टी20 वर्ल्ड कप जीत के हीरो संजू सैमसन को किनारे लगा दिए गए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज के दौरान पहले उन्हें प्लेइंग-XI से बाहर किया गया और फिर जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया से ड्रॉप कर दिया गया। संजू को इस तरह से नजरअंदाज किए जाने पर बवाल मचा हुआ है। लोगों का मानना है कि जिस खिलाड़ी ने टी20 वर्ल्ड कप में लगातार 3 यादगार पारियां खेलकर ट्रॉफी दिलाई, उसे कुछ और मौके मिलना चाहिए। इस बीच गौतम गंभीर ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 में मिली करारी हार के बाद गंभीर ने कहा कि उन्होंने संजू को बता दिया है कि उनके साथ ऐसा क्यों हुआ। टीम इंडिया के हेड कोच ने पत्रकारों से कहा, 'संजू सैमसन को जो स्पष्टता दी जानी चाहिए थी, वह उन्हें मुझसे मिल गई है। यह बातचीत हेड कोच और खिलाड़ी के बीच की है। इसे मैं आपके साथ शेयर नहीं कर सकता हूं।' गंभीर ने इसके बाद संजू को बाहर किए जाने पर जो दलील दी, वह उनके गले की फांस बन गई है।
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गंभीर ने क्या-क्या कहा है?
संजू आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों में 5 रन ही बना पाए थे। इसके बाद वह इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में 7 गेंद खेलकर 1 रन ही बना सके। लगातार तीन मैचों में उनके बल्ले से रन नहीं आने के बाद उन्हें प्लेइंग-XI से बाहर कर वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया। गंभीर का मानना है कि संजू का फॉर्म अच्छा नहीं था, जिसके चलते उन्हें ड्रॉप होना पड़ा। गंभीर ने कहा, 'संजू ने खासकर वर्ल्ड कप में जिस तरह का प्रदर्शन किया वह असाधारण था लेकिन कभी-कभी आपको खिलाड़ी की फॉर्म पर भी गौर करना पड़ता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'आखिर में जीत महत्वपूर्ण होती है और हम उस संयोजन के साथ उतरेंगे जिसको लेकर हमें लगता है कि वह हमें जीत दिला सकता है। मेरा शुरू से मानना है कि प्रत्येक खिलाड़ी को टीम में अपनी जगह बनानी पड़ती है।'
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अपने ही बयान में कैसे फंस गए गंभीर?
भारतीय टीम के हेड कोच के बयान के मुताबिक, अगर फॉर्म के आधार पर ही प्लेइंग-XI चुनी जा रही है, तो फिर तिलक वर्मा कैसे खेल रहे हैं? क्या सिर्फ उप-कप्तान होने के नाते उन्हें बाहर नहीं किया सकता? इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में तिलक 3 पारियों में 114.28 के स्ट्राइक रेट से 40 रन ही बना पाए हैं। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ उन्होंने 2 पारियों में 110.44 के स्ट्राइक रेट से 74 रन बनाए थे।
जिम्बाब्वे दौरे के लिए संजू की जगह टीम इंडिया में शामिल किए गए प्रभसिमरन सिंह की फॉर्म भी कुछ खास नहीं है। पंजाब किंग्स यह विकेटकीपर बल्लेबाज IPL 2026 में अपनी आखिरी 5 पारियों में सिर्फ 103 रन ही जोड़ सका था। इसके बाद श्रीलंका में आयोजित हुई वनडे ट्राई सीरीज की 3 पारियों में वह 99 रन ही बटोर पाए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि जब ताजा फॉर्म ही सेलेक्शन का आधार है, तो फिर प्रभसिमरन को क्यों चुना गया? क्या संजू के लिए ही यह मापदंड है?


