टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत में भारतीय टीम की बल्लेबाजी रंग में नजर नहीं आ रही थी। अमेरिका और नीदरलैंड्स जैसी एसोसिएट टीमों के खिलाफ भारत 200 का स्कर नहीं बना सका। इसके बाद सुपर-8 स्टेज में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया 111 पर ही सिमट गई, जिससे उसका टाइटल डिफेंस अभियान खतरे में पड़ा गया था। हालांकि बल्लेबाजों ने सही समय पर लय पकड़ा और अब टीम फाइनल में न्यूजीलैंड से टक्कर लेने वाली है। खिताबी मुकाबला आज (8 मार्च) अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है।

 

भारतीय टीम भले ही पिछले तीन मैचों में दो बार 250 प्लस स्कोर बना चुकी है लेकिन ऑफ स्पिनर अभी भी बड़ा सिरदर्द बने हुए हैं। खासकर अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ऑफ स्पिन के सामने संघर्ष कर रहे हैं। अभिषेक इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में पार्ट-टाइमर विल जैक्स का शिकार बन गए थे। वहीं ईशान इस टूर्नामेंट में 5 बार ऑफ स्पिनर के खिलाफ आउट हुए हैं।

 

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ऑफ स्पिन के सामने टीम इंडिया का बुरा हाल

भारतीय टीम ने इस टी20 वर्ल्ड कप में ऑफ स्पिन के सामने 15 विकेट गंवाए हैं, जो सबसे ज्यादा है। ऑफ स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ टीम इंडिया ने 15.87 की औसत और 120.20 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। ऑफ स्पिनरों के खिलाफ औसत के मामले में भारतीय टीम सबसे फिसड्डी है। वहीं स्ट्राइक रेट की बात करें तो यह सुपर-8 में पहुंचने वाली टीमों में सबसे खराब है।

 

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अभिषेक-ईशान समेत सब परेशान

अभिषेक शर्मा इस टूर्नामेंट में ऑफ स्पिन के सामने 9.67 की औसत और 107.41 के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं। वह 27 गेंद में तीन बार आउट भी हो चुके हैं। वहीं ईशान का ऑफ स्पिनर के खिलाफ औसत महज 13 की है। 

 

अभिषेक-ईशान ही नहीं सूर्यकुमार यादव भी परेशान हैं। सूर्या दाएं हाथ का बल्लेबाज होकर भी ऑफ स्पिन के सामने सिर्फ 114.71 के स्ट्राइक रेट से रन बना पा रहे हैं। बल्लेबाजी क्रम में नीचे धकेले गए तिलक वर्मा की बात करें तो उनका स्ट्राइक रेट और खराब है। ऑफ स्पिनर के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट 97.73 का ही है। हार्दिक पंड्या 8 गेंद में दो बार ऑफ स्पिनर का शिकार बने हैं।

फाइनल में बदलेगी कहानी?

ऑफ स्पिन के सामने भारतीय टीम की कमजोरी को देखते हुए न्यूजीलैंड की टीम इसका जरूर फायदा उठाना चाहेगी। हालांकि उसके पास कोले मैककॉन्ची और ग्लेन फिलिप्स के रूप में पार्ट-टाइमर ही हैं लेकिन टीम इंडिया के लचर प्रदर्शन को देखते हुए ये भी भारी पड़ सकते हैं। मैककॉन्ची ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में एक ही ओवर में क्विंटन डिकॉक और रायन रिकलटन का विकेट लेकर न्यूजीलैंड को मैच में आगे कर दिया था। वहीं फिलिप्स 5 पारियों में 3 विकेट झटक चुके हैं।

 

टीम इंडिया को ट्रॉफी जीतने के लिए अपनी इस कमजोरी से निपटना ही होगा। टॉप-3 में दो लेफ्ट हैंडर होने के चलते संजू सैमसन को अतिरिक्त जिम्मेदारी लेनी होगी और उनका काम ऑफ स्पिनर्स को सेटल नहीं होने देना होगा। 

 

भारतीय टीम अगर चाहे तो सेमीफाइनल की तरह शिवम दुबे को बैटिंग ऑर्डर में प्रमोट कर सकती है, जो इस टूर्नामेंट में ऑफ स्पिन के सामने एक बार भी आउट नहीं हुए हैं। हालांकि इसमें रिस्क भी होगा, क्योंकि संजू या सूर्या में से कोई एक क्रीज पर नहीं रहता है तो एक साथ दो-दो लेफ्ट हैंडर बल्लेबाजी करते दिख सकते हैं, जो ऑफ स्पिनर्स के लिए परिस्थितियां फिर से अनुकूल बना देगा।

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-XI:

भारत - अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती/कुलदीप यादव/मोहम्मद सिराज

 

न्यूजीलैंड - टिम साइफर्ट (विकेटकीपर), फिन एलन, रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डेरिल मिचेल, मिचेल सैंटनर (कप्तान), कोले मैककॉन्ची, जिमी नीशम/जैकब डफी, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन