए। इस गिमिक में उनका नाम था ‘द मास्टर ऑफ पेन’। इस मैच ने उनके पैर प्रोफेशनल रेसलिंग में जमा दिए थे और एक ‘बित्ते भर’ की प्रोफेशनल फी हाइक भी दी।
मार्क का सबसे पहला मेनस्ट्रीम एक्सपोजर इन प्रोफेशनल रेसलिंग आया, WCW में रेसलर सिड के साथ ‘मीन मार्क कैलस’ के अवतार में। उस समय कभी-कभार ‘पॉल हेमन’ भी उनके मैनेजर हुआ करते थे जिससे मीन मार्क कैलस की कहानी को थोड़ा पुश मिल सके। हालांकि, इन सभी परफॉर्मेंस मैचेस ने ऑडियंस को इतना प्रभावित नहीं किया और आगे जाकर यह मीन मार्क कैलस की कहानी WCW को ड्रॉप करनी ही पड़ी। उस दौर में सब मार्क को कहने लगे थे कि उनके अंदर एक बड़ा स्टार बनने के लिए कुछ ‘मिसिंग’ था। शायद कोई ‘एक्स फैक्टर’ (पॉज) जिसे रेसलिंग की भाषा में ‘एक्स्ट्राऑर्डिनरी गिमिक’ का नाम दिया जाता है। वह अपीयरेंस और परफॉर्मेंस दोनों से ही आता है! WCW रिप्रेजेंटेटिव्स का यह कहना था कि मीन मार्क कैलस के पीछे कोई कैरेक्टर स्टोरी नहीं थी, सिर्फ़ एक 7 फुट का जायंट लोगों को कैसे प्रभावित करता!
मार्क को तंज और प्रताड़ना भरे स्वरों में यह तक कहा गया कि तुम्हारे अंदर ‘स्टार’ बनने लायक कोई गुण ही नहीं हैं। ऐसा स्वर और भाषा का उस दौर में प्रयोग इसलिए भी हुआ क्योंकि उस समय डब्ल्यूसीडब्ल्यू अपने उरूज पर था और उनके मालिक और उनके मैनेजमेंट का कोई भी कॉम्पिटिशन मार्केट में था नहीं। विंस मैकमैहन का डब्ल्यूडब्ल्यूएफ भी रेसलिंग मार्केट में सिर्फ़ हल्क होगन के प्राइम टाइम पर टिका हुआ था। फैनडम की भाषा में कहा जाए तो यह सब कुछ ‘एटीट्यूड एरा’ से पहले की बात थी। अब दौर आने वाला था ‘मीन मार्क कैलस’ की ‘मीननेस’ का ‘मिस्ट्री’ में बदल जाने का और यह हुआ भी लिटरली ‘फिल्मी’ अंदाज़ में!
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ओले एंडरसन नाम के डब्ल्यूसीडब्ल्यू में ‘फोर हॉर्समेन’ रेसलिंग स्टेबल चलाने वाले रेसलर जो मार्क के सीनियर भी थे और डब्ल्यूसीडब्ल्यू में उच्च पदों में घुसपैठ रखते थे, उन्होंने मार्क से कहा, ‘मार्क तुम एक अच्छे एथलीट हो लेकिन तुम्हारी रेसलिंग देखने के लिए कभी भी कोई पैसा देने तैयार नहीं होगा!’ यह बात मार्क के भीतर ऐसा घात कर गई जिसने मार्क को ‘मृत्युतुल्य’ कष्ट दिया और हम इस किस्से को अलंकृत कर दें तो ‘मीन मार्क कैलस’ की मृत्यु उसी क्षण हो चुकी थी! अब उन्हें वह करना था, जो भाग्य ने उनके लिए तय किया था – ‘राइजिंग फ्रॉम द डेड’!
कैसे पलटी किस्मत?
एंड ही लिटरली रोज फ्रॉम द डेड आफ्टर अ फ्यू ईयर्स! इस दौरान मार्क का लेक्स लुगर से मैच हारना और हिप डिस्लोकेशन होना उनके ऊपर और गहरी चोट कर गया! पर इस वर्तमान की हार ने भविष्य में आने वाली जीत की भूमिका निभाई। डब्ल्यूसीडब्ल्यू ने लेक्स लुगर वाले मैच के बाद मार्क का कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू नहीं किया और मार्क के पास एक ही रास्ता बचा था- वह था आगे का रास्ता तलाश करना। उनके डब्ल्यूसीडब्ल्यू छोड़ने के बाद कुछ समय उन्होंने न्यू जापान प्रो रेसलिंग में काम किया और ‘पनिशर डाइस मॉर्गन’ की भूमिका निभाई! इस दौरान एक आदमी उनके साथ टिका रहा, जिसका नाम था पॉल हेमन। यह वही पॉल हेमन थे जो आगे जाकर डब्ल्यूडब्ल्यूई के उच्च पद पर बैठे और ब्रॉक लेस्नर जैसे सुपरस्टार रेसलर के मैनेजर भी रहे।
अब आया वह दिन जब एक मीटिंग के लिए मार्क को बुलाया गया। कहा जाता है कि इस मीटिंग के पीछे दो लोगों का हाथ था, पहला- हल्क होगन जो एक हॉलीवुड फ़िल्म में मार्क के साथ एक सीन शेयर कर चुके थे और मार्क की ऑनेस्टी के क़ायल थे और दूसरे थे पॉल हेमन।
यह मीटिंग वैसे तो आधे घंटे शेड्यूल की गई एक नॉर्मल स्काउट सेट अप मीटिंग थी; पर यह चली पूरे 4 घंटे तक! यह मीटिंग थी मार्क और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ चेयरमैन- विंस मैकमैहन के बीच, जिस मीटिंग ने मार्क के आगे आने वाले रेसलिंग कैरियर को बना दिया– वन ऑफ अ काइंड! मार्क से ‘द अंडरटेकर’ बनने के सफ़र की यह तो बस शुरुआत थी। इस 4 घंटे की मीटिंग में विंस को मार्क में वह दिखा जो आजतक किसी में नहीं दिखा था – ‘द फाइटिंग स्पिरिट!’
विंस अपने अंदाज़ में कहते हैं कि ‘द अंडरटेकर’ कोई काल्पनिक पटकथा नहीं थी जो हमने मंच पर दर्शाई थी। वह एक 7 फुट लंबे ज़िंदादिल इंसान की कहानी थी जो मौत को भी हरा कर बार-बार वापस लौट सकता था अपनी ज़िंदादिली का परिचय देते हुए। बस उसका अंदाज़ थोड़ा निराला था और यह बात ‘सोना तपकर कुंदन’ बनने जैसे तब सत्य हुई जब बच्चे तक ‘हल्क होगन’ के बाद अंडरटेकर से डरने की बजाए उनकी एंट्री का वेट किया करते थे और उनके अपीयरेंस से लेकर रेसलिंग मूव्स को कॉपी करने लगे थे। विंस को मार्क – द जायंट के भीतर छिपे ‘प्रेमी व्यक्तित्व’ से भाव-लगाव हो चुका था और वह उस मीटिंग में ये जान चुके थे कि कुछ भी हो जाए, यह आदमी मेरा साथ कभी नहीं छोड़ेगा और आगे जाकर ऐसा हुआ भी जब मार्क को ‘द अंडरटेकर’ बनने के बाद कई रेसलिंग फाउंडेशन्स ने सिर्फ़ अपीयरेंस के लिए मुंह मांगा पैसा ऑफर किया और उन्होंने हंसते-हंसते उस पैसे को ठुकरा भी दिया और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ का एक कैरेक्टर कॉपीराइट ‘द अंडरटेकर’ के रूप में एस्टेब्लिश किया!
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इस सफ़र में यह बतलाना ज़रूरी है कि ‘द अंडरटेकर’ हैं कौन?
इसके पीछे छिपी हैं अटकलों से भरी वे मनोरम कहानियाँ जो स्कूल में डब्ल्यूडब्ल्यूई के हर मेन इवेंट के बाद डिस्कस हुआ करती थीं। अंडरटेकर वापिस ज़िंदा हो जाएगा! देख लेना! अंडरटेकर का भाई भी है जो पूरा जल गया था! अंडरटेकर कभी मर ही नहीं सकता और न जाने क्या-क्या! (पॉज) असल में अंडरटेकर की दुनिया रची गई थी विंस और मार्क की उस मीटिंग में। अंडरटेकर - ‘द फेनॉम’ का डेब्यू हुआ नवंबर 1990 की डब्ल्यूडब्ल्यूएफ सर्वाइवर सीरीज में अंडर द कैरेक्टर नेम ‘केन द अंडरटेकर’। बाद में ‘केन’ नाम को ड्रॉप कर दिया गया। अपने सबसे पहले टेलिवाइज्ड मैच - फोर ऑन फोर एलिमिनेशन टैग टीम मैच में उन्होंने टेड डिबियासी की मिलियन डॉलर टीम में चौथे सदस्य की तरह जॉइन किया और अपने ओपोनेंट कोको बी वेयर को एक नए नवेले सिग्नेचर मूव- टॉम्बस्टोन पाइल ड्राइवर से मात्र एक मिनट में चित कर दिया था। यह रेसलिंग मूव उस समय से पहले कभी देखा नहीं गया था और अंडरटेकर का बॉडी पर दोनों हाथ रखकर पिन करना भी उससे पहले कोई सोच नहीं सकता था। लोगों के भीतर सर्वाइवर सीरीज में इस मैच को देखकर ‘द अंडरटेकर’ के प्रति एक कनेक्शन बन चुका था। बच्चे तो उनकी एंट्री पर ही भौचक्के हो चुके थे और इसी के साथ अंडरटेकर– द कल्ट उदय हो गया था।
अंडरटेकर का पहनावा भी पुरानी वेस्टर्न फिल्म्स के ताबूत बनाने वाले कैरेक्टर्स, जॉन कारपेंटर की हैलोवीन फिल्म्स के कैरेक्टर माइकल मायर्स और क्लिंट ईस्टवुड के वेस्टर्नर्स किरदारों से भी इंस्पायर्ड था। मार्क ने इन कैरेक्टर्स को स्टडी किया था और उससे अपने कैरेक्टर में डेप्थ डाली -अपने उन छोटे छोटे एक्शन्स या कैरेक्टर स्टोरी बिल्डिंग से। जैसे उदाहरण दिया जाए तो – अंडरटेकर टेलीपोर्टेशन का इस्तेमाल कर सकता है, अंडरटेकर किसी की भी ‘आत्मा’ को अपने पास खींचकर स्टोर कर सकता है, आग और लाइट पर अपना कंट्रोल होना और सबसे अहम था उनका ओपोनेंट के फिनिशिंग मूव को झेलकर ‘वेक अप’ करना! इस एक्ट ने लगभग पूरे रेसलिंग जगत में खलबली सी मचा दी थी और वहीं से यह मुहावरा भी चल पड़ा – 'यू कैन नेवर पिन द डेडमैन- ही विल राइज फ्रॉम द एशेज़।'
इसी दौरान ‘द अंडरटेकर’ का मैनेजर भी चेंज हुआ। उनके इस एक्ट में मैनेजर की भूमिका बहुत अहम थी क्योंकि अंडरटेकर का कैरेक्टर एकदम कम और ज़रूरत की बात बोलता था और बहुत बारी तो सिर्फ़ उसका वह ‘गोइंग फॉर द किल’ वाला इशारा या आईबॉल्स का ऊपर उठ जाना ही काफ़ी होता था। ये दोनों कैरेक्टर ट्रेट्स हर बच्चे ने स्कूल में डेडमैन को दर्शाने के लिए अपना ली थीं। खैर लोगों के मन में भूमिका बनाने का काम तो हो चुका था पर उस भूमिका को पुनुरुक्त करने का सारा काम -मैनेजर का ही था और इस नए दौर में उनके पुराने मैनेजर ब्रदर लव को रिप्लेस किया पॉल बेयरर ने! जिन्हें सब ‘द ऐश मैन’ या ‘द अर्न गाय’ के नाम से भी जानते हैं। अगर रेसलिंग हिस्ट्री में द अंडरटेकर को भुलाना मुश्किल होगा तो उनके मैनेजर पॉल बेयरर को भुलाना नामुमकिन ही है। पॉल ने आकर ‘द अंडरटेकर’ कैरेक्टर को इतना पुश दिया कि लोग हतप्रभ रह गए। पॉल एक अर्न लेकर डोलते थे, जिसमें कहा जाता था कि अंडरटेकर की स्पिरिट क़ैद है। पॉल हर मैच में उस राख के मटके से अंडरटेकर की स्पिरिट बुलाते थे और ‘द डेडमैन’ साक्षात प्रकट हो जाते थे! इस कैरेक्टर यानी पॉल बेयरर का लोग बेसब्री से इंतज़ार किया करते थे। जैसे कोई सन्तति प्राप्त व्यक्तित्व से अपनी माँग पूरी करने के लिए भिक्षा की माँग कर रहा हो। ऑडियंस- ‘द अंडरटेकर’ के प्रकट होने की माँग करती थी और वह माँग तत् क्षण/ तुरंत पूरी हो भी जाया करती थी।
अंडरटेकर ने कैसे सबको हैरान किया?
इस समय के चक्के में अपने सभी 80 से 90-के दशक के किड्स और आज की जेनरेशन को अंडरटेकर के ‘कास्केट मैचेस’ के बारे में बताना बहुत ज़रूरी है। इन मैचेस की शुरुआत अंडरटेकर ने ही की थी। इस मैच में आपको अपने ओपोनेंट को एक ताबूत यानी कॉफिन में बंद करना होता है और जीत आपकी मुट्ठी में! सबसे पहला मैच हुआ 1992 की सर्वाइवर सीरीज में - अंडरटेकर और कमाला के बीच, जो चला महज़ 5 मिनट 27 सेकंड तक। अंडरटेकर इस मैच के विजेता बने। यह दुनिया में सबसे पहला टेलिवाइज्ड कॉफिन मैच था। इस मैच के बाद लोगों में अंडरटेकर के प्रति भय और उन्हें देखने की उत्सुकता और बढ़ गए थे।
अगले ही साल अंडरटेकर ने योकोज़ुना को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ चैंपियनशिप के लिए चैलेंज किया। यह मैच आज भी रेसलिंग हिस्ट्री में और लाइव और टेलिवाइज्ड ऑडियंस के ज़ेहन में दर्ज है। जैसे दो प्रबल शक्तियां आपस में रेसलिंग के तारामंडल में धूमकेतुओं की तरह टकरा गईं हों! इस मैच में योकोज़ुना ने बाक़ी रेसलर्स की मदद से अंडरटेकर को ताबूत में बंद कर दिया था और यह मैच अपने नाम कर लिया था। इसी दौरान एक मिस्टिरियस घटना घटी, कॉफिन में बंद होने के बाद वीडियो स्क्रीन पर अंडरटेकर की आत्मा आती है और एक आकाशवाणी होती है सबको चेताते हुए कि अंडरटेकर वापिस लौटेगा! ही विल रिजरेक्ट! ये रिजरेक्ट गिमिक ज़रूरी था! क्यूंकि कुछ समय पहले मार्क को बैक में इंजरी हो गई थी और उन्हें रिकवर करने का समय चाहिए था।
थोड़े समय बाद WWF में एक और हैरान कर देने वाला वाक्या हुआ! टेड डिबियासी, जिनके मिलियन डॉलर टीम का अंडरटेकर हिस्सा हुआ करते थे, उन्होंने अपना एक अंडरटेकर रिंग में बुलाया और सबको बताया कि जिस अंडरटेकर की तुम पूजा कर रहे हो, उससे ज़्यादा शक्तिशाली तो मेरा अंडरटेकर है। अब वह अंडरटेकर रिंग में आता है और बेसिक टेक्नीक्स जैसे ‘लाइट ऑन-ऑफ’ होने का इस्तेमाल करता है। पॉल बेयरर उस समय रिंग में होते हैं और वह ऑडियंस से गुहार लगाते हैं कि इस अंडरटेकर पर कोई भरोसा न करे, यह असली नहीं है। ऑडियंस भी पॉल के साथ है और इस अंडरटेकर को ‘अंडरफेकर’ का नाम दिया जाता है। पॉल पर इस धूर्त अंडरटेकर के अटैक होने से पहले ही कम्पलीट लाइट्स ऑफ हो जाती हैं जैसे ओरिजिनल अंडरटेकर की आत्मा पॉल की रक्षा को आ गई हो और अंडरफेकर को मुंह की खानी पड़ती है। अब अगले समर्सलैम मेन इवेंट की घोषणा होती है और प्राइम टाइम मैच घोषित होता है द अंडरटेकर वर्सेस द अंडरटेकर। हम फैंस के लिए ‘द अंडरटेकर वर्सेस द अंडरफेकर’। इस मैच में ‘द अंडरफेकर’ -3 टॉम्बस्टोन पाइल ड्राइवर्स खा कर परलोक सिधार जाता है और इस कैरेक्टर का परमानेंटली देहावसान हो जाता है। यह उस दौर का डब्ल्यूडब्ल्यूएफ का सबसे महंगा और प्रॉफिटेबल पे पर व्यू बन गया था। विंस और मार्क की जोड़ी – कमाल कर रही थी!रेसलमेनिया की बात हो और अंडरटेकर का ज़िक्र न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता और एक चीज़ जो इस रेसलिंग की दुनिया के कालखण्डों का मापदंड बनती है वह है - अंडरटेकर की ‘रेसलमेनिया स्ट्रेक’!
दिल तोड़ने वाला मैच
आज के समय में जब स्नैपचैट की स्ट्रेक बनाने का चलन है और उसके अचानक टूट जाने से इस दुनिया में ‘इमोशनल ट्रॉमा’ जैसे शब्द फूट-फूटकर ज़ुबान पर आने लगते हैं और लोगों का आपसी भरोसा टूट जाता है, ठीक वैसे तो नहीं पर उससे कई गुना ज़्यादा प्रभाव हुआ था- उन यादों में ये बोल उस समय गूंज रहे थे, 'सीने में जलन-आखों में तूफ़ान सा क्यों है? इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यों है?' लोगों की शादियां टूटने तक की नौबत आ गई थी और जो बच्चे अब जवानी के कदम चूम चुके थे उन्होंने अपनी WWF ट्रम्प कार्ड्स की गड्डी को अपनी अलमारियों और घर के सूने कोनों में दफ़्न करने की ठान ली थी! हुआ यूं कि नब्बे के दौर में जब यह अंडरटेकर की ‘रेसलमेनिया स्ट्रेक’ शुरू हुई तो हर ‘फैन’ को यह भरोसा था कि नो वन विल बी एबल टू ब्रेक “द डेडमैन’ एस” स्ट्रेक! इस स्ट्रेक को आपके सामने जल्दी से रखें तो द अंडरटेकर ने रेसलमेनिया में भांति-भांति के दिग्गजों को पटखनी दी थी। शुरुआत हुई थी – 1991 के रेसलमेनिया 7 से जब जिमी स्नुका को अंडरटेकर ने हराया था। उसके बाद तो जैसे हर रेसलमेनिया मेन इवेंट में अंडरटेकर की जीत की झड़ी लग गई थी।
जेक ‘द स्नेक’ रॉबर्ट्स, जायंट गोंजालेज, किंग कांग बंडी, डीजल, साइको सिड और आगे आने वाले तमाम नई जेनरेशन के रेसलर्स जैसे ट्रिपल एच, शॉन माइकल्स, रैंडी ऑर्टन, बटिस्टा, इत्यादि। कोई भी अंडरटेकर को रेसलमेनिया में नहीं हरा पाया था! एक तरह से कहा जाए तो रेसलमेनिया, डब्ल्यूडब्ल्यूई के सबसे बड़े इवेंट में तब्दील हो गया था अंडरटेकर की विनिंग स्ट्रेक की वजह से। एक कारण यह भी था कि एक समय बाद अंडरटेकर अपने दर्शन ही इस ‘मेन इवेंट’ में देते थे। बच्चों से लेकर बुजर्गों तक के इमोशन्स अंडरटेकर की जीत से जुड़ चुके थे पर जैसा कि मैंने पहले एननशिएट किया- आज के ज़माने में स्नैपचैट की स्ट्रेक टूटने भर से यूथ का चेहरा मायूसी और गुस्से से भर जाता है और लोग एक-दूसरे को दूर हटाना शुरू कर देते हैं; उससे कहीं ज़्यादा बड़ा सदमा फैंस और ऑडियंस को तब लगा था जब अंडरटेकर की ये रेसलमेनिया स्ट्रेक ब्रॉक लेस्नर ने 6 अप्रैल 2014 को रेसलमेनिया 30 में तोड़ दी थी। कुछ फैंस ने तो उसे ‘ब्लैक मेनिया’ भी घोषित कर दिया था और डब्ल्यूडब्ल्यूई मैनेजमेंट से नाराज़ होकर उस दिन के बाद से लाइव रेसलिंग न देखने का निर्णय कर लिया था।
यह स्ट्रेक जेनरेशन्स दर जेनरेशन्स तक चलने के बाद टूटी थी। यह विंस मैकमैहन की दूरदर्शिता थी या सिर्फ़ एंटरटेनमेंट के नाम पर एक भद्दा मज़ाक- यह कोई बूझ ही नहीं पा रहा था। रेफरी के 3 काउंट होने तक सबको लगता रहा कि डेडमैन विल राइज, बट ही नेवर रोज! लोगों की आंखें फटी रह गईं थी कि ऐसा कैसे हो सकता है! पर ऐसा हो चुका था – अंडरटेकर -रेसलमेनिया में किसी से हार नहीं सकता, यह विश्वास टूट चुका था! हालांकि, आज इंटरनेट के ब्रेकथ्रू ज़माने में विंस ने ख़ुद स्टोन कोल्ड स्टीव ऑस्टिन की पॉडकास्ट पर कहा कि निर्णय पूरा उन्हीं का था और अब इस नई जेनरेशन को एक नया सितारा चाहिए था जो पूरे रेसलिंग रोस्टर में ब्रॉक लेस्नर के अलावा कहीं दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रहा था। सो यह फैसला लिया गया और मार्क की इसमें पूर्ण सहमति थी। उन्होंने यह भी कहा कि मार्क जैसा और कोई नहीं है जो बिजनेस को इतना कुछ कमाने के बाद दोगुना वापस भी देते हैं। इमोशनल फैंस में इसको लेकर विंस के प्रति कटुता का भाव भी आया और कई लोगों ने तो इसे ‘पैसे कमाने की हवस’ तक की उपमा दे दी। जो लोग विंस की दूरदर्शिता के कायल थे, उनका आज कहना है कि भले ही स्ट्रेक 2014 में टूट गई हो लेकिन वह मैच आज भी रेसलिंग हिस्ट्री में उन गिने चुने मैचेस में से है जो काफ़ी ज़्यादा डिजिटल व्यूज और पैसा कमाकर डब्ल्यूडब्ल्यूई को दे रहा है। उस मैच पर डायरेक्टर कट से लेकर डॉक्यूमेंट्रीज़ भी बनाए जा चुके हैं।
खैर आज तो यह प्रथा जग ज़ाहिर है कि ‘कंटेंट इज एवरीथिंग एंड एवरीथिंग इज कंटेंट!’ पर जो बच्चे 9० के दशक से चलकर अपने 20 के यौवन में ये सब देख रहे थे, उनके इमोशन्स उनपर हावी हो रहे थे। उस दौर में जो बच्चे अंडरटेकर को बरीड अलाइव मैचेस से लेकर बॉयलर रूम ब्रॉल मैचेस और नो डिसक्वालिफिकेशन मैचेस से लेकर हेल इन अ सेल मैचेस में ऐसे-ऐसे खून और तिलिस्म भरे मैचेस में देख चुके थे, उनका अंडरटेकर कैसे हार सकता था!
अंडरटेकर का भाई
उसी यादों की पोटली में से एक और कहानी निकलती है जब अंडरटेकर का भाई आया था! कुछ याद आया? उसका नाम था केन! केन 1997 के हेल इन अ सेल मैच में पहली बार लोगों को दिखे थे पर उनकी कहानियाँ ‘आग’ की तरह और ‘आग के ज़रिए’ बहुत पहले से ऑडियंस के दिमाग़ में फिट कर दी गईं थीं। वेब सीरीज की कैरेक्टर बिल्डिंग तो घंटों में होकर निपट जाती है, पर केन की कैरेक्टर बिल्डिंग उनके सबको दिखाई देने से कई सालों पहले से हो रही थी। हुआ यूं कि रेसलमेनिया 13 की जीत से पहले पॉल बेयरर और अंडरटेकर के कैरेक्टर्स के बीच कॉन्फ्लिक्ट लाने के लिए थोड़ी आपसी नोक-झोक दिखाई गई और बेयरर कुछ समय के लिए अंडरटेकर से अलग हुए। इस इवेंट के बाद पॉल बेयरर ने सबके सामने एलान किया कि वह अंडरटेकर का सबसे बड़ा ‘सीक्रेट’ जानते हैं और अंडरटेकर उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
उन्होंने सबको यह बताया कि अंडरटेकर असल में एक ‘ख़ूनी’ हैं जिसने अपने बचपन में अपने छोटे भाई और अपने माता-पिता का क़त्ल कर दिया था और अपने फैमिली फ्यूनरल होम बिजनेस को जला दिया था।
पॉल यह तक कहते हैं कि उनका छोटा भाई अभी ज़िंदा है! वह बहुत बुरी तरह से जल चुका था और पॉल ने उसे पाल-पोसकर बड़ा किया। अब वह अंडरटेकर से अपना बदला लेने के लिए तैयार है! इसके बाद अंडरटेकर यह क्लेम करता है कि ऐसा हो नहीं सकता क्यूंकि वह केन ही था जिसने आग लगाई थी और उसी फ्यूनरल होम में आग चपेट में आकर जल गया था। यहां से केन और आग का रिश्ता जस्टिफाई हो गया था और आने वाले समय में केन ने पॉल के साथ मिलकर अंडरटेकर को काफ़ी सारी फाइट्स में नुक़सान पहुचाया! अंडरटेकर अपने भाई से लड़ना नहीं चाहते थे, यह भी एक कैरेक्टर बिल्डिंग का तरीका था। एक दफ़ा तो केन ने शॉन माइकल्स के ख़िलाफ़ कास्केट मैच में अंडरटेकर को कास्केट में डालकर आग तक लगा दी थी! और जब उस कास्केट को खोला गया तो अंडरटेकर उस कास्केट से ग़ायब थे! यह सब मिस्ट्री और तिलिस्म का खेल तबतक चलता रहा जबतक केन और अंडरटेकर आमने-सामने नहीं आए रेसलमेनिया 14में!
इस मैच को और भी रोमांचक और अद्वितीय बनाने के लिए – इस मैच का नाम दिया गया ‘सबसे पहला ‘इन्फर्नो मैच’। यह सब जिन्होंने लाइव ऑडियंस में बैठकर देखा था उनके लिए ये मैच ज़िंदगी के यादगार पलों में से एक बन गया था जब चारों तरफ़ आग ही आग और अलग तरह की पायरो टेक्नीक्स का इस्तेमाल करके डब्ल्यूडब्ल्यूई ने खूब टिकटें बटोरीं थीं और अंत में अंडरटेकर ने केन के एक हाथ पर आग लगा दी थी। इस मैच में सभी तरह की सावधानियों का ख्याल रखा गया था और मार्क और ग्लेन थॉमस जैकब्स – जो केन का किरदार निभा रहे थे, उन दोनों ने इसका खूब अभ्यास भी किया था। लोगों के लिए लाइव एंटरटेनमेंट और टेलिवाइज्ड एंटरटेनमेंट में यह मैच एक अमिट छाप छोड़ चुका था। बच्चों में भी गुट बन गए थे। कोई कह रहा था वह केन की तरफ़ है और वह ज़्यादा ताकतवर है और कोई कह रहा था कि ताक़त और तिलिस्म का असली बादशाह तो अंडरटेकर ही है!
खैर आगे जाकर इन दोनों ने जोड़ी बनाकर साथ मैचेस भी लड़े और टैग टीम मैचेस में इस जोड़ी ने भी अपनी जीत की स्ट्रेक बनाई। हिंदुस्तान में यह फिल्मी दुनिया की बहुचर्चित जोड़ियों के साथ रेसलिंग की एक चर्चित जोड़ी बन चुकी थी। रेसलिंग की झलकियां उस दौरान बॉलीवुड में भी देखने को मिली जब 1996 में अक्षय कुमार, रेखा और रवीना की फ़िल्म आई- ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’! इस फ़िल्म में डब्ल्यूडब्ल्यूई के 2 कैरेक्टर्स ‘क्रश’ और ‘द अंडरटेकर’ ने बॉलीवुड में डेब्यू किया। मार्क उस समय अवेलेबल नहीं थे और उन्होंने इस किरदार के लिए ज़्यादा रुचि नहीं दिखाई। अब मेकर्स के पास ज़्यादा विकल्प थे नहीं और उन्हें चाहिए था एक ऐसा चेहरा जो अंडरटेकर की तरह दिखे और उसे रेसलिंग भी आती हो। इससे एक और तार जुड़ा – आपको अंडरफेकर तो याद है ना? अंडरफेकर का किरदार डब्ल्यूडब्ल्यूई में ब्रायन ली ने निभाया था। ब्रायन ली को इस फिल्म के लिए अप्रोच किया गया और अंडरटेकर के रूप में इस फ़िल्म में लाया गया।
खिलाड़ियों का खिलाड़ी में एक और डब्ल्यूडब्ल्यूई सुपरस्टार एक रेसलर की तरह ऐड हुए जिनका नाम था ब्रायन एडम्स जो डब्ल्यूडब्ल्यूई में ‘क्रश’ की भूमिका निभाते थे। इस फ़िल्म में भी अंडरटेकर के कभी न मरने और हारने वाले कैरेक्टर स्टोरीलाइन को पकड़कर रखा गया था और सभी के चहेते ‘सीधे साधे अक्षय’ के लिए यह चैलेंज था कि अंडरटेकर को हराना और उनका खात्मा करना बस उन्हीं के बस की बात थी और अंत में जब हीरो अंडरटेकर का अंत कर देता है और ऑडियंस थिएटरों में झूम उठती है! इस फ़िल्म का वीसीआर सेल्स रिकॉर्ड अपने आप में आसमान छू चुका था। अंततः यह फ़िल्म इन सभी एडिशन्स की वजह से बॉक्स ऑफिस सुपरहिट बनी और एशियन मैप पर भी इस फ़िल्म ने काफ़ी कमाई की। आने वाले कई दशकों में फिर बॉलीवुड और टेलिविजन ने डब्ल्यूडब्ल्यूई की ओर अपना रुख मोड़ा और कुर्त एंगल जैसे कई सुपरस्टार्स ने यहाँ आकर काम भी किया। अक्षय कुमार को लेकर और भी फिल्में बनी जैसे ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’, मिस्टर एंड मिसेज़ खिलाड़ी जिसमें रेसलिंग डायरेक्टली या इंडायरेक्टली इन्वॉल्व्ड थी।
अंडरटेकर ने बदला अपना स्टाइल
अब मिलेनियम बदला और सारी दुनिया ने एक नई लीप ली। वर्ल्ड रेसलिंग फेडरेशन अब वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट बनने जा रहा था। पहले के दौर में ट्रम्प कार्ड्स से ज़्यादा अब ओरिजिनल मर्चेंडाइज का चलन आ चुका था। वे बच्चे जो ट्रम्प कार्ड्स खेला करते थे, वे भी अब युवा अवस्था में आ चुके थे और इंडियन टेलिविजन पर रॉ इज वॉर और स्मैकडाउन -टेन स्पोर्ट्स पर हर हफ़्ता दिखाई देने लगे थे। सैटेलाइट और केबल टीवी के इस मिलेनियम लीप के साथ, अंडरटेकर ने भी अपना अवतार बदला और अपनी मिनिस्ट्री ऑफ डार्कनेस को पीछे छोड़कर वह आगे बढ़े अपने अमेरिकन बैड एस के अवतार में। इस गिमिक में उन्होंने हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल, स्टील की चेन और एक टूर राइडिंग बाइकर का गेट अप लिया। माथे पर बैंड बांधा और अपने फिनिशिंग मूव टॉम्बस्टोन पाइल ड्राइवर को इवॉल्व किया राइड इलिवेटेड पावर बॉम्ब में। यह अवतार भी लोगों को पसंद आया! कहा गया कि अपनी बाइसेप्स इंजरी के चलते उन्होंने चोकस्लैम का इस्तेमाल कम कर दिया और विंस ने ही इस गेटअप और मूव को उन्हें दर्शकों के समक्ष रखने को कहा। इस दौर तक लोग जान चुके थे कि रेसलिंग एंटरटेनमेंट पर्पस के लिए ही है और आगे आने वाले स्टार्स जैसे द रॉक, कुर्त एंगल, स्टोन कोल्ड स्टीव ऑस्टिन, ट्रिपल एच और उनके कैरेक्टर गिमिक्स लोगों को भाने लगे थे।
इसी दौर में विंस ने अंडरटेकर के कैरेक्टर को समर्थन देने के लिए ख़ुद मैदान में आना ठीक समझा और विंस एंड फैमिली वर्सेस द अंडरटेकर की स्टोरीलाइन भी सभी के सामने आई। पीछे के सुपरस्टार्स जिनमें से एक नोटेबल नाम रिक फ्लेयर का भी था, उन्होंने भी साइड कैरेक्टर्स अपना लिए थे और इस एरा का भाग बन गए थे। रेसलिंग इवॉल्व हो रही थी कम्पलीट एंटरटेनमेंट गिमिक में और इसका सीधा फ़ायदा मिल रहा था विंस मैकमैहन को। उसी दौर में यह फ़ैसला आया कि अंडरटेकर को अब सिर्फ़ मेन इवेंट्स में ही यूज किया जाए और वह अपनी रेसलमेनिया स्ट्रेक को डिफेंड करने पर ज़्यादा ध्यान दें। यह फैसला भी मार्क और विंस की जोड़ी ने साथ मिलकर लिया था। मार्क जैसे विंस के लिए ‘हीरे की खदान’ बन चुके थे! साल में एक बार अंडरटेकर को देखने रेसलमेनिया की टिकटों की सेल्स और टेलिविजन राइट्स हाथों हाथ बिक जा रहे थे। सन 2007 में मार्क ने डब्ल्यूडब्ल्यूई डिवा मिशेल मैककूल से अपनी तीसरी शादी करने का फैसला किया और उनका इनक्लिनेशन रेसलिंग से ज़्यादा एमएमए की तरफ़ बढ़ा और उन्होंने अपने छोटे मोटे अपीयरेंसेज मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में बतौर ऑडियंस देने भी शुरू किए। मार्क 2009 से ब्राजीलियन जiu-जित्सु सीख रहे थे और उसके कुछ पैंतरे रेसलिंग में भी इस्तेमाल किया करते थे। अब डब्ल्यूडब्ल्यूई ने एक्सपैंड करना था और आने वाले नई रेसलिंग ब्रीड को कोचिंग देनी थी। इसके लिए डब्ल्यूडब्ल्यूई एनएक्सटी का गठन हुआ और ट्रेनिंग की ज़िम्मेदारी सौंपी गई शॉन माइकल्स, ट्रिपल एच को और इस सब को ओवरसी करना और प्रेजेंट करने का भार था मार्क के कंधों पर जिसे वह आजतक बखूबी निभा रहे हैं।
