इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) दूसरे सबसे बड़े पर्स के साथ उतरी थी। उसके पास 43.40 करोड़ रुपये बचे हुए थे। पिछले सीजन आखिरी स्थान पर रहने के बाद CSK ने मथीशा पथिराना, डेवोन कॉनवे और राहुल त्रिपाठी समेत 10 खिलाड़ियों को रिलीज किया था। साथ ही उसने रवींद्र जडेजा और सैम करन को राजस्थान रॉयल्स के साथ ट्रेड कर संजू सैमसन को अपनी टीम में शामिल किया था। बड़ी रिलीज लिस्ट के बाद ऑक्शन में CSK के पास कोलकाता नाइट राइडर्स के बाद सबसे ज्यादा पैसे थे।

 

समझा जा रहा था कि CSK ऑक्शन में IPL 2025 की कमियों को दूर करेगी और नए सीजन में बेहतर टीम बनकर उतरेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 41 करोड़ रुपये फूंकने के बावजूद वह एक अच्छे विदेशी तेज गेंदबाज को खरीदने में नाकाम रही, जिसके चलते उसे लगातार तीसरे सीजन में मुंह की खानी पड़ी। फ्रेंचाइजी ने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी और जैक फाउल्क्स पर दांव लगाया था। हेनरी 3 मैचों में 2 विकेट ले पाए। वहीं फाउल्कस को प्लेइंग-XI में शामिल करने लायक नहीं समझा गया। इस पेस बॉलिंग ऑलराउंडर ने पूरा सीजन बेंच पर बिताया। ऐसे में सवाल उठता है कि जब उन पर भरोसा ही नहीं था, तो CSK ने उन्हें खरीदा ही क्यों?

 

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अनकैप्ड करोड़पतियों ने किया निराश

CSK ने प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा जैसे अनकैप्ड खिलाड़ियों पर 28.40 करोड़ रुपये खर्च किए थे। दोनों को 14.20-14.20 करोड़ रुपये में खरीद CSK ने उन्हें IPL इतिहास का सबसे महंगा अनकैप्ड खिलाड़ी बनाया था लेकिन मैदान पर उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज कार्तिक 11 पारियों में 136.57 के स्ट्राइक रेट से 295 रन ही बना पाए। उन्होंने कुछ अच्छी पारियां जरूर खेली लेकिन वह अपनी कीमत को जस्टिफाई नहीं कर पाए।

 

जडेजा का रिप्लेसमेंट माने जा रहे प्रशांत वीर तो और बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुए। वह 5 पारियों में सिर्फ 90 रन ही जोड़ पाए। वहीं उन्हें सिर्फ एक मैच में गेंदबाजी दी गई, जिसमें वह 2 ओवर में 25 रन खा बैठे। खराब प्रदर्शन के चलते वह कभी CSK की टीम का रेगुलर हिस्सा नहीं बना पाए।

 

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खिलाड़ियों की चोट ने CSK को किया परेशान

IPL 2026 के आगाज से पहले ही CSK को उस समय करारा झटका लगा, जब नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग की चोट के चलते पूरे सीजन से बाहर हो गए। एलिस के बाहर होने से CSK की डेथ ओवर्स की गेंदबाजी कमजोर हो गई, जिसने उसे पूरे सीजन तंग किया। खलील अहमद और आयुष म्हात्रे भी शुरुआती कुछ मैच खेलने के बाद चोटिल हो गए। वहीं डेवाल्ड ब्रेविस चोट के कारण शुरुआती मैचों में नहीं खेले। पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी इंजरी से जूझते रहे।

 

इंजर्ड खिलाड़ियों की लंबी होती लिस्ट के बीच CSK ने 11 में से 6 मैच जीतकर प्लेऑफ के लिए दावा ठोका लेकिन ऐन वक्त पर जेमी ओवरटन को जांघ में चोट लग गई। ओवरटन की चोट CSK के लिए इतनी घातक साबित हुई कि उनके स्वदेश लौटने के बाद यह टीम अपने आखिरी तीनों लीग मैच हार गई और एक बार फिर प्लेऑफ में पहुंचने में नाकाम रही।

फेल हुए कप्तान ऋतुराज

कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ की फॉर्म ने CSK का सबसे ज्यादा बेड़ा गर्क किया। ऋतुराज 14 पारियों में महज 123.44 के स्ट्राइक रेट से 273 रन ही बना पाए। उनके बल्ले से एक भी इम्पैक्टफुल पारी नहीं आई। उन्होंने सीजन खत्म होते-होते खुद को नंबर-3 पर भी धकेला लेकिन यह दांव भी काम नहीं आया।